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केजरीवाल की NIA जांच, खालिस्तानियों से कनेक्शन ?

शराब घोटाले के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. राजधानी के उप-राज्यपाल वी के सक्सेना ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू से रिश्वत लेने के मामले में एनआईए जांच की सिफारिश की है.

उप-राज्यपाल ने ये सिफारिश आम आदमी पार्टी के एक पूर्व सदस्य और वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन की शिकायत पर की है. शिकायत में कहा गया था कि इसी साल मार्च के महीने में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो के जरिए आरोप लगाया था कि वर्ष 2014 में ‘सिख फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) ने केजरीवाल को 16 मिलियन डॉलर (करीब 134 करोड़) का फंड दिया था. पन्नू के सनसनीखेज आरोपों के मुताबिक, ये पैसा दिल्ली बम धमाकों (1993) के आरोपी देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर को जेल से रिहा करने के लिए दिया गया था. टीएफए ने सबसे पहले मार्च के महीने में ही इन आरोपों का खुलासा कर दिया था (Khalistan: पन्नू के वीडियो से केजरीवाल ‘घेरे’ में).

प्रतिबंधित आतंकी संगठन, एसएफजे के प्रमुख पन्नू ने वीडियो मैसेज जारी कर दिल्ली के मुख्यमंत्री पर ये सनसनीखेज आरोप लगाए थे. केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) की तरफ से उपराज्यपाल की एनआईए जांच के सिफारिश पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लेकिन पार्टी के एमएलए सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल पर तीखा प्रहार करते हुए इस सिफारिश को ‘चुनाव’ से जोड़ दिया है. सौरभ के मुताबिक, “ये एलजी (लेफ्टिनेंट गर्वनर) के संवैधानिक दफ्तर का पूरी तरह से दुरुपयोग है.” सौरभ ने कहा कि दो साल पहले इस शिकायत (एसएफजे से पैसा लेने) को दिल्ली हाई कोर्ट ने ये कहकर खारिज कर दिया था कि ये “पूरी तरह से ओच्छी हरकत है.” (https://x.com/Saurabh_MLAgk/status/1787487331433263210)

देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर, खालिस्तानी आतंकी है जो पिछले 25 सालों से जेल में बंद है. वर्ष 1993 में राजधानी दिल्ली में हुए बम धमाके में भुल्लर मुख्य आरोपी था और बाद में कोर्ट ने आरोप-सिद्ध होने पर फांसी की सजा सुनाई थी. हालांकि, 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने भुल्लर की फांसी को आजीवन कारावास में तब्दील कर दी थी.

पन्नू के मुताबिक, 2014 में ही एसएफजे के प्रतिनिधियों ने केजरीवाल से न्यूयॉर्क में मुलाकात की थी. उस दौरान एसएफजे ने केजरीवाल को 16.70 मिलियन डॉलर (134 करोड़) रुपये का फंड दिया था. ये फंड भुल्लर को जेल से रिहा कराने के लिए दिया गया था. पन्नू का आरोप है कि पूरा एक दशक बीत गया है लेकिन न तो केजरीवाल और न ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भुल्लर को रिहा कराने में दिलचस्पी दिखाई है. भगवंत मान, केजरीवाल की आप पार्टी से ही ताल्लुक रखते हैं. 2014 में भी केजरीवाल दिल्ली के सीएम थे. 

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर अरविंद केजरीवाल के नाम के एक चिट्ठी वायरल है जिसमें उनके द्वारा तत्कालीन राष्ट्रपति (2014) से भुल्लर की रिहाई को लेकर की गई कोशिशों का जिक्र है. 

अमेरिका में रहकर भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाला पन्नू, इंडिया की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है. पन्नू को लेकर हाल के महीनों में भारत और अमेरिका के संबंधों में तल्खी आई है. अमेरिका का आरोप है कि भारत के एक (पूर्व) सरकारी अधिकारी ने पन्नू की हत्या की सुपारी एक भाड़े के हत्यारों को दी थी ताकि उसका मुंह बंद कराया जा सके. ये भाड़े का हत्यारा बाद में अमेरिका का सीक्रेट एजेंट निकला था. 

राजधानी दिल्ली में शराब घोटाले के आरोपों में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. केजरीवाल और उनकी पार्टी ईडी के आरोपों को एक सिरे से खारिज करते आए हैं. फिलहाल, केजरीवाल न्यायिक हिरास में तिहाड़ जेल में बंद हैं.

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