अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मानसिक स्थिति के चलते उन्हें पद से हटाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है. ईरान में रिजीम चेंज का सपना देखने वाले ट्रंप को सत्ता से हटाने के लिए अमेरिकी सांसद ट्रंप 25वें संशोधन का सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं.
अमेरिकी सांसद डैनियल गोल्डमैन ने तो यहां तक कह डाला है कि कमांडर-इन-चीफ पागल जैसा व्यव्हार करने लगे हैं.
बताया जा रहा है कि ट्रंप का हिंसक और उग्र व्यवहार, बिना तथ्यों के कुछ भी बोल देना और फिर उस बयान पर लीपापोती करते करते व्हाइट हाउस भी परेशान हो चुका है. ट्रंप में डिमेंशिया के लक्षण बहुत अधिक दिखने लगे हैं, साथ ही ऊलजलूल बयान भी देने लगे हैं. हाल ही में ट्रंप ने गाली तक दे डाली थी, जिसके बाद अमेरिका की दुनियाभर में किरकिरी हुई थी.
दावा किया जा रहा है कि ईरान युद्ध के दौरान ऐसे कई मौके आए जब उन्होंने सेना के कंट्रोल रूम में ऊटपटांग हरकतें कीं. खासकर तब जब अमेरिका का एक पायलट ईरानी क्षेत्र में तलाशा जा रहा था.
ट्रंप के व्यवहार के कारण वेस्ट विंग से बाहर किया गया
ईरान के साथ चले 40 दिनों के युद्ध के दौरान जब ईरान में गिरे एक अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा था, तो उस वक्त राष्ट्रपति ट्रंप को जानबूझकर बाहर रखा गया था.
खुलासा हुआ है कि वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को डर था कि ट्रंप की ‘अस्थिर मानसिक स्थिति’ इस खतरनाक मिशन को खतरे में डाल सकती है.
दावा है कि ट्रंप कई घंटों तक वेस्ट विंग में अपने स्टाफ पर चिल्लाते रहे. और बार बार 1979 के ईरान बंधक संकट को लेकर डरे हुए थे. हर थोड़ी-थोड़ी देर में ट्रंप ईरान बंधक संकट का नाम ले रहे थे और वो भूल गए थे कि मौजूदा वक्त में एक अमेरिकी पायलट का रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है.
ट्रंप को बार-बार यह कहते सुना गया- ‘देखो जिमी कार्टर के साथ क्या हुआ था… उस घटना ने उन्हें चुनाव हरवा दिया था’.
इसी डर और गुस्से को देखते हुए सैन्य नेतृत्व ने उन्हें रेस्क्यू ऑपरेशन की ब्रीफिंग से दूर रखने का फैसला किया.
ट्रंप की हालत ठीक नहीं: न्यूयॉर्क के सांसद
न्यूयॉर्क के सांसद डैनियल गोल्डमैन ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप को तुरंत हटाने की वकालत की है. गोल्डमैन ने लिखा, “कमांडर-इन-चीफ को एक सैन्य अभियान की कमान संभालने से रोक दिया गया क्योंकि वह ‘पागल’ जैसा व्यवहार कर रहे थे. ट्रंप ठीक नहीं हैं, इससे पहले कि अमेरिकी धरती पर कुछ बहुत बुरा हो, हमें 25वें संशोधन की जरूरत है”.
ट्रंप पोप को बोल रहे उल्टा सीधा, सांसदों में गुस्सा
कैथोलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो XIV को भी ट्रंप ने उल्टा सीधा बोला था, जिसके कारण अमेरिकी सांसदों के साथ-साथ जनता नाराज है. सार्वजनिक तौर पर ट्रंप आए दिन पोप के लिए कुछ न कुछ बयान देते रहते हैं. हाल ही में ट्रंप ने कहा था, हमें ऐसा पोप पसंद नहीं है जो यह कहे कि परमाणु हथियार रखना ठीक है. मैं पोप लियो का प्रशंसक नहीं हूं.
ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अगर वो अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर नहीं चुने गए होते तो पोप फ्रांसिस के निधन के बाद पोप लियो को अगला पोप नियुक्त नहीं किया जाता.
