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ग्वालियर के करीब मिराज-2000 क्रैश, पायलट सुरक्षित

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में भारतीय वायुसेना का एक मिराज-2000 फाइटर जेट क्रैश हो गया है. ये एक ट्रेनर लड़ाकू विमान था. क्रैश से पहले, दोनों पायलट इजेक्ट कर गए थे और सुरक्षित हैं. वायुसेना के मुताबिक, ‘मैलफंक्शन’ के कारण ये दुर्घटना हुई है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

घटना गुरूवार दोपहर 2.30 की है जब मिराज फाइटर जेट एक रूटीन ट्रेनिंग सोर्टी (उड़ान पर था). उसी दौरान, ग्वालियर के करीब शिवपुरी मे प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. प्लेन एक खेत में जाकर गिरा और धूधू कर जल उठा.

जिस जगह प्लेन गिरा वहां से कुछ दूरी पर ही दोनों पायलट भी गिरे पाए गए. दोनों ने ही क्रैश से पहले, प्लेन की सीट के साथ इजेक्ट किया था. इजेक्शन के चलते दोनों की जान बच पाई. जमीन पर गिरने के बाद पायलट ने ही ग्वालियर बेस को दुर्घटना की सूचना दी.

फाइटर जेट में मैलफंक्शन के चलते हुई दुर्घटना: वायुसेना

जानकारी के मुताबिक, पायलट की पहचान विंग कमांडर विराज भोला और विक्रांत जाधव के तौर पर हुई है. क्रैश के कुछ देर बाद ही वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर पहुंचा और दोनों पायलट को साथ ले गया.

वायुसेना ने मिराज-2000 क्रैश पर एक संक्षिप्त बयान जारी किया. वायुसेना के मुताबिक, “विमान आज एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान शिवपुरी (ग्वालियर) के करीब प्रणाली में खराबी के चलते दुर्घटनाग्रस्त हो गया. दोनों पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गए, दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं.” (https://x.com/IAF_MCC/status/1887451870790115384)

बालाकोट एयर स्ट्राइक से आया था सुर्खियों में

मिराज-2000 एक सिंगल इंजन एयरक्राफ्ट है, जिन्हें 80 के दशक में भारत ने फ्रांस से खरीदे थे. मिराज को भी राफेल फाइटर जेट बनाने वाली दासो कंपनी बनाती है. हालांकि, ये एक सिंगल पायलट विमान है लेकिन ट्रेनर में दो पायलट सवार होते हैं.

वर्ष 2019 में पुलवामा हमले के बाद वायुसेना ने मिराज-2000 लड़ाकू विमानों से ही पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप पर एयर-स्ट्राइक की थी. हवाई हमले को छह मिराज-2000 विमानों ने ही स्पाइस-2000 बम के जरिए अंजाम दिया था.

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मिराज-2000 फाइटर जेट की दो स्क्वाड्रन तैनात रहती हैं. बालाकोट एयर स्ट्राइक करने वाले मिराज-2000 भी ग्वालियर बेस के ही थे और यही से उड़ान भरी थी.

मिराज को रिप्लेस करने के लिए एलसीए मार्क-1ए का बेसब्री से इंतजार

वायुसेना के मिराज-2000, जगुआर और मिग-29 फाइटर जेट अब पुराने हो चले हैं. इनके रिप्लेसमेंट के लिए ही हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) स्वदेशी एलसीए तेजस के मार्क-1ए वर्जन के निर्माण में जुटी है. हालांकि, अमेरिका से एफ-404 एविएशन इंजन की सप्लाई में हो रही देरी के चलते निर्माण में बाधाएं आ रही हैं.


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