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जेल से छूटने पर आतंकी बनेगा मंत्री, बांग्लादेश में आतंकियों को रिहा करने का सिलसिला जारी

बांग्लादेश एक के बाद एक भारत-विरोधी फैसले ले रहा है. एक तरफ तो बांग्लादेश ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है, तो दूसरी तरफ उस शख्स को रिहा किया है, जिसने शेख हसीना पर ग्रेनेड अटैक करवाया था. सिर्फ शेख हसीना ही नहीं, भारत के खिलाफ आतंकी हमलों को अंजाम देने में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन हूजी (हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी) की मदद की थी.

सुनकर हैरानी होगी पर बांग्लादेश ने सबसे खतरनाक शख्स अब्दुस सलाम पिंटू को रिहा कर दिया है. कट्टर भारत-विरोधी सोच वाला पिंटू, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया (शेख हसीना की प्रतिद्धंदी) का करीबी है और बांग्लादेश में मंत्री रह चुका है. अब्दुस सलाम पिंटू की रिहाई सिर्फ शेख हसीना के लिए ही नहीं बल्कि भारत के लिए भी चिंता की बात है.

बांग्लादेश में एक और भारत विरोधी को रिहा किया

बांग्लादेश की अदालत ने एक और भारत विरोधी आतंकी को राहत दे दी है. पूर्व मंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का सदस्य, अब्दुस सलाम पिंटू जिसने पीओके और बांग्लादेश में आतंकवादियों को फंड मुहैया कराया था. वो अब रिहा हो गया है. खालिदा जिया की सरकार के दौरान सलाम बांग्लादेश का शिक्षा मंत्री रह चुका है. सत्ता में रहते हुए पिंटू ने भारत और हसीना के खिलाफ कई साजिश रची.

पिंटू को आतंकियों को फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था. अब्दुस सलाम पिंटू कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वो पाकिस्तान के आतंकी संगठन को फंडिंग करता था, ताकि आतंकी कश्मीर के रास्ते भारत को नुकसान पहुंचाएं. जांच के दौरान पता चला कि अब्दुस आतंकियों को हथियार और गोपनीय सूचनाएं भी देता था. 

शेख हसीना पर करवाया था ग्रेनेड अटैक, 24 की हुई थी मौत

अब्दुस सलाम पिंटू वही शख्स है, जिसने 21 अगस्त, 2004 को हसीना की रैली में हमला करवाया था. उस हमले में 24 लोगों की मौत हुई थी और शेख हसीना भी घायल हुई थीं. हमले का टारगेट शेख हसीना ही थीं, पर वो बाल-बाल बच गई थी. साल 2008 में पिंटू को गिरफ्तार किया गया था और साल 2018 में उसे मौत की सजा सुनाई गई थी.

अब शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद अंतरिम सरकार के दौरान अब्दुस सलाम के अच्छे दिन आ गए हैं.

पाकिस्तान का करीबी और भारत को कट्टर दुश्मन मानता है पिंटू

जब खालिदा जिया साल 2001 से 2006 तक बांग्लादेश की सरकार में थीं, तो उस दौरान बहुत सारे आतंकी संगठन या तो पाकिस्तान को फाइनेंस कर रहे थे या फिर पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेकर भारत पर हमले की कोशिश कर रहे थे. अब्दुस सलाम भी मंत्री थे. अब्दुस पर पीओके में हूजी के लिए हथियारों की खरीद, भर्ती और ट्रेनिंग प्रोग्राम में मदद करके भारत में आतंकवादी हमलों में अहम रोल निभाया था.

अब्दुस सलाम पर हूजी को मदरसे के छात्रों को हथियारों और विस्फोटकों की ट्रेनिंग देने और कश्मीर में आतंकवादियों के लिए पैसे और हथियार जुटाने में मदद करने का आरोप है. शेख हसीना पर हुए ग्रेनेड हमले के जांच अधिकारी ने साल 2021 को कोर्ट में दलील दी थी कि अब्दुस सलाम पिंटू ने प्रतिबंधित संगठन हूजी की मदद की थी.

पहले लुत्फोज्जमान बाबर रिहा और अब पिंटू भी जेल से बाहर 

इसी महीने की 18 तारीख को बांग्लादेश हाईकोर्ट ने भारत के उग्रवादियों को हथियार मुहैया कराने के मामले में मौत की सजा पाए हुए पूर्व मंत्री लुत्फोज्जमान बाबर और पांच दूसरे आरोपियों को बरी कर दिया था.

साल 2004 में बीएनपी-जमात गठबंधन सरकार के दौरान चीनी हथियारों (रॉकेट लॉन्चर और ग्रेनेड) से भरे 10 ट्रक बरामद किए गए थे. जांच में खुलासा हुआ था कि हथियारों की खेप भारत के खिलाफ उग्रवादी संगठन उल्फा को भेजे जा रहे थे. भारत विरोधी ताकतों को हथियारों की तस्करी में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री लुत्फोज्जमान बाबर की संलिप्तता के सबूत मिले थे. पर पहले लुत्फोज्जमान को कोर्ट ने रिहा किया और अब अब्दुस सलाम पिंटू को. (भारत-विरोधी उग्रवादियों पर मेहरबान बांग्लादेश, ULFA चीफ की सजा कम)

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दोनों भारत विरोधी बीएनपी नेताओं को अंतरिम सरकार में मंत्री पद दिया जाएगा, या अंतरिम सरकार की मदद से बांग्लादेश में चुनाव के पहले बीएनपी की खालिदा जिया इन नेताओं के जरिए अपनी पैठ मजबूत कर रही हैं.

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