अगले महीने कनाडा में होने वाले चुनाव को लेकर भारत पर एक बार फिर से बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं. कनाडाई खुफिया एजेंसी ने दावा किया है कि भारत, चुनावों को प्रभावित कर सकता है क्योंकि दोनों देशों के बीच संबंध बेपटरी हैं.
कनाडा की खुफिया एजेंसी ने भारत और चीन, दोनों ही देशों पर चुनाव को प्रभावित करने की आशंका जताई है. कनाडाई चुनाव में लिबरल पार्टी के मार्क कार्नी (मौजूदा पीएम) का मुकाबला कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिवरे से होगा.
भारत के पास चुनाव में हस्तक्षेप की क्षमता भी है और मंशा भी: सीएसआईएस
कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा की उप निदेशक वैनेसा लॉयड ने दावा किया कि, “शत्रुतापूर्ण सरकारी तत्व चुनावों में हस्तक्षेप करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से लाभ उठा रहे हैं. इस बात की प्रबल संभावना है कि पी.आर.सी. (पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) इस मौजूदा चुनाव में कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के लिए एआई से लैस उपकरणों का उपयोग करेगा. हमने यह भी देखा है कि भारत सरकार के पास कनाडाई समुदायों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने की मंशा और क्षमता है.”
चुनाव में भारत के दखलअंदाजी की कोशिश: कनाडाई खुफिया एजेंसी
पिछले कई वर्षों में जस्टिन ट्रूडो के सत्ता में रहने के दौरान कनाडा ऐसी विदेशी धरती बनी है,जहां भारत विरोधी खालिस्तानी आतंकियों और समर्थकों को न सिर्फ पनाह दी जा रही है, बल्कि खालिस्तानी विचारधारा फल-फूल भी रही है. इसका उदाहरण भारत के मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्याकांड है, जिसमें ट्रूडो सरकार ने आतंकी का साथ देते हुए भारत पर ही बेबुनियाद आरोप लगा दिए थे. जिसके बाद भारत-कनाडा के बीच नाजुक संबंध हो गए. ऐसे नाजुक संबंधों के बीच कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) ने दावा किया है कि भारत और चीन आगामी कनाडा के आम चुनाव में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर सकते हैं. भारत, चीन के अलावा पाकिस्तान और रूस पर भी ऐसे आरोप लगाए गए हैं.
कनाडा पहले भी लगा चुका है आरोप, जिसे भारत ने किया था खारिज
ये कोई पहली बार नहीं है जब कनाडा ने भारत पर ऐसे आरोप लगाए हैं. भारत ने कनाडाई चुनाव में हस्तक्षेप की बात को पहले खारिज कर चुका है. प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पिछले साल 2019 और 2021 के कैनेडियन चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप की जांच कर रही समिति के सामने पेश हुए थे, ट्रूडो पर विदेशी ताकतों की मदद लेने का आरोप लगाया गया था. माना जा रहा है कि कनाडाई चुनाव में भारत के हस्तक्षेप के ताजा आरोपों पर विदेश मंत्रालय अपना बयान जारी कर सकता है.