इस हफ्ते बंगाल की खाड़ी में पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण एक बार फिर रद्द कर दिया गया है. रद्द करने के कारणों की जानकारी साझा नहीं की गई है. खास बात ये है कि इस परीक्षण से चीन की कान खड़े हो गए थे और चार-चार जासूसी जहाज हिंद महासागर में तैनात कर दिए थे.
नौसेना प्रमुख ने मिसाइल टेस्ट को रद्द करना बताया सामान्य प्रक्रिया
चीन के स्पाई शिप के चलते मिसाइल टेस्ट के रद्द करने के कारण को लेकर हालांकि, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने टिप्पणी नहीं की, लेकिन ये जरुर कहा कि “इन सैटेलाइट ट्रैकिंग शिप और सर्वे वेसल के चलते दुनियाभर की नौसेनाएं अपनी गतिविधियों को रीकैलिब्रेट करती है.” नेवी चीफ ने इसे एक ‘सामान्य प्रक्रिया’ बताया. (https://x.com/ANI/status/1995085606423044150?s=20)
पनडुब्बी से मिसाइल लॉन्च की तैयारी थी
करीब 3500 (3485) किलोमीटर की रेंज वाली इस मिसाइल को भारतीय नौसेना की परमाणु पनडुब्बी से विशाखापट्टनम से दागा जाना था. लंबी दूरी की मिसाइल के परीक्षण को लेकर भारत ने नोटम यानी नोटूस टू एयरमैन जारी कर दिया था. ये नोटम 1-4 दिसंबर के बीच के लिए जारी किया गया था. इस अवधि में सभी देशों की वायु सेनाओं और कमर्शियल एयरलाइंस को नोटम क्षेत्र में उड़ान भरने की चेतावनी जारी की गई थी.
अक्टूबर के महीने में भी रद्द कर दिया गया था परीक्षण
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर के महीने में भी भारत ने एक लंबी दूरी की मिसाइल के लिए नोटम जारी करने के बाद रद्द कर दिया था. उस वक्त चीन के जासूसी जहाज हिंद महासागर में पहुंच गए थे. उस दौरान, अमेरिका का एक रिसर्च वेसल भी मालदीव में मौजूद था. अमेरिकी जहाज को लेकर हालांकि, भारतीय नौसेना ने स्पष्टीकरण दिया था कि वो भारत की जासूसी के लिए हिंद महासागर में मौजूद नहीं था.
चीन के जासूसी जहाज को लेकर भारतीय नौसेना जरूर चौकन्ना रहती है. पिछले हफ्ते, भारतीय नौसेना के वाइस चीफ, वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने इस बाबत सार्वजनिक बयान तक दिया था कि हिंद महासागर में आने वाले सभी नौसेनाओं के जहाज और पनडुब्बियों पर भारत की पैनी नजर रहती है.
हिंद महासागर में चीन के 04 सर्वे वेसल मौजूद
उल्लेखनीय है कि इस वक्त भी चीन के 04 स्पाई शिप हिंद महासागर में मौजूद हैं. चौथे जहाज ने शुक्रवार को ही हिंद महासागर में एंट्री की था.
जानकारी के मुताबिक, चीन के लान हाई-101 रिसर्च वेसल ने शुक्रवार को मलक्का स्ट्रेट के जरिए बंगाल की खाड़ी में एंट्री ली है. ये जहाज श्रीलंका के गैले बंदरगाह जाने की तैयारी कर रहा है. खास बात है कि जब भी भारत का कोई बड़ा मिसाइल टेस्ट होता है, चीन के स्पाई-शिप श्रीलंका या फिर मालदीव पहुंच जाते हैं. इस मुद्दे को समय-समय पर भारत ने पड़ोसी देशों से उठाया है.
लान हाई-101 के अलावा लान हाई-201 भी इस वक्त हिंद महासागर में एक्वाकल्चर रिसर्च और सर्वे के नाम पर हिंद महासागर में मौजूद है. चीन के एक तीसरा सर्वे वेसल, शी यान-6 भी मॉरीशस के पोर्ट लुइस जाने की तैयारी कर रहा है. शीन हाई यो हाओ नाम का एक चौथा चीनी जहाज भी डिएगो गार्सिया से मलक्का स्टेट की तरफ जा रहा है.

