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रूस-चीन और ड्रग्स कार्टल से नजदीकी, मादुरो की पड़ी जान आफत में!

साल 2026 की शुरुआत ही एक सैन्य तनाव से शुरु हुआ है. अमेरिका के वेनेजुएला पर अटैक के खिलाफ रूस, चीन, क्यूबा, कोलंबिया समेत कई देशों ने आवाज उठाई है. तो खुद अमेरिका में भी इस हमले का विरोध किया गया है. 

अमेरिका के डेमोक्रेटिक सांसद ने कहा कि वेनेजुएला की जंग, इराक के बाद दूसरी बिना वजह वाली लड़ाई है, जिसमें अमेरिकी सैनिकों को झोंका गया है.

राष्ट्रपति मादुरो, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाते हैं. रूस ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका को कटघरे में खड़ा किया है और अमेरिकी हमले को सशस्त्र आक्रामकता कहा है.

वेनेजुएला पर हमले की निंदा जरूरी है, हम वेनेजुएला-अमेरिका के बीच संवाद के लिए तैयार: रूस

रूस के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को खुली ‘सशस्त्र आक्रामकता’ करार देते हुए कड़ी निंदा की है. रूस ने कहा कि “अमेरिका का हमला एक गंभीर चिंता का विषय है और जिसकी निंदा जरूरी है. इस कार्रवाई को सही ठहराने के लिए जो तर्क दिए जा रहे हैं, वे पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और व्यावहारिक कूटनीति की जगह वैचारिक दुश्मनी ने ले ली है.”

रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि, “मौजूदा हालात में सबसे अहम बात यह है कि आगे किसी भी तरह के तनाव को रोका जाए और बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जाए. जिन पक्षों के बीच भी मतभेद हैं, उन्हें संवाद के जरिए हल किया जाना चाहिए. रूस ऐसे प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार है.”

वेनेजुएला को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का अधिकार, बाहरी सैन्य हस्तक्षेप अस्वीकार्य: रूस

रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि “लैटिन अमेरिका को 2014 में घोषित अपने लक्ष्य के अनुसार शांति का क्षेत्र बने रहना चाहिए. वेनेजुएला को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का पूरा अधिकार है और उस पर किसी भी तरह का बाहरी, खासकर सैन्य हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है.”

रूस ने वेनेजुएला की जनता के साथ एकजुटता जताते हुए उसकी बोलिवेरियन सरकार की नीतियों का समर्थन किया और कहा कि “यह नेतृत्व देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए काम कर रहा है. रूस ने वेनेजुएला और कई लैटिन अमेरिकी देशों की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक बुलाने की अपील की गई है.”

रूसी विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि कराकस स्थित रूसी दूतावास सामान्य रूप से काम कर रहा है और वेनेजुएला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है. 

मादुरो राष्ट्रपति नहीं, ड्रग्स के किंगपिन: मार्को रुबियो

मादुरो वेनेजुएला के राष्ट्रपति नहीं हैं और उनका शासन वैध सरकार नहीं है. मादुरो कार्टेल डे लॉस सोल्स के मुखिया है, जो एक नार्को टेरर संगठन है, जिसने एक देश पर कब्ज़ा कर लिया है. और उस पर यूनाइटेड स्टेट्स में ड्रग्स फैलाने का आरोप है.

पिछले साल अगस्त के महीने में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के लिए अलकायदा चीफ ओसामा बिन लादेन और अबु बकर अल बगदादी से भी ज्यादा का इनाम रखा था. अमेरिका ने घोषणा की थी कि अब मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़ी सूचना देने पर 50 मिलियन डॉलर (करीब 417 करोड़ रुपये) का इनाम दिया जाएगा. अमेरिका ने राष्ट्रपति मादुरो पर ये इनाम नशीले पदार्थों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों के साथ गठजोड़ के आरोपों के चलते घोषित किया था.

रूस का विरोधी ईयू, अमेरिका के समर्थन में आया

यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने कहा, कि उन्होंने वेनेजुएला की स्थिति पर अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो और कराकस में अपने राजदूत से बातचीत की है. 

काजा कल्लास ने कहा, “यूरोपीय संघ ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति मादुरो के पास वैधता नहीं है और उन्होंने शांतिपूर्ण सत्ता संक्रमण का समर्थन किया है. हर परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पालन किया जाना आवश्यक है. यूरोपीय संघ ने यह भी कहा कि देश में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.” 

