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ऑस्ट्रेलिया में जुटे 19 देशों के सैनिक, चीन के माथे पर बल

19 देशों और 35000 से ज्यादा सैन्यकर्मियों के साथ ऑस्ट्रेलिया ने शुरु किया है सबसे बड़ा युद्धाभ्यास. ‘टैलिसमैन सेबर’ के नाम से शुरु की गई एक्सरसाइज पर चीन की टेढ़ी नजर है. बताया जा रहा है कि चीन के जासूसी जहाज ने इस मल्टीनेशन मिलिट्री एक्सरसाइज की निगरानी की है. ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री पैट कॉनरॉय ने चीन पर तंज कसते हुए कहा है कि चीन साल 2017 से ही निगरानी कर रहा है. अगर चीन जासूस न करे, तो असामान्य बात होगी.

शोलवाटर बे प्रशिक्षण क्षेत्र में शुरु हुआ सबसे बड़ा अभ्यास

रविवार को सिडनी में एक समारोह के साथ टैलिसमैन सेबर एक्सरसाइज की शुरुआत की गई है. तीन सप्ताह तक चलने वाला ये सैन्य अभ्यास आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य के शोलवाटर बे प्रशिक्षण क्षेत्र में शुरु हुआ है. कार्यक्रम में अमेरिकी सेना प्रशांत के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जेबी वॉवेल और ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त संचालन प्रमुख वाइस-एडमिरल जस्टिन जोन्स शामिल हुए.

अभ्यास के दौरान एम142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी राकेट सिस्टम से मिसाइलें लांच कीं.

आपको बता दैं कि ‘टैलिसमैन सेबर’ की शुरुआत 2005 में अमेरिका और आस्ट्रेलिया के बीच द्विवार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास के रूप में हुई थी. इस बार सैन्य अभ्यास में 19 देशों के 35 हजार से अधिक सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं.

सैन्य अभ्यास में कौन-कौन से देश शामिल हैं

ऑस्ट्रेलिया में चल रही टैलिसमैन सेबर एक्सरसाइज में भारत, कनाडा, फिजी, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नार्वे, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, थाईलैंड, टोंगा और ब्रिटेन शामिल हैं.

वहीं मलेशिया और वियतनाम भी पर्यवेक्षकों के रूप में शामिल हो रहे हैं. यह अभ्यास पापुआ न्यू गिनी में भी होगा, जो आस्ट्रेलिया का निकटतम पड़ोसी देश है. पहली बार टैलिसमैन सेबर अभ्यास आस्ट्रेलिया के बाहर भी आयोजित किया जा रहा है.

हर बार एक्सरसाइज की निगरानी करता है चीन, हमें कोई हैरानी नहीं: ऑस्ट्रेलियाई रक्षा उद्योग मंत्री

ऐसी खबरें आईं हैं कि ऑस्ट्रेलिया की इस एक्सरसाइज पर चीन के जासूसी जहाज और सैन्यकर्मी नजर रख रहे हैं. ये सवाल पूछे जाने पर ऑस्ट्रेलिया के रक्षा उद्योग मंत्री पैट कॉनरॉय ने कहा, “चीनी निगरानी जहाजों ने पिछले चार टैलिसमैन सेबर अभ्यासों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई तट पर नौसैनिक अभ्यासों की निगरानी की है और उनसे वर्तमान अभ्यास की भी निगरानी करने की उम्मीद है. चीनी सेना 2017 से इन अभ्यासों पर नजर रख रही है, उनके लिए इसे न देखना बहुत ही असामान्य बात होगी.”

हम चीन की गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे:पैट कॉनरॉय  

पैट कॉनरॉय ने बताया कि “निश्चित तौर पर चीन की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी. ऑस्ट्रेलिया और उसके आसपास चीन क्या देख रहा है, उसपर हम भी नजर रखेंगे. रविवार तक चीनी सेना नजर नहीं रख रही थी.” (https://x.com/hqjoc/status/1917341451614093650)

चीन के खिलाफ अमेरिका ने बनाया ऑस्ट्रेलिया पर दबाव, ऑस्ट्रेलिया का जवाब सुन ट्रंप हैरान

अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच अच्छे मित्रवत संबंध हैं. चीन के मोर्चे पर अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया से हाल ही पूछा है कि अगर चीन के खिलाफ अमेरिका एक्शन ले, तो क्या इंडो पैसिफिक रीजन में ऑस्ट्रेलिया अपने सैनिक मदद के लिए भेजेगा. अमेरिका के इस सवाल पर ऑस्ट्रेलियाई मंत्री पैट कॉनरॉय ने जो जवाब दिया उसने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है. 

ऑस्ट्रेलिया की ओर से कहा गया है कि इस ‘काल्पनिक’ स्थिति पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है, जब युद्ध होगा ‘तब कि तब देखी जाएगी’ कि ऑस्ट्रेलिया क्या करेगा.

दरअसल ताइवान की सीधे मदद करने के बजाए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ जापान के भी सहारे चीन से पंगा लेना चाहता है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया और जापान दोनों ही ये चाल समझ गए हैं और अमेरिका से साफ-साफ कहा है कि “भविष्य के संघर्ष को भविष्य में ही निपटेंगे, अभी नहीं.”

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