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बीएसएफ डीजी ढाका में, पाकिस्तानी विदेश मंत्री का बांग्लादेश दौरा समाप्त

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री (और विदेश मंत्री) इशाक डार की बांग्लादेश यात्रा समाप्त होते ही भारत की बॉर्डर सिक्‍योरिटी फोर्स यानी बीएसएफ) के डीजी दलजीत सिंह चौधरी सोमवार से चार दिवसीय (25-28 अगस्त) ढाका की यात्रा पर जा रहे हैं.

ढाका में बीएसएफ और बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच 56वें महानिदेशक स्तर की बॉर्डर कॉर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस होने जा रही है. यह कांफ्रेंस 28 अगस्त 2025 तक बांग्लादेश की राजधानी ढाका में चलेगी. इस कांफ्रेंस का आयोजन बीजीबी द्वारा किया जा रहा है. ये कॉन्फ्रेंस हर छह महीने में आयोजित की जाती है. एक बार ये सम्मेलन भारत में होता है और एक बार बांग्लादेश में. अगस्त 2024 में बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद पहली बार ये सम्मेलन बांग्लादेश में होने जा रहा है. इसी वर्ष फरवरी में हालांकि, बीजीबी के महानिदेशक के नेतृत्व में बांग्लादेश का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली आया था. 

शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने और भारत में शरण लेने के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास आ गई है. नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शेख हसीना के देश छोड़कर जाने के बाद से कट्टर दुश्मन पाकिस्तान से नजदीकियां बढ़ा ली है. साथ ही भारत विरोधी गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है. बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं पर अत्याचार किए जा रहे हैं. दोनों देशों के बीच तनाव का असर, भारत-बांग्लादेश सीमा पर भी देखने को मिला है. 

भारत और बांग्लादेश के बीच करीब 4096 किलोमीटर लंबा बॉर्डर है. बांग्लादेश की तरफ से होने वाली अवैध घुसपैठ से बॉर्डर पर तनाव बना रहता है. पशुओं की तस्करी और ड्रग्स स्मगलिंग भी दोनों देशों की सीमा पर बड़ी समस्या बनी हुई है. महानिदेशक स्तर की बातचीत का मुख्य उद्देश्य, सीमा पर होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने से लेकर बॉर्डर पर शांति और स्थिरता बनाए रखना है. 

यूनुस सरकार के बनने के बाद से बांग्लादेश में इस्लामिक कट्टरवाद फिर से उठ खड़ा हुआ है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई इस कट्टरवाद को हवा देने में जुटी है. खास बात है कि इस हफ्ते जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बांग्लादेश का दौरा किया तो कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के नेताओं से भी मुलाकात की थी. बांग्लादेश में सक्रिय कट्टरपंथी और आतंकी संगठनों के जरिए आईएसआई, भारत-विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने में जुटी है. 

इशाक डार के दौरे के दौरान पाकिस्तान और बांग्लादेश ने कई करार पर हस्ताक्षर किए, जिसमें वीजा मुक्त समझौता और विदेश सेवा अकादमी सहयोग शामिल है. दोनों देशों की मीडिया एजेंसियों ने भी मिलकर काम करने पर समझौता किया है. साथ ही दोनों देशों के रणनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों के शोध संस्थान मिलकर काम करने के लिए तैयार हो गए हैं. 

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