जर्मनी में अपने समकक्ष जोहोन वेडफुल से मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर से पाकिस्तान को खूब सुनाया है. जयशंकर ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और ‘‘परमाणु ब्लैकमेल’’ के आगे कभी नहीं झुकेगा. साथ ही जयशंकर ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि भारत अपने द्विपक्षीय मुद्दे खुद सुलझाएगा. इस बात का किसी को भ्रम नहीं होना चाहिए.
वहीं जर्मनी ने भी भारत के पलटवार को सही बताते हुए कहा, हर देश को आत्मरक्षा का अधिकार है.
भारत, न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग ने नहीं डरने वाला: एस जयशंकर
जर्मनी में विदेश मंत्रियों की द्विपक्षीय बैठक के बाद एस जयशंकर और जोहोन वेडफुल ने ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान जयशंकर ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के बारे में बात करते हुए कहा है, कि “भारत कभी न्यूक्लियर ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा. एस जयशंकर ने आतंक के खिलाफ जर्मनी के भारत के साथ खड़े होने की भी सराहना की है.”
भारत को आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का पूरा अधिकार: जोहोन वेडफुल
जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. जोहान वेडफुल ने कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है.भारत और जर्मनी के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग पर नियमित बातचीत होती रही है और आने वाले समय में इसे और मजबूत किया जाएगा.
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्च से मिले एस जयशंकर
एस जयशंकर ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात की है और बातचीत में कहा कि भारत द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और उसका विस्तार करने के लिए जर्मनी की सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं. एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “बर्लिन में चांसल फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात कर सम्मानित महसूस कर रहा है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं. उनकी सरकार में हमारी रणनीतिक साझेदारी के आगे बढ़ने और विस्तार होने की उम्मीद है.भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जर्मनी की ओर से एकजुटता की सराहना करता है.”

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