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69% बढ़ा IB का बजट, वित्त मंत्री ने खोली तिजोरी

हाईब्रिड आतंकवाद, साइबर वॉरफेयर से सामना करने और देश की सुरक्षा मजबूत करने के लिए देश की खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो यानि आईबी के लिए वित्त मंत्रालय ने दिल खोलकर बजट जारी किया है. 

केंद्रीय बजट में आईबी के लिए आवंटित धनराशि में 2889 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है, ताकि दुनिया की टॉप सीक्रेट एजेंसियों की तरह ही आईबी के कार्यशैली में बदलाव और तेजी आए. सरकार ने इंटेलिजेंस ब्यूरो का बजट बढ़ाकर 6,782.43 करोड़ रुपये कर दिया है.

खुफिया विभाग के हिस्से में छप्परफाड़ बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब बजट की घोषणा शुरु की तो सबकी नजर इस ओर थी कि वो डिफेंस, खुफिया विभाग और पैरा मिलेट्री फोर्सेज के लिए बजट का क्या प्रावधान कर रही हैं. 

साल 2026-27 के बजट में ‘इंटेलिजेंस ब्यूरो’ के लिए भारी राशि का प्रावधान किया गया है. इस बार खुफिया एजेंसी का बजट 6782.43 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है. जबकि पिछले साल आईबी का बजट 3893.35 करोड़ रुपये रहा था.

आईबी का बढ़ा बजट साल 2024-25 के वास्तविक खर्च तुलना में 69 प्रतिशत अधिक है. आईबी का कैपिटल खर्च 306 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,549.54 करोड़ रुपये हो गया है, जिसके तहत अत्याधुनिक निगरानी, डेटा एनालिसिस और टेक्नोलॉजी अपग्रेड पर फोकस किया गया है. 

पिछले वर्षों की बात की जाए तो साल 2023-24 के दौरान आईबी के लिए 3,268.94 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे, 2024-25 में आईबी का बजट 3,823.83 करोड़ रुपये किया गया है. 

साइबर सुरक्षा, घुसपैठी, कट्टरपंथियों के खिलाफ अहम भूमिका में आईबी

बजट में अलॉट हुई राशि से ‘सर्विलांस’ के लिए नए उपकरण खरीदे जाएंगे. तकनीकी स्टाफ की संख्या को बढ़ाया जाएगा. आईबी के बजट में निगरानी, डेटा एनालिसिस और टेक्नोलॉजी अपग्रेड पर फोकस किया गया है. 

घुसपैठियों पर लगाम लगाने के पीछे आईबी का अहम रोल होता है. माना जा रहा है कि आईबी के लिए बढ़ा बजट आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और दूसरी एजेंसियों के साथ मजबूत कोऑर्डिनेशन के लिए खर्च किया जाएगा.

साइबर सुरक्षा, नार्को टेरर, आतंकवादियों और कट्टरपंथियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए आईबी अपना खुफिया तंत्र मजबूत करने में जुटा हुआ है. 

पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस को बजट में क्या मिला?

बजट में केंद्रीय सशस्त्र बलों के बजट में 7.1% की बढ़ोतरी की गई है. गृह मंत्रालय ने 2026-27 के लिए पुलिस बलों के लिए 1,73,802.53 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है. 

बजट के तहत सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एनएनजी, असम राइफल्स और एसएसबी समेत इन सात सशस्त्र केंद्रीय बलों को 2026 के इस बजट में 1,16,789.30 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो 2024-25 के वास्तविक खर्च से 11.4 प्रतिशत अधिक है. इस बजट में एनएसजी के लिए 30% बढ़ोतरी की गई है, तो इंडो-चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी के बजट को पिछले साल की तुलना में 21 प्रतिशत बढ़ाया गया है.

आंकड़ों को देखें तो 

  • सीआरपीएफ 38,517.93 करोड़ रुपये
  • बीएसएफ : 29,567.64 करोड़ रुपये
  • आईटीबीपी : 11,324.08 करोड़ रुपये 
  • सीआईएसएफ : 15,973.85 करोड़ रुपये
  • एनएसजी: 1,422.47 करोड़ रुपये 

दिल्ली पुलिस को इस बार बजट में 2,503.65 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस का बजट 16 प्रतिशत बढ़कर 9,925.50 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानि एसपीजी को जो प्रधानमंत्री की सुरक्षा करता है उसके लिए 499.99 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

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