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पेंटागन इंटेलिजेंस चीफ बर्खास्त, ईरान हमले पर ट्रंप के दावे को बताया था गलत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनकी नीतियों और उनके एक्शन के खिलाफ आवाज उठाने वालों को इन दिनों नहीं बख्शा जा रहा. उन्हें या तो बर्खास्त किया जा रहा है, या एफबीआई का डर दिखाया जा रहा है. इसी कड़ी में अमेरिकी रक्षा मंत्री (डिफेंस सेक्रेटरी) पीट हेगसेथ ने रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जेफरी क्रूस को उनके पद से हटा दिया है. 

लेफ्टिनेंट जनरल क्रूज वही अधिकारी हैं, जिन्होंने कहा था कि अमेरिका के अटैक से ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है. बताया जा रहा है कि जेफरी क्रूस की इस रिपोर्ट से ट्रंप बेहद नाराज थे, क्योंकि उन्होंने दुनिया के सामने अमेरिकी दावों की पोल खोल दी थी कि ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर बी2 बॉम्बर्स ने अटैक करके पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था.

ट्रंप के दावों का खंडन किया, तो गई बड़े सैन्य अधिकारी की कुर्सी

21 जून को अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान के परमाणु ठिकानों पर तगड़ा वार किया था. अमेरिकी सबसे खतरनाक बी 2 बॉम्बर्स और लड़ाकू विमानों ने तेहरान के संवेदनशील ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान पर वार किया था.  इस ऑपरेशन में 07 बी-2 बॉम्बर, 125 लड़ाकू विमान और 14,000 किलो के बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया. ऑपरेशन के बाद ट्रंप ने प्रेसकॉन्फ्रेंस बुलाकर वाहवाही लूटी और घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को नष्ट कर दिया है. 

लेकिन कुछ ही दिनों में डीआईए (डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी) को लीड कर रहे लेफ्टिनेंट जनरल क्रूस ने एक रिपोर्ट तैयार की. जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमले में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को बहुत नुकसान नहीं हुआ है. तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को केवल कुछ महीनों का झटका लगा है, यानी वो प्रोग्राम अब कुछ महीने पीछे धकेल दिया गया है. 

डीआईए चीफ की इस प्रारंभिक रिपोर्ट को अमेरिकी मीडिया में बहुत प्राथमिकता दी गई, जिससे ट्रंप की किरकिरी होने लगी. क्योंकि मीडिया ने भी उन रिपोर्ट्स को आधार बनाते हुए ट्रंप के दावों को गलत बता दिया.

जेफरी क्रूस पर गिरी गाज, हटाए गए

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जेफरी क्रूस की रिपोर्ट को गलत बताया. पीट हेगसेथ ने भी सफाई पेश की कि डीआईए चीफ की रिपोर्ट सिर्फ आकलन मात्र प्रारंभिक रिपोर्ट है. लेकिन अब डिफेंस सेक्रेटरी ने जेफरी क्रूस को उनके पद से हटा दिया है. बताया जा रहा है कि इसके बाद वाइस एडमिरल नैन्सी लैकॉर (नौसेना रिजर्व की प्रमुख) और रियर एडमिरल मिल्टन सैंड्स (नौसेना विशेष युद्ध कमान के कमांडर) को भी बर्खास्त किया गया है.

क्रूस की तरह इन दोनों सैन्य अधिकारियों की भी बर्खास्तगी की वजह नहीं बताई गई है. डीआईए निदेशक बनने से पहले क्रूस राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के सैन्य मामलों के सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं. उन्होंने आईएसआईएल (आईएसआईएस) के खिलाफ खुफिया निदेशक सहित कई पदों पर काम किया.

ट्रंप सही नहीं कर रहे, देश की सुरक्षा की जगह अपनी वफादारी देख रहे- अमेरिकी सीनेटर 

अमेरिकी सीनेटर और सीनेट इंटेलिजेंस सेलेक्ट कमेटी के उपाध्यक्ष मार्क वार्नर ने ट्रंप की आलोचना की है. मार्क वार्नर ने कहा कि एक वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी की बर्खास्तगी ट्रंप प्रशासन के खतरनाक तरीके को दिखाती है. वह खुफिया जानकारी को देश की सुरक्षा के बजाय अपनी वफादारी के हिसाब से परख रहे हैं.

अमेरिका पूर्व एनएसए जॉन बोल्टन पर एफबीआई रेड

पिछले सप्ताह ही अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत रह चुके जॉन बोल्टन के घर पर छापेमारी की गई थी. मामला उनकी किताब ‘द रूम व्हेयर इट हैपेन्ड’ में गुप्त सूचनाओं के खुलासे से जुड़ा बताया जा रहा है. लेकिन इस रेड से जुड़ी एक सच्चाई ये भी कि बोल्टन कभी ट्रंप के करीबियों में से हैं और अब लगातार अपने लेख के जरिए ट्रंप प्रशासन और उसकी नीतियों की आलोचना कर रहे हैं. 

जॉन बोल्टन ने भारत के खिलाफ लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा है कि ट्रंप ने भारत के साथ संबंध बिगाड़कर सारी मेहनत बर्बाद कर दी और खुद अमेरिका को नुकसान पहुंचाया है. साथ ही बोल्टन ने भारत-अमेरिका के सीजफायर को लेकर भी ट्रंप को टारगेट किया था. बोल्टन ने कहा था, ये सही नहीं है. और राष्ट्रपति ट्रंप को क्रेडिट लेने की आदत है. 

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