Breaking News Classified Documents

कैनेडी की हत्या में सीआईए पर शक, डिक्लासिफाइड फाइल्स से गहराया राज़

क्या अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने अपने ही देश के राष्ट्रपति की हत्या की साजिश रची थी. ये सवाल उठ रहे हैं ट्रंप प्रशासन द्वारा तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी (1961-63) की हत्या से जुड़े 80 हजार सीक्रेट फाइल डिक्लासिफाइड करने के कारण. हालांकि, अपने ही देश के राष्ट्रपति की हत्या के पीछे कारण क्या था, ये अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है.

बुधवार को ट्रंप प्रशासन ने कैनेडी की हत्या से जुड़ी जांच रिपोर्ट और इंक्वायरी कमीशन के सभी दस्तावेजों को रिलीज कर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया. हालांकि, इनमें से काफी दस्तावेज पहले ही सार्वजनिक कर दिए गए थे, लेकिन जो नए जारी किए गए हैं उनमें शक की सुई सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) की तरफ उठ रही है.

नए दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि कैनेडी का हत्या में सीआईए का ही एक पूर्व एजेंट था शामिल था, जो स्पेशल असाइनमेंट के लिए ही इस्तेमाल किया जाता था. डिक्लासिफाइड फाइल्स के मुताबिक, गैरी अंडरहिल ने जब अपने एक दोस्त को इस बात का इशारा किया कि हत्या के पीछे सीआई का एक गुट है, तो उसकी भी संदिग्ध अवस्था में लाश अपने वाशिंगटन स्थित अपार्टमेंट में मिली थी.

कैसे हुई थी कैनेडी की हत्या

जॉन एफ कैनेडी को जेएफके के नाम से भी जाना जाता था. कैनेडी, अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति थे. 22 नवंबर 1963 को टेक्सास के डलास में कैनेडी जब अपनी खुली कार में जा रहे थे, उस वक्त उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस दौरान कार में उनकी पत्नी और अंगरक्षक भी मौजूद थे. इस घटना ने न केवल अमेरिका को बल्कि पूरी दुनिया को हिलाकर कर रख दिया था. आधिकारिक जांच के अनुसार, ली हार्वे ओसवाल्ड नामक एक व्यक्ति ने अकेले इस हत्या को अंजाम दिया था.

ओसवाल्ड खुद एक पूर्व मेरीन था और सीआईए के खबरी की तरह काम करता था. उसे सोवियत संघ के पूर्व एजेंट से लेकर माफिया का सदस्य तक घोषित किया गया था.

हत्या की थ्योरी

जेकेएफ की हत्या के पीछे, माफिया से लेकर क्यूबा और इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद और सोवियत संघ (केजीबी) की साजिश का हाथ बताया गया. लेकिन कभी भी थ्योरी हकीकत में तब्दील नहीं हुई. अब, नए फाइल्स से हत्या का शक, अमेरिकी की खुफिया एजेंसी पर ही जा रहा है. लेकिन कारण क्या है, इस पर सस्पेंस बना हुआ है.