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कटहल लेकर बीजिंग पहुंचे बांग्लादेश के मुखिया, One China का किया समर्थन

कटहल और आम लेकर चीन पहुंचे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने समकक्ष शी जिनपिंग ने मुलाकात की है. पाकिस्तान के साथी बांग्लादेश को भी कटोरा लेकर मांगने की आदत पड़ गई है, लिहाजा आर्थिक कर्ज में दबे बांग्लादेश ने चीन से कर्ज माफी की उम्मीद जताई है.

भारत से रिश्ते खराब होने के बाद बांग्लादेश तीस्ता नदी परियोजना को लेकर चीन को लुभा सकता है, क्योंकि शेख हसीना सरकार ने हमेशा भारत के हित को प्राथमिकता दी है.

तीस्ता नदी परियोजना, कर्ज माफी, यूनुस का चीन एजेंडा

चार दिन की चीन यात्रा पर पहुंचे मोहम्मद यूनुस ने शी जिनपिंग से मुलाकात की है. इस मीटिंग में व्यापारिक साझेदारी पर जोर दिया गया है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात से पहले मोहम्मद यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश चाहता है कि चीन कर्ज पर ब्याज की दर में कुछ कमी करे. साथ ही यूनुस ने चीन को बांग्लादेश में विभिन्न क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं में निवेश करने के लिए भी आमंत्रित किया.

मोहम्मद यूनुस ने कहा, “अभी चीन, बांग्लादेश के दिए कर्ज पर तीन प्रतिशत का ब्याज लेता है, इसे घटाकर 1-2 प्रतिशत होना चाहिए.” आपको बता दें, जापान, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के बाद चीन, बांग्लादेश को कर्ज देने वाला चौथा सबसे बड़ा देनदार है. चीन का बांग्लादेश पर करीब 7.5 अरब डॉलर का कर्ज है.

इसके अलावा जिनपिंग के साथ यूनुस की बैठकों से पहले, बांग्लादेश के विदेश सचिव मोहम्मद जशीम उद्दीन ने कहा, “जल प्रबंधन का मुद्दा यात्रा के एजेंडे में है और संभावना है कि चर्चा के दौरान तीस्ता का मुद्दा भी उठेगा.”

रोहिंग्या मुद्दे पर यूनुस ने मांगी चीन से मदद

रोहिंग्या संकट पर चीन से मदद की गुहार लगाई और कहा कि “म्यांमार में रोहिंग्या शरणार्थियों की सुरक्षित वापसी में चीन अहम भूमिका निभा सकता है.” यूनुस ने बातचीत में बांग्लादेश में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया और इसे “नए बांग्लादेश” के निर्माण की दिशा में एक अहम कदम बताया.

मोहम्मद यूनुस ने चीन के साथ अपने पुराने रिश्तों को याद करते हुए कहा कि “वो ग्रामीण बैंक और सोशल बिजनेस को चीन में स्थापित करने से जुड़े रहे हैं.”

तीस्ता नदी परियोजना क्यों है भारत की सुरक्षा के लिए अहम, चीन की है नजर

शेख हसीना के सत्ता में रहने के दौरान तीस्ता नदी परियोजना को लेकर भारत और बांग्लादेश में अहम बातचीत की गई थी. दिल्ली दौरे पर आई शेख हसीना ने खुद पीएम नरेंद्र मोदी के साथ इस प्रोजेक्ट को लेकर करार किया था. तीस्ता नदी, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच से होकर बहती है. लगभग चार सौ किलोमीटर लंबी नदी हिमालय के पौहुनरी पहाड़ से निकलती है, जो सिक्किम से सटा हुआ है. यहां से तीस्ता पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश चली जाती है और आगे ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है.

बांग्लादेश ने किया ताइवान का विरोध

जानकारी के मुताबिक, शी जिनपिंग से मुलाकात में यूनुस ने ताइवान का विरोध करते हुए वन-चायना का समर्थन किया. साथ ही चीन की महत्वकांक्षी बेल्ड एंड रोड प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने की बात कही.

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