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बांग्लादेश ने उड़ाया Bayraktar ड्रोन, ईस्टर्न फ्रंट पर चौकसी जरूरी

बांग्लादेश को आखिर भारतीय सीमा पर बायरेक्टर ड्रोन तैनात करने की क्या जरूरत पड़ती है. ओपन सोर्स इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार  (3 दिसंबर) को ट्रर्की से लिए बायरेक्टर ड्रोन को पश्चिम बंगाल के बनगांव (24 परगना) से सटी बांग्लादेश सीमा में देखा गया था. पिछले साल यानी 2023 में बांग्लादेश ने टर्की से बेहद खतरनाक लंबी दूरी के बायरेक्टर कॉम्बैट ड्रोन लिए थे.

बांग्लादेश का बायरेक्टर ड्रोन इस हफ्ते के शुरुआत में भारतीय सीमा के आस-पास देखा गया था. इस दौरान, बॉर्डर पर बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं ने इस्कॉन मंदिर (संस्थान) के प्रमुख चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन करने का आह्वान किया था. लेकिन बांग्लादेशी पुलिस ने इन हिंदुओं को भारतीय सीमा पर जाने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था.

बायरेक्टर ड्रोन ने बांग्लादेश के मोहम्मदपुर से जैसोर के करीब भारतीय सीमा तक उड़ान भरी थी. ऐसे में इस बात की संभावना है कि बांग्लादेश ने बायरेक्टर ड्रोन को भारत से सटी सीमा की निगरानी के लिए तैनात किया था. हालांकि, बांग्लादेश की तरफ से इस बाबत कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

गौरतलब है कि भारत के पास फिलहाल बायरेक्टर ड्रोन जैसा कोई लंबी दूरी का अटैक (कॉम्बैट) ड्रोन नहीं है. भारत के पास निगरानी के लिए इजरायली हेरोन और सर्चर ड्रोन है. इन ड्रोन को भारतीय सेना (थलसेना) ऑपरेट करती है. साथ ही भारतीय नौसेना को दो (02) टोही दृष्टि-10 ड्रोन मिले हैं.

बांग्लादेश सीमा की रखवाली करने वाली बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के पास भी ऐसे आधुनिक ड्रोन नहीं हैं. बीएसएफ के पास जो काउंटर-ड्रोन सिस्टम हैं, वे पाकिस्तान से सटी इंटरनेशल बॉउंड्री पर तैनात हैं.

हाल ही में ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित डीजीपी कॉन्फ्रेंस (29 नवंबर-1 दिसंबर) में गृह मंत्री अमित शाह ने ‘ईस्टर्न फ्रंट’ यानी बांग्लादेश और म्यांमार सीमा की अस्थिरता से उत्पन हुए खतरों से पुलिस और केंद्रीय अर्ध-सैनिकों बलों के महानिदेशकों को आगाह किया था.

टर्की का बायरेक्टर टीबी-2, हाई ऑल्टिट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (एचएएलई यानी हेल) ड्रोन है. आसमान में युद्ध लड़ने में माहिर टीबी-2 ड्रोन से क्रूज मिसाइल को भी फायर किया जा सकता है. माना जाता है कि ये दुनिया का पहला ऐसा ड्रोन है जो आसमान में क्रूज मिसाइल दाग सकता है.

टर्की के इस ड्रोन ने ही यूक्रेन युद्ध में तबाही मचाई थी. भारत के लिए चिंता का डबल कारण है. ऐसा इसलिए क्योंकि, पाकिस्तान ने भी पिछले साल बायरेक्टर ड्रोन लिए थे. पाकिस्तान ने लाहौर के करीब भारतीय सीमा पर इन बायरेक्टर ड्रोन तैनात किए हैं. (पाकिस्तान शुरु करना चाहता है Game of Drones, भारत की क्या है तैयारी !)

जिस वक्त पाकिस्तान ने ये ड्रोन खरीदा था तब पाकिस्तानी पायलट ने अपनी यूनिफॉर्म पर नया पैच लगाया था. पैच में कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया था. इस पैच पर ‘गेम ऑफ ड्रोन’ लिखा था जो लोकप्रिय टीवी सीरीज गेम ऑफ थ्रोन से लिया गया है. (मालदीव में टर्की के Bayraktar ड्रोन)


 

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