ट्रंप ने खुद का दिखाया ईसा मसीह
ट्रंप ने कैथोलिक चर्च की आलोचना के कुछ ही समय बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की. इस तस्वीर में ट्रंप खुद को जीसस की तरह दिखाते हुए और चमत्कार करते हुए दिखाया. इस तस्वीर में ट्रंप लंबे-चौड़ा पारंपरिक चोगा पहने हुए, एक बीमार आदमी पर अपना हाथ रखे दिखाई दे रहे हैं. ट्रंप के आसपास अमेरिकी झंडा, सैन्य सामान रखा गया और आसपास देवदूत थे.
इस पोस्टर को लेकर भी आलोचना की. जनता ने कहा ट्रंप बचकानी हरकत कर रहे हैं.
ट्रंप में दिख रहे डिमेंशिया के लक्षण: फ्रेड ट्रंप III
पिछले साल ट्रंप के भतीजे फ्रेड ट्रंप III ने अपनी नई पुस्तक ‘ऑल इन द फैमिली: द ट्रंप एंज हाउ वी गॉट दिस वे’ पर चर्चा करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे. फ्रेड III ने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप के पिता फ्रेड ट्रंप सीनियर आठ साल तक अल्ज़ाइमर्स से पीड़ित रहे थे, अब ये लक्षण अंकल (ट्रंप) में भी दिखने लगे हैं. फ्रेड के मुताबिक ट्रंप अब पहले जैसे नहीं रहे. वो न केवल उम्रदराज दिखने लगे हैं, कुछ भी बोल देते हैं. अब वो एक बात पर टिक नहीं पाते. पहले वो अपने संदेश पर कायम रहते थे, अब सिर्फ उल-जुलूल बातें करते हैं. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि ट्रंप परिवार में पहले से इस बीमारी का इतिहास रहा है.”
फ्रेड ट्रंप III से पहले फ्रेड की बहन और पेशे से साइकोलॉजिस्ट मैरी ट्रंप पहले भी डोनाल्ड ट्रंप के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठा चुकी हैं.
ट्रंप को नार्सिसिस्टिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर भी, एक पूरा वाक्य ठीक से नहीं बोल पाते, लड़खड़ा जाते हैं: डॉ गार्टनर
मनोवैज्ञानिक और ड्यूटी टू वार्न के संस्थापक डॉक्टर जॉन गार्टनर ने एक इंटरव्यू में दावा किया था, कि “इसमें कोई संदेह नहीं है कि ट्रंप को डिमेंशिया है. वह सुसंगत भाषण देने की अपनी क्षमता खो रहे हैं और उन्हें एक वाक्य पूरा करने में भी कठिनाई हो रही है.”
डॉक्टर जॉन गार्टनर ने साल 2017 में ट्रंप में नार्सिसिस्टिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के लक्षण बताए थे. नार्सिसिस्ट एक ऐसा मानसिक विकार है, जिसमें मरीज को खुद से बहुत ज्यादा प्यार होता है और वह खुद को दूसरों से बेहतर समझता है. गार्टनर की मानें तो “ऐसे मरीजों को दूसरे के दर्द और अपमान पर आनंद आता है.”
डॉ. गार्टनर साल 2017 की बेस्टसेलर “द डेंजरस केस ऑफ डोनाल्ड ट्रम्प: 27 साइकियाट्रिस्ट्स एंड मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स असेस ए प्रेसिडेंट” में योगदान दे चुके हैं.
क्या हटा दिए जाएंगे ट्रंप, अमेरिकी कानून जानिए
आपको बता दें कि 25वां संशोधन अमेरिकी संविधान का वह कानून है जो राष्ट्रपति को ‘अक्षम’ घोषित कर पद से हटाने की शक्ति देता है. और इसके तहत फौरन राष्ट्रपति को उनके पद से हटा दिया जाता है. इसमें वोटिंग की जाती है.
अगर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कैबिनेट का बहुमत ट्रंप के खिलाफ वोट करता है, तो वेंस तुरंत कार्यवाहक राष्ट्रपति बना दिए जाएंगे. वहीं अगर ट्रंप इस कार्यवाही का विरोध करते हैं तो मामला अमेरिकी संसद में जाएगा जहाँ राष्ट्रपति को हटाने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी.

