ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने के बावजूद, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने इस साल (2024-25) में रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया है. इस साल एचएएल का रेवेन्यू 30,381 करोड़ है. ये राजस्व ऐसे समय में हासिल हुआ है जब एचएएल ने एलसीए फाइटर जेट और एएलएच हेलीकॉप्टर की डिलीवरी वक्त रहते नहीं की है.
एचएएल के सीएमडी डी के सुनील के मुताबिक, अमेरिका से एविएशन इंजन की डिलीवरी न होने के चलते भारतीय वायुसेना को लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीए) के मार्क-1ए वर्जन की सप्लाई नहीं हो पाई है. साथ ही इसी साल जनवरी के महीने में एक एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच) के क्रैश होने के चलते पूरी फ्लीट को ग्राउंड करना पड़ गया है.
सीएमडी के मुताबिक, एलसीए और एएलएच के अलावा बाकी सभी सैन्य उपकरण और सर्विस की डिलीवरी के चलते एविएशन कंपनी टॉप लाइन बनाकर रख पाई है. पिछले साल (2023-24) में एचएएल का कुल राजस्व था 30,400 करोड़.
पिछले हफ्ते मिला था 62 हजार करोड़ का प्रचंड ऑर्डर
पिछले हफ्ते ही एचएएल को रक्षा मंत्रालय से हाल के सालों का सबसे बड़ा ऑर्डर मिला है. ये था लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड का. रक्षा मंत्रालय ने 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर का करार एचएएल से किया है. इस करार की कुल कीमत 62,700 करोड़ है. रक्षा मंत्रालय का किसी भी स्वदेशी कंपनी से ये अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है. यहां तक की फ्रांस से लिए 36 राफेल (रफाल) फाइटर जेट का सौदा भी 59 हजार करोड़ में हुआ था. (एलसीएच हेलीकॉप्टर का प्रचंड करार, HAL से 62 हजार करोड़ में मिलेंगे 156)
12 सुखोई फाइटर जेट और 240 इंजन का भी मिला है ऑर्डर
एचएएल को इस साल 12 सुखोई फाइटर जेट का ऑर्डर मिला है. साथ ही सुखोई के 240 एविएशन इंजन का ऑर्डर भी मिला है. 40 डोरनियर एयरक्राफ्ट के अपग्रेड की जिम्मेदारी भी एचएएल को मिली है. इसी साल एचएएल को ‘महारत्न’ का दर्जा मिला है. एचएएल, देश का पहला डिफेंस पीएसयू है जिसे महारत्न का दर्जा मिला है.
एचएएल के मुताबिक, पिछले 12 महीने में कंपनी की ऑर्डर बुक में काफी सुधार आया है. इस दौरान एचएएल ने एलसीए और एचटीटी-40 एयरक्राफ्ट के लिए अतिरिक्त लाइन्स तैयार की है ताकि एविएशन इंजन की डिलीवरी होने से ज्यादा से ज्यादा विमानों का उत्पादन किया जा सके. कोरापुट में एयरो-इंजन की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है.
अमेरिका से एफ404 एविएशन इंजन की सप्लाई से अगले साल अधिक मजबूत होगा एचएएल का वित्तीय प्रदर्शन
साल के अंत में कंपनी का ऑर्डर बुक 1.84 लाख करोड़ है, जबकि वर्ष के शुरुआत में 94,129 करोड़ थी. एचएएल के मुताबिक, सप्लाई चेन अब स्थिर हो रही है, ऐसे में अगले साल (2025-26) वित्तीय प्रदर्शन अधिक मजबूत होने जा रहा है. पिछले हफ्ते ही अमेरिकी कंपनी जीई-एयरोस्पेस ने एफ404-आईएन 20 इंजन की सप्लाई शुरू कर दी है, जिसे एलसीए मार्क-1ए वर्जन में इस्तेमाल किया जाएगा. (अमेरिका से एफ404 इंजन की सप्लाई शुरू, एलसीए मार्क-1ए प्रोजेक्ट में हुई देरी)