ईरान से चल रही तनातनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले हैं. ट्रंप का तीन दिवसीय दौरा (13-15 मई) मंगलवार रात से शुरु हो रहा है. ईरान के साथ बातचीत फेल होने के बाद ट्रंप का शी से मिलना वैश्विक नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा रहा है. चीन की ईरान से नजदीकियों के चलते ट्रंप का बीजिंग दौरा खास है. क्योंकि ट्रंप ने दौरा शुरु होने से पहले चीन के खिलाफ ताइवान कार्ड खेलना शुरु कर दिया है.
बीजिंग में यूएस सीक्रेट एजेंट्स ने डाला डेरा
ट्रंप के चीन दौरा शुरु होने से पहले बीजिंग की सड़कों पर दिखाई दी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लिमोजिन कार और यूएस सीक्रेट सर्विस एजेंट्स का काफिला. एयर फोर्स-1 विमान से ट्रंप का बीजिंग का दौरा शुरु हो रहा है.
ईरान के चीन के साथ करीबी संबंध हैं. ऐसे में स्थायी युद्धविराम और होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने को लेकर ट्रंप का दबाव चीनी राष्ट्रपति पर पड़ने की प्रबल संभावना है. युद्ध में ईरान ने यूं ही अमेरिका को चुनौती नहीं दी थी, जंग के दौरान चीन ने ईरान को सैटेलाइट ट्रैकिंग से लेकर यूएस मिलिट्री बेस की खुफिया जानकारी और कोर्डिनेट्स तक मुहैया कराए थे.
सैन्य संबंधों के साथ-साथ चीन-ईरान के व्यापारिक संबंध भी बेहद मजबूत हैं. ईरान के 85 प्रतिशत ऑयल को चीन आयात करता है.
ईरान जंग को शुरु हुए 75 दिन हो चुके हैं, लेकिन तेहरान ने अमेरिका के साथ स्थायी युद्ध-विराम नहीं किया है. उल्टा होर्मुज स्ट्रेट और एनरिच यूरेनियम को लेकर अमेरिका के शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. ऐसे में ट्रंप आग बबूला है और अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर चर्चा की है.
ट्रंप के चीन दौरे से पहले तेहरान ने किया अमेरिका पर पलटवार
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता, इब्राहिम रेजाई ने ये कहकर सनसनी फैला दी कि अगर अमेरिका और इजरायल ने फिर से हमला किया तो ईरान यूरेनियम को 90 प्रतिशत तक एनरिच कर सकता है. अभी ईरान के पास करीब 460 किलो एनरिच यूरेनियम है, जो 60 परसेंट संवर्धित है. 90 प्रतिशत से परमाणु हथियार बनाकर तैयार किए जा सकते हैं. ऐसे में पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं.
बीजिंग दौरे से पहले ही ट्रंप ने चीन पर दबाव बनाना शुरु भी कर दिया है. क्योंकि अगर चीन ने ट्रंप की बात नहीं मानी, ऐसी स्थिति में अमेरिका, ताइवान को सीधे हथियार बेचना शुरु कर सकता है. ट्रंप ने इस बात के संकेत दे दिए हैं. मीडिया से बात करते हुए सोमवार रात को ट्रंप ने खुद कहा कि शी जिनपिंग से ताइवान को हथियार बेचने पर चर्चा की जाएगी.
चीन दौरे के दौरान, शी जिनपिंग की तरफ से ट्रंप के स्वागत में एक राजकीय डिनर आयोजित किया गया है. दोनों राष्ट्राध्यक्षों की प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी. इसके अलावा, चीन के विश्व-प्रसिद्ध टेंपल ऑफ हेवन का दौरा भी ट्रंप के दौरे में शामिल है.

