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भारत में हेलीकॉप्टर और बम बनाएगा France, रूस की जगह लेने के लिए तैयार

एआई समिट में शामिल होने भारत आ रहे फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (17-19 फरवरी) के दौरान, दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में अहम करार होने जा रहे हैं. इनमें साझा हेलीकॉप्टर के निर्माण से लेकर हैमर बम बनाना शामिल है. माना जा रहा है कि दौरे के दौरान, मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 114 मेक इन इंडिया रफाल (राफेल) को लेकर भी अहम घोषणा कर सकते हैं.

एलयूएच हेलीकॉप्टर के लिए एयरबस ने मिलाया टाटा से हाथ

रविवार को रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, फ्रांस (यूरोप) की एयरबस कंपनी, टाटा कंपनी के साथ एच-125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर का बेंगलुरू के करीब वेमागल (कर्नाटक) में साझा निर्माण करने जा रही है. इस प्लांट का मैक्रों और पीएम मोदी वर्चुअल उद्धाटन करेंगे. इस दौरान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री ,प्लांट में मौजूद रहेंगी. इन एलयूएच हेलीकॉप्टर को भारतीय सेना के लिए बनाया जाएगा. 

मैक्रो के साथ भारत आएंगी फ्रांसीसी रक्षा मंत्री

मैक्रों के साथ भारत के दौरे पर आ रही फ्रांसीसी रक्षा मंत्री कैथरिन वातारिन,17 फरवरी को बेंगलुरु में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हैमर बम को भारत में बनाने को लेकर होने वाले करार के दौरान भी मौजूद रहेंगी. फ्रांस की साफरान कंपनी इन हैमर बम का निर्माण करती है और इन्हें रफाल (राफेल) से लॉन्च किया जाता है. 

आसमान से जमीन पर मार करने वाले इन हायली एजाइल मोडयूलर म्युनिशन एक्सटेंडेड रेंज (एचएएमएमईआर यानी हैमर), एक स्टैंड ऑफ वेपन (बम) है जिसकी रेंज करीब 70 किलोमीटर है.

ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना ने किया था हैमर बम का इस्तेमाल

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, इन हैमर बम का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के हेडक्वार्टर को तबाह करने के लिए किया गया था. इस हैमर बम को मिराज-2000 और स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस से भी दागा जा सकता है. यही वजह है कि इन बमों को अब भारत में बनाया जाएगा. 

दोनों देशों की सेनाओं में होगें एक-दूसरे के सैनिक तैनात

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बेंगलुरु में राजनाथ सिंह और फ्रांसीसी रक्षा मंत्री के बीच, दोनों देशों (भारत और फ्रांस) के बीच अगले 10 वर्षों के लिए रक्षा सहयोग पर करार होगा. इस करार के तहत, पहली बार दोनों देशों की सेना (थल सेना) में एक दूसरे के अधिकारियों की तैनाती होने जा रही है. ये पहली बार होगा कि किसी दूसरे देश के सैनिक, भारतीय सेना में तैनात होंगे.

मेक इन इंडिया रफाल पर भी ऐलान की प्रबल संभावना

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को रक्षा मंत्रालय की अपेक्स कमेटी, रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने मेक इन इंडिया के तहत, फ्रांसीसी फाइटर जेट रफाल के भारत में निर्माण को लेकर हरी झंडी दी थी. इस डील के तहत, फ्रांस की दासो (दसॉल्ट) कंपनी, किसी स्वदेशी (भारतीय) कंपनी के साथ मिलकर भारत में 114 रफाल फाइटर जेट बनाएगी. 

माना जा रहा है कि मैक्रों के दौरे के दौरान, दोनों देश इस मेक इन इंडिया रफाल लड़ाकू विमान को लेकर अहम घोषणा कर सकते हैं.

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