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मोदी से मिलने के लिए आतुर, बांग्लादेश को मिला जवाब

अगले सप्ताह बिम्स्टेक सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए बेचैन बांग्लादेश के अंतरिम मुखिया मोहम्मद यूनुस को मिली है चिट्ठी. पीएम मोदी ने मोहम्मद यूनुस को पत्र लिखकर 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की अटूट भावना को भारत-बांग्लादेश के मजबूत संबंधों की नींव बताया और भारत की भूमिका का जिक्र किया.

पीएम मोदी ने मुक्ति संग्राम में भारत की भूमिका का जिक्र ऐसे वक्त में किया है, जब, अंतरिम सरकार के सलाहकार भारत की भूमिका को नकार चुके हैं और बंगबंधु की निशानियों को लगातार बांग्लादेश से मिटाया जा रहा है.

बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की अटूट भावना, भारत-बांग्लादेश के मजबूत संबंधों की नींव: पीएम मोदी

मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस पर लिखे अपने पत्र में पीएम मोदी के रहा, “बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम की भावना हमारे संबंधों के लिए मार्गदर्शक बनी हुई है, जो कई क्षेत्रों में फली-फूली है और हमारे लोगों को ठोस लाभ पहुंचा रही है. हम शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हमारी आम आकांक्षाओं से प्रेरित और एक-दूसरे के हितों और चिंताओं के प्रति पारस्परिक संवेदनशीलता पर आधारित इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.यह दिन हमारे साझा इतिहास और बलिदानों के प्रमाण के रूप में खड़ा है, जिसने हमारी द्विपक्षीय साझेदारी की नींव रखी है.’ 

पीएम मोदी से मिलने के लिए बेताब यूनुस, भारत के जवाब का इंतजार 

हिंदुओं पर अत्याचार करने वाला बांग्लादेश बेसब्री से कर रहा है भारत के जवाब का इंतजार. अगले सप्ताह बैंकॉक में होने वाले बिम्सटेक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के अंतरिम सलाहकार मोहम्मद यूनुस की बैठक को लेकर बांग्लादेश ने तैयारी कर ली है. बांग्लादेश के विदेश सचिव मोहम्मद जशीम उद्दीन ने कहा कि “हम बैठक के लिए पूरी तरह तैयार हैं. हम भारत की सकारात्मक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं.अप्रैल के पहले सप्ताह में होने वाली बैठक में बांग्लादेश ने भारत से आग्रह किया है कि पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच बैठक कराई जाए.”

बांग्लादेश के अनुरोध पर कर रहे हैं विचार: एस जयशंकर

ढाका ने भारत को एक पत्र भेजकर यूनुस और पीएम मोदी के बीच बैठक का प्रस्ताव रखा है. बिम्स्टेक मोहम्मद यूनुस 2-4 अप्रैल को बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बैंकॉक में रहेंगे. ढाका चाहता है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस और भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी बिम्सटेक सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक करें. मोहम्मद यूनुस के सत्ता संभालने के बाद से पड़ोसी देश होने के बावजूद पीएम मोदी और यूनुस के बीच कोई भी द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई है. 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में बांग्लादेश के अनुरोध पर प्रतिक्रिया दी है. कहा, “बांग्लादेश के अनुरोध पर किया जा रहा है विचार.”  

परंपरा तोड़ते हुए पाकिस्तान के करीब जा रहा बांग्लादेश

पिछले साल शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद से बांग्लादेश, भारत से ज्यादा पाकिस्तान के करीब जा रहा है. बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का मामला भारत ने बार-बार उठाया है, लेकिन यूनुस सरकार कोई सख्त कदम नहीं उठा रही. इसके अलावा तमाम आईएसआई अफसर और पाकिस्तानी सैन्य अफसरों की बांग्लादेश में हलचल बढ़ गई है. यूनुस सरकार पाकिस्तानी खुफिया अफसरों को भारतीय सीमा के तमाम संवेदनशील इलाकों में ले गई है, जो भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है. वहीं शेख हसीना ने भारत में शरण ली हुई है, जो बांग्लादेश को अखर रहा है. ऐसे में सवाल ये है कि क्या बिम्स्टेक सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी, मोहम्मद यूनुस से द्विपक्षीय वार्ता के लिए तैयार होंगें.

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