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अमेरिका से दुत्कार, बांग्लादेश को अटैक हेलीकॉप्टर देने के लिए तैयार टर्की और चीन

अमेरिका से मिली दुत्कार के बाद बांग्लादेश ने हथियारों की खरीद के लिए चीन और तुर्की का रुख किया है. टीएफए को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश अब चीन से अटैक हेलीकॉप्टर और जे-10 फाइटर जेट खरीदने की तैयारी कर है. इसका कारण ये है कि अमेरिका ने बांग्लादेश को अपाचे हेलीकॉप्टर और एफ-16 फाइटर जेट देने से इंकार कर दिया है.

दूसरी तरफ, बांग्लादेश को बायरेक्टर ड्रोन मुहैया कराने वाला तुर्की भी अटैक हेलीकॉप्टर और टैंक तक देने के लिए तैयार है. बांग्लादेश की हथियारों की बढ़ती भूख पर हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पैनी नजर गाड़े हुए हैं. क्योंकि, बांग्लादेश का भारत से चार हजार किलोमीटर से भी ज्यादा लंबा बॉर्डर है और महज 5-7 प्रतिशत ही म्यांमार से सटा है. ऐसे में बांग्लादेश को अटैक हेलीकॉप्टर से लेकर फाइटर जेट और टैंक की जरूरत आखिर क्यों है.

अमेरिका ने अपाचे हेलीकॉप्टर देने से किया इंकार

दरअसल, बांग्लादेश ने अमेरिका से अपाचे (एएच-64) अटैक हेलीकॉप्टर की मांग की थी. इसके अलावा मल्टी-मिशन और यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की भी मांग की थी. उल्लेखनीय है कि भारतीय वायुसेना भी वर्ष 2020 से 22 अपाचे हेलीकॉप्टर ऑपरेट करती है. इनमें से एक अपाचे हेलीकॉप्टर की यूनिट पठानकोट में तैनात रहती है और दूसरी असम के जोरहाट में तैनात रहती है.

भारतीय वायुसेना के साथ ही थलसेना भी अमेरिकी कंपनी बोइंग से छह अपाचे हेलीकॉप्टर की सप्लाई का इंतजार कर रही है. क्योंकि वर्ष 2020 में भारतीय सेना (थलसेना) ने 200 मिलियन डॉलर की डील बोइंग से की थी. हालांकि, जून 2024 में अपाचे हेलीकॉप्टर की सप्लाई थलसेना को शुरू होनी थी, लेकिन खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू विवाद के चलते ये सप्लाई भी एलसीए तेजस फाइटर जेट के एविएशन इंजन की सप्लाई की तरह देरी से हो रही है.

ब्लैक हॉक पर बांग्लादेश की नजर

जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने हालांकि, बांग्लादेश को सिकोर्स्की एस-92 हेलीकॉप्टर देने के लिए हामी भर दी है. सिकोर्स्की एक मीडियम वेट हेलीकॉप्टर है जिसमें 12 टन तक का भार उठाया जा सकता है. टूइन यानी दो इंजन वाले एस-92 हेलीकॉप्टर में दो पायलट के अलावा 20 यात्री (सैनिक) भी उड़ान भर सकते हैं.

खबर ये भी सामने आई है कि बांग्लादेश को एस-70आई ब्लैक हॉक देने के लिए भी अमेरिका तैयार है. पौलेंड में बनने वाला एस-70आई एक मल्टी मिशन हेलीकॉप्टर हैं जिसमें पायलट और कॉ-पायलट के अलावा दो दर्जन लोग सवार हो सकते हैं.

बांग्लादेश की तरफ से एस-92 या फिर एस-70आई हेलीकॉप्टर को लेकर आधिकारिक तौर से कोई जानकारी साझा नहीं की गई है. ऐसे में संभावना इस बात की भी है कि इन दोनों में से किसी एक को ही बांग्लादेश खरीद सकता है.

बांग्लादेश ने रूस से भी एमआई-28 अटैक हेलीकॉप्टर खरीदने की तैयारी की थी. लेकिन यूक्रेन युद्ध और शेख हसीना के तख्ता पलट के चलते ये माना जा रहा है कि डील ठंडे बस्ते में चली गई है. ऐसे में बांग्लादेश ने चीन का रुख किया है.

चीन से फाइटर जेट और अटैक हेलीकॉप्टर खरीदने चाहता है बांग्लादेश

पिछले साल दिसबंर के महीने में बांग्लादेश के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद ने दावा किया था कि चीन से लड़ाकू विमान और अटैक हेलीकॉप्टर खरीदने का प्लान तैयार किया जा रहा है. जिसके तहत पहले चरण में बांग्लादेशी वायुसेना के लिए 16 जे-10 सी लड़ाकू विमान खरीदे जा सकते हैं. बांग्लादेश के पास पुराने मिग-29 और एफ-7 फाइटर जेट्स हैं.

चीन के साथ डिफेंस डील के जरिए बांग्लादेश वायुसेना अपने पुराने एफ-7 एमबी जेट को बदलने के लिए 16 जे-10 सीई विमान खरीद सकती है. हालांकि बांग्लादेश की वायुसेना पहले से चीनी लड़ाकू विमानों को संचालन कर रही है. तीन नई कोर 04 छावनियां, बांग्लादेश बढ़ा रहा रक्षा बजट, दक्षिण एशिया में बदल जाएंगें समीकरण? (पार्ट-2)

टैंक और युद्धपोत देने को तैयार टर्की

बांग्लादेश की हथियारों और मिलिट्री प्लेटफॉर्म की जरूरतों को देखते हुए पाकिस्तान के मित्र, टर्की ने सहयोग के लिए हाथ आगे बढ़ाया है. पाकिस्तान के बाद टर्की अब बांग्लादेश को भी अटैक हेलीकॉप्टर, टैंक, फ्रिगेट (युद्धपोत) और पेट्रोल बोट देने के लिए तैयार है.

खास बात ये है कि टर्की ने बांग्लादेश को कॉम्बेट ड्रोन बायरेक्टर टीबी2 भी मुहैया कराया है. हाल ही में जब भारत से सटी सीमा पर स्थानीय लोगों ने अंतरिम सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया था, तब बांग्लादेशी आर्मी ने बायरेक्टर ड्रोन से निगरानी की थी. [पाकिस्तान ने बांग्लादेश को शुरू की गोला-बारूद की सप्लाई (TFA Exclusive)]