गाजा में खराब हो रहे हालात पर भारत ने चिंता जताई है. भारत ने हमास के चंगुल में फंसे बंधकों की रिहाई की मांग करते हुए गाजा में हिंसा और मानवीय त्रासदी खत्म करने की अपील की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर संघर्ष प्रभावित फिलिस्तीनी क्षेत्र के लोगों को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा है.
गाजा में इस सप्ताह इजरायल के आक्रामक रवैए के चलते एक के बाद एक कई एयरस्ट्राइक की गई है, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है. इजरायल ने इस महीने की शुरुआत से ही गाजा में दी जा रही मानवीय सहायता पर रोक लगा दी है, जिससे हालात बिगड़े हुए हैं.
भारत ने की इजरायली बंधकों को छोड़ने की अपील
मंगलवार को इजरायल ने गाजा में बड़ी एयरस्ट्राइक की है, जिससे हाहाकार मच गया है. भीषण हवाई हमले में गाजा को बड़ा नुकसान हुआ है. इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा है, ‘‘हम गाजा की स्थिति को लेकर चिंतित हैं. यह महत्वपूर्ण है कि सभी बंधकों को रिहा किया जाए.’’ बयान में कहा गया, ‘‘हम गाजा के लोगों को मानवीय सहायता की आपूर्ति जारी रखने का भी आह्वान करते हैं.”
इजरायली हवाई हमले पर नेतन्याहू का बयान, अभी तो ये शुरुआत है
युद्धविराम लागू होने के बाद इजरायल ने किया सबसे बड़ा हवाई हमला. दावा किया जा रहा है इजरायली एयरस्ट्राइक में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, तो 500 लोग घायल हुए हैं. इस बीच पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ऐलान किया कि “हवाई हमले केवल शुरुआत हैं और यह बंधकों को मुक्त कराने के लिए आवश्यक शर्त हैं. यह हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक हमास द्वारा पकड़े गए बंधकों को रिहा नहीं किया जाता.”
हमास के कैद में बंधक, परिवार वाले बोले, जंग शुरु होने से उम्मीदें टूटीं
गाजा में शुरु हुई ताजा जंग के बाद बंधकों के परिवार की उम्मीदें टूट रही हैं. 60 परिवारों के रिश्तेदार अब भी गाजा में बंधक हैं. माना जाता है कि लगभग दो दर्जन बंधक जीवित हैं. जनवरी में शुरू हुए युद्ध विराम के पहले चरण के दौरान, हमास ने लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में 25 इजरायली बंधकों और आठ अन्य के शवों को रिहा किया था. बंधकों के परिवारों ने कहा, “सेना की एयर स्ट्राइक के बाद हमारी उम्मीदें टूटती जा रही हैं.”