शी जिनपिंग के विशेष दूत से मादुरो की मुलाकात, थोड़ी देर बाद अमेरिका ने गिराए बम

वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों से ठीक कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने चीन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीन के लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई मामलों के लिए विशेष दूत और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष प्रतिनिधि क्यू शियाओछी कर रहे थे. 

प्रतिनिधिमंडल में वेनेजुएला में चीन के राजदूत लान हू, चीनी विदेश मंत्रालय के लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई विभाग के निदेशक लियू बो, उप निदेशक वांग हाओ और क्षेत्रीय अटैची लियू शेन शामिल थे. इस अहम बैठक में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

अमेरिका के डेमोक्रेटिक सांसद ने ट्रंप को घेरा, कहा, बेफिजूल की जंग

वेनेजुएला पर हमले के बाद अमेरिका के डेमोक्रेटिक सांसद ने हमले की निंदा की है. एरिजोना से अमेरिकी सीनेटर रुबेन गाल्गो (पूर्व मरीन सैनिक) ने एक्स पर लिखा कि, यह जंग गैरकानूनी है. यह इराक के बाद दूसरी बिना वजह की लड़ाई है.

यूटा से रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली (यूटा) ने भी अमेरिकी हमले की आलोचना की है. माइक ली ने एक्स पर लिखा, “मैं यह जानने के लिए इंतजार कर रहा हूं कि बिना युद्ध की घोषणा या सैन्य बल के इस्तेमाल की अनुमति के, इसे संविधान के तहत कैसे सही ठहराया जा सकता है.”

आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस के डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन सांसद कई प्रस्ताव पेश कर चुके हैं जिसमें अमेरिका को संसद की मंजूरी के बिना वेनेजुएला पर हमला करने से रोकने की बात कही गई थी.

क्यूबा के राष्ट्रपति ने अमेरिकी हमले की निंदा की

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल बर्मुडेज ने वेनेजुएला पर अमेरिका के हमलों की निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दुनियाभर के देशों से तुरंत इस हमले की निंदा करने को कहा. 

क्यूबा के राष्ट्रपति ने लिखा, यह हमला वेनेजुएला के लोगों और पूरे लैटिन अमेरिका के खिलाफ डराने-धमकाने जैसा है.

काराकास पर बमबारी पूरी दुनिया के लिए चेतावनी, यूएन फौरन बुलाए बैठक: कोलंबिया

वेनेजुएला के पड़ोसी देश कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि “ काराकास पर बमबारी हो रही है. पूरी दुनिया को अलर्ट किया जाता है. यूएन इस पूरे मामले की जांच करे. संयुक्त राष्ट्र की तत्काल बैठक बुलानी चाहिए.

मादुरो ने लगाया था तख्तापलट की कोशिश का आरोप, यूएस का नेवी सील कमांडो हुआ था गिरफ्तार

आपको बता दें कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को ट्रंप बिलकुल पसंद नहीं करते थे. जब से ट्रंप सत्ता में आए थे, वेनेजुएला की घेराबंदी किए हुए थे. ट्रंप मादुरो को तानाशाह बताते हैं. हालांकि कहा ये भी जाता है कि रूस और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मादुरो की नजदीकी, ट्रंप को ज्यादा अखरती थी. एक बार तो मादुरो ने ट्रंप को चैलेंज करते हुए ये तक कह दिया था कि उनके पास जो मोबाइल फोन है, वो शी जिनपिंग ने दिया था और दुनिया को कोई ताकत उस मोबाइल के जरिए मादुरो को ट्रेस नहीं कर सकती है.

ट्रंप के सत्ता में आने से पहले भी सितंबर 2024 में दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला ने यूएस इंटेलिजेंस एजेंसी, सीआईए पर तख्तापलट के सनसनीखेज आरोप लगाते हुए छह विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था और बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए थे. जिन विदेशी नागरिकों को वेनेजुएला ने गिरफ्तार किया उनमें एक अमेरिकी नेवी सील कमांडो शामिल था, दो अन्य अमेरिकी नागरिकों के अलावा दो स्पेनिश और एक चेक गणराज्य का नागरिक थे.

उस वक्त वेनेजुएला का आरोप था कि अमेरिका खुफिया एजेंसी सीआईए (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) ने स्पेन की खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी के साथ मिलकर तख्तापलट करने की नाकाम कोशिश की. वेनेजुएला ने बताया था कि चेक गणराज्य का नागरिक, पूर्वी यूरोप में सक्रिय फ्रांसीसी लड़ाकों (किराए के सैनिकों) के संपर्क में था. जिन 400 राइफल को जब्त किया गया है, वे इन फ्रांसीसी लड़ाकों के लिए थी.

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