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पैंगोंग लेक पर छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति

एलएसी पर चीन के साथ बदलते और सुधरते रिश्तों के बीच भारतीय सेना ने पैंगोंग झील के तट पर मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की एक प्रतिमा स्थापित की है. 14,300 फीट की ऊंचाई पर मराठा योद्धा की प्रतिमा की स्थापना भारतीय सेना के अटूट विश्वास, पराक्रम और मजबूत इरादों को दर्शाती है.

जिस जगह शिवाजी की मूर्ति लगाई गई है, वो वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी के बेहद करीब है.

एलएसी के करीब ‘फायर एंड फ्यूरी’ ने लगाई छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा

एलएसी के पास मराठा शासक की प्रतिमा का अनावरण किया गया है. सेना की लेह स्थित 14वीं कोर ने कहा कि “प्रतिमा का अनावरण भारतीय शासक की अटूट भावना का जश्न मनाने के लिए किया गया है, क्योंकि उनकी विरासत प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है.”

प्रतिमा का अनावरण 14 वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने किया, जिसे ‘फायर एंड फ्यूरी कोर’ के नाम से भी जाना जाता है. 14वीं कोर ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, “वीरता, दूरदर्शिता और अटल न्याय की इस विशाल प्रतिमा का अनावरण लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने किया. छत्रपति शिवाजी महाराष्ट्र की वीरता, रणनीति और न्याय की परंपरा आधुनिक सैन्य अभियानों को प्रेरणा देती है.” (https://x.com/firefurycorps/status/1872955373675491711)

पैंगोंग लेक के इलाके में हुआ था भारत-चीन में संघर्ष

जिस जगह प्रतिमा की स्थापना हुई है, ये वही पैंगोग लेक का इलाका है जहां साल 2020 में भारत-चीन के बीच संघर्ष शुरु हुआ था. अब शिवाजी की प्रतिमा का अनावरण भारत और चीन की ओर से टकराव वाले दो अंतिम जगहों डेमचोक और देपसांग पर सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी करने के कुछ सप्ताह बाद किया गया है. (https://x.com/smritiirani/status/1873003428957528198)

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