यूक्रेन भी बातचीत की टेबल पर आना चाहता है और पुतिन का ‘मेन्यू’ नहीं बनाना चाहता है. ये कहा है यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप से. सऊदी अरब के जेद्दा में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की रूसी डेलिगेशन से मुलाकात के दौरान यूक्रेन को निमंत्रण ने देने को लेकर जेलेंस्की ने ट्रंप से अपनी नाराजगी जाहिर की है.
बुधवार को ट्रंप ने जेलेंस्की से एक घंटे तक फोन पर बात की. उससे पहले ट्रंप ने ढाई घंटे तक पुतिन से फोन पर बात कर 30 दिन के अस्थायी युद्धविराम के लिए राजी कर लिया था. पुतिन ने हालांकि, अपनी कुछ शर्ते रखी थी. यही वजह है कि ट्रंप ने जेलेंस्की से फोन पर बात की.
रूस ने कर लिया है यूक्रेन के पांचवे हिस्से पर कब्जा
ओवल हाउस में हुई भिड़ंत के बाद ट्रंप और जेलेंस्की में पहली बार फोन पर बात हुई थी. माना जा रहा है कि जेलेंस्की ने एक बार फिर कहा है कि रूस द्वारा यूक्रेन के इलाकों पर हुए कब्जे को वैधता प्रदान ना की जाए. फरवरी 2022 के बाद से रूस ने यूक्रेन के दोनेत्स्क, लुगांस्क, जपोरिजिया और खेरसोन इलाकों में करीब 80 प्रतिशत तक कब्जा कर लिया है और रूसी सेना दिनो-दिन आगे बढ़ रही है.
कुर्स्क इलाके में हुई लड़ाई में भी यूक्रेनी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. रूस का दावा है कि पिछले आठ महीने में कुर्स्क में यूक्रेन के 65 हजार से ज्यादा सैनिक मारे गए हैं.
यही वजह है कि रूस के साथ किसी भी वार्ता में जेलेंस्की की कोशिश है कि यूक्रेन को भी वार्ता में शामिल किया जाए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो रूस पूरी तरह से यूक्रेन के पांचवे हिस्से पर कब्जे को वैध घोषित कर देगा.
दरअसल, कूटनीति में अंग्रेजी की कहावत, “इफ यू आर नॉट ऑन टेबल, यू आर पार्ट ऑफ मैन्यू” काफी मायने रखती है, जिसे अब जेलेंस्की ने ट्रंप से कही है.
अगले हफ्ते सऊदी अरब में फिर वार्ता
पुतिन और जेलेंस्की से ट्रंप की फोन कॉल के बाद, व्हाइट हाउस ने बताया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए अगले हफ्ते सऊदी अरब में फिर वार्ता होनी है. आखिरी वार्ता, 11 मार्च को अमेरिकी विदेश सचिव की यूक्रेन के विदेश सचिव के साथ हुई थी.
ट्रंप और पुतिन में हुई थी ढाई घंटे लंबी फोन कॉल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर ढाई घंटे लंबी चली बातचीत के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 30 दिन के अस्थायी युद्धविराम के लिए मंजूरी दे दी थी. ट्रंप के प्रस्ताव के अनुसार अगले 30 दिनों तक रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा संयंत्रों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं करेंगे. साथ ही ट्रंप ने रूस के स्थायी शांति के लिए प्रयास करने पर सहमति जताई है.
फोन कॉल के बाद व्हाइट हाउस यानी अमेरिकी राष्ट्रपति के ऑफिस और क्रेमलिन (पुतिन के ऑफिस) ने अपना-अपना आधिकारिक बयान जारी किया. उल्लेखनीय है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पहले ही ट्रंप के 30 दिन के अस्थायी सीजफायर के लिए हामी भर दी थी. ऐसे में माना जा रहा है कि रूस-यूक्रेन, शुरूआत में 30 दिन के युद्धविराम के लिए तैयार हो गए हैं.
व्हाइट हाउस का बयान:
1. ट्रंप और पुतिन, स्थायी शांति के लिए तैयार हो गए हैं.
2. दोनों नेता इस बात के लिए तैयार हो गए कि शांति की शुरूआत एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर युद्धविराम से होगी. इसके बाद काला सागर में मेरीटाइम सीजफायर और फिर पूर्णतया युद्धविराम. इसके बाद ही स्थायी शांति आ सकती है.
3. युद्ध में हुआ खर्चा, लोगों की जरूरतों के लिए इस्तेमाल होना चाहिए.
4. मिडिल ईस्ट में ही शांति वार्ता पर चर्चा होगी.
5. रूस और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों की होड़ रूकनी चाहिए.
6. रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी और जियोपॉलिटिकल स्थिरता बेहद जरूरी है ताकि दोनों देशों में शांति कायम रहे.
7. ईरान ऐसी स्थिति में न आए पाए कि इजरायल को तबाह कर दे. (https://x.com/TrumpDailyPosts/status/1902065480623649159)
क्रेमलिन का बयान:
1. अमेरिका के साथ मिलकर यूक्रेन विवाद का दीर्घकालिक और पूरे समाधान के लिए रूस तैयार है.
2. सीजफायर को लेकर रूस आशंकित है क्योंकि यूक्रेन का खराब ट्रैक-रिकॉर्ड रहा है, जो समझौतों को तोड़ता रहा है.
3. यूक्रेनी सेना ने रूस के कुर्स्क में सामान्य नागरिकों से बर्बरतापूर्ण कृत्य किए हैं.
4. यूक्रेन के साथ जंग की स्थिति बदतर न हो, इसके लिए अमेरिका, यूक्रेन को इंटेलिजेंस शेयरिंग और सैन्य मदद बंद कर दे. क्योंकि यूक्रेन विवाद का हल राजयनिक तरीकों से ही ढूंढा जा सकता है.
5. 19 मार्च यानी बुधवार को रूस और यूक्रेन एक दूसरे के 175 युद्धबंदियों की अदला-बदली करेंगे.
6. काला सागर में मेरीटाइम सुरक्षा के लिए ट्रंप के प्रयास काबिले-तारीफ हैं.