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साउथ चायना सी में तनातनी जारी, चीन और फिलीपींस में टक्कर

साउथ चायना सी में चीन और फिलीपींस के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार को दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के युद्धपोत के बीच टक्कर हुई तो दोनों देशों ने एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया.

शनिवार की घटना सबीना शोल में सामने आई जो फिलीपींस के तट से करीब 70 नॉटिकल मील की दूरी पर है. चीन इसे शियान बिन जाओ के नाम से बुलाता है और उसके तट से 630 नॉटिकल मील की दूरी पर है.

चीन और फिलीपींस, दोनों ने घटना के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए वीडियो जारी किया है. वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि चीन के कोस्ट गार्ड का जहाज फिलीपींस के तटरक्षक बल के टेरेसा मगबनुआ जहाज (लंबाई करीब 100 फीट) में टक्कर मार रहा है. (https://x.com/FinalAssault23/status/1829824244340974050)

हालांकि, चीन और फिलीपींस के बीच दक्षिण चीन सागर में अपने-अपने दावों को लेकर विवाद लंबा है लेकिन पिछले डेढ़ साल से ये विवाद वाटर कैनन हमले से लेकर बोट्स की घेराबंदी और टक्कर मारने तक पहुंच चुकी है.

शनिवार को जिस सबीना शोल के करीब घटना सामने आई, वहां 27 अगस्त को भी चीन के कई जहाज ने मिलकर फिलीपींस के एक जहाज को खाद्य एंव अन्य सामान की आपूर्ति ले जान से रोक दिया था.

चीन-फिलीपींस में टकराव और संघर्ष बढ़ा
चीन और फिलीपींस ने हाल के महीनों में सबीना शोल में अलग-अलग तटरक्षक जहाजों को तैनात किया है. दोनों देशों में द्वीप पर नियंत्रण को लेकर टकराव है. फिलीपींस को अमेरिका द्वारा मदद दिए जाने से चीन और भी भड़का हुआ है. पिछले एक महीने में सबीना शोल में दोनों देशों के बीच टकराव की ये तीसरी बड़ी घटना है.

आखिर है क्या दक्षिण चीन सागर विवाद ?
चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, जिसमें सबीना शोल और सेकंड थॉमस शोल भी शामिल है. फिलीपींस के अलावा वियतनाम, ब्रूनई, मलेशिया और ताइवान जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ साउथ चायना सी पर अधिकार-क्षेत्र को लेकर विवाद चल रहा है.

फिलीपींस का आरोप है कि इस क्षेत्र में शांति के लिए चीन एक बड़ा बाधक है.

फिलीपींस का द्वितीय विश्व युद्ध का एक जहाज सिएरा माद्रे जहाज भी थॉमस शोल में फंसा हुआ है. फिलीपींस के सैनिकों ने जहाज पर एक निगरानी चौकी बना रखी है. इन सैनिकों को नियमित रूप से राशन इत्यादि की आपूर्ति के लिए फिलीपींस की बोट्स यहां जाने की कोशिश करती हैं तो चीनी युद्धपोत रोक देते हैं.

बीजिंग ने हेग में स्थायी मध्यस्थता न्यायालय के 2016 के उस फैसले को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि चीन के दावों का अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कोई आधार नहीं है.

समझौते के बावजूद विवाद
जुलाई में, चीन और फिलीपींस ने सेकंड थॉमस शोल के पास समुद्री टकराव को समाप्त करने के उद्देश्य से एक “अंतिम व्यवस्था” पर सहमति व्यक्त की, जिससे मनीला को एटोल को फिर से आपूर्ति करने की अनुमति मिल सके. बावजूद इसके दोनों देशों के बीच विवाद जारी है.

एक दिन पहले वियतनाम और फिलीपींस में हुई थी रक्षा सहयोग पर चर्चा
शुक्रवार को ही वियतनाम के रक्षा मंत्री फिलीपींस के दौरे पर थे और दोनों देशों ने दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता कायम करने पर जोर दिया था. माना जा रहा है कि दोनों देश जल्द ही सैन्य गठजोड़ कर सकते हैं.

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