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अजरबैजान का Sputnik न्यूजरूम में छापा, रूस से संबंध बिगड़ना तय

पूर्व-सोवियत देश अजरबैजान की सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी बाकू में रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी स्पूतनिक के कार्यालय पर छापा मारा है. कई घंटे तक चली कार्रवाई के बाद अजरबैजान ने स्पूतनिक के क्षेत्रीय मैनेजिंग एडिटर सहित दे (02) पत्रकारों को रूस के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. उस घटना से रूस और अजरबैजान के बीच संबंधों में खटास आ सकती है.

अजरबैजान का आरोप है कि पकड़े गए कथित पत्रकार, रूस की खुफिया एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी ब्यूरो (एफएसबी) से जुड़े थे. हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों की भूमिका और आरोपों के बारे में हालांकि, कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

रूस ने ‘गलती’ से गिरा दिया था अजरबैजान का यात्री विमान

रूस और अजरबैजान के बीच संबंधों में तनाव पिछले सात महीने से चला आ रहा है. दिसंबर 2024 में रूस ने अजरबैजान के एक यात्री विमान को जैमिंग के बाद मिसाइल से मार गिराया था. इस घटना में विमान में सवार 67 लोगों में से 38 लोगों की जान चली गई थी.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हालांकि, इस घटना पर खेद जताया था लेकिन अजरबैजान ने हमले में दोषी लोगों को सजा की मांग की थी. दरअसल, रूस की सेना ने यूक्रेन के ड्रोन अटैक को विफल करने के चक्कर में अजरबैजान के विमान को मार गिराया था. तभी से दोनों देशों के संबंध में दरार आ गई थी.

इसी साल फरवरी में अजरबैजान सरकार ने स्पूतनिक (अजरबैजान) को अपने संचालन को निलंबित करने का निर्देश दिया था, ताकि विदेशी और घरेलू मीडिया प्रतिनिधित्व के बीच समानता सुनिश्चित की जा सके. एजेंसी ने कथित तौर पर इस निर्णय की अवहेलना की और अपने संपादकीय कार्य जारी रखे, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा नवीनतम प्रवर्तन कार्रवाई की गई थी. (https://x.com/visegrad24/status/1939678976735141972)

आर्मेनिया-अजरबैजान के युद्ध में पुतिन ने निभाई थी मध्यस्थ की भूमिका

वर्ष 2020 में आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच हुए युद्ध में सीजफायर और समझौते में पुतिन ने अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन हाल के दिनों में दोनों ही देशों यानी आर्मेनिया और अजरबैजान से रूस के संबंध ठीक नहीं चल रहे हैं.

अजरबैजान के पड़ोसी (दुश्मन) देश आर्मेनिया से भी रूस के संबंध हुए खट्टे

आर्मेनिया में प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान के धर्म-परिवर्तन को लेकर चर्च और सरकार के बीच उपजे विवाद के बाद रूस ने अपनी नाराजगी जताई है. रूस ने पाशनियान को पश्चिमी देशों का पिछलग्गू करार देकर चर्च को समर्थन दिया है. दरअसल, आर्मेनिया के एक पादरी ने पाशिनयान पर ईसाई धर्म छोड़कर यहूदी धर्म अपनाने का सनसनीखेज आरोप लगाया था. इस पर आर्मेनियाई सरकार ने पादरी समते, देश के विपक्षी नेताओं और कई बड़े बिजनेसमैन को तख्ता पलटने के आरोप में जेल भेज दिया है. (आर्मेनियाई PM एक्सपोज के लिए तैयार, चर्च ने लगाया धर्म-परिवर्तन का आरोप)

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