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डेथ टू डिक्टेटर से गूंजा ईरान, हालात आउट ऑफ कंट्रोल

जंग का मैदान बन चुका है ईरान. ईरान के 100 से ज्यादा शहरों में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसके बाद सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई का सिंहासन हिल चुका है. ईरान में इंटरनेट रोक दिया गया है.ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की अपील पर जनता सड़कों पर उतरी है. 

प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए हुई फायरिंग और हिंसा में अब तक 45 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले का खतरा बढ़ चुका है. 

माहौल इस कदर तनावपूर्ण हैं कि किसी भी वक्त अमेरिका की ओर से तेहरान पर स्ट्राइक की जा सकती है. तो ईरान ने भी एयरस्पेस बंद करके अपनी मिलिट्री को हर जवाब देने की छूट दे दी है.

इस बीच खबर ये है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई देश छोड़ने की फिराक में हैं. अमेरिका के कहर से बचाने के लिए खामेनेई को रूस या किसी मित्र देश ले जाया जा सकता है.

ईरान में क्या है हालात, पहले ये जानिए

ईरान की राजधानी तेहरान समेत 100 से ज्यादा शहरों में हालात आउट ऑफ कंट्रोल है. भीड़, पुलिसवालों और सुरक्षाकर्मियों को चुन-चुन कर मार रही है. तेहरान की कई बड़ी और अहम इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया है. सरकारी दफ्तरों पर अटैक हुआ है. प्रदर्शनकारी, पुलिसकर्मियों को घेर कर मार रहे हैं. तेहरान में बीती रात तेज गोलीबारी की आवाज़े सुनाई दी हैं.

ईरान के 31 प्रांतों में से 30 में विद्रोह की आग धधक रही है और ईरान की सरकार इन प्रदर्शनकारियों के सामने पस्त है. प्रदर्शनकारियों के हंगामे पर काबू पाने के लिए इंटरनेट रोक दिया गया है, तो फोन लाइन भी ठप है.

ईरान के कुर्द इलाकों में चार प्रांतों कुर्दिस्तान, पश्चिम अजरबैजान, केरमानशाह और इलाम के 50 से ज्यादा छोटे-बड़े शहरों में बाजार और दुकानें बंद रखी गईं. 

प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 45 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि 2,200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.

पिछले दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों में देर रात से अचानक तेजी देखने को मिली. प्रदर्शनों के दौरान ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं. सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ विरोध तेज है. 

अमेरिकी और इजरायली जासूसों के कारण देश में आगजनी और हिंसा: ईरान

ईरान की सरकारी टीवी के जरिए ईरान सरकार ने देश में हिंसक प्रदर्शनों पर चुप्पी तोड़ी है. सरकारी प्रसारण में माना गया है कि प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है. लेकिन सरकार ने इन प्रदर्शनों को उकसाने के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार बताया है. ईरान सरकार की ओर से कहा गया है कि आगजनी की घटनाओं के पीछे अमेरिका और इजरायल से जुड़े “आतंकी एजेंट” शामिल हैं.

प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी हुई तो छोड़ेंगे नहीं: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ने ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर खामेनेई शासन को सख्त चेतावनी दी है. 

ट्रंप ने कहा है कि “इतिहास रहा है कि ईरानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी करते रहे हैं. लेकिन अगर इस बार ऐसा हुआ तो अमेरिका बेहद कड़ी कार्रवाई करेगा.”

ट्रंप के मुताबिक, “फिलहाल बड़े पैमाने पर गोलीबारी की खबरें सामने नहीं आई हैं, लेकिन हालात तेजी से बदल रहे हैं. ईरान के अंदर शासन को पलटने का जोश और उत्साह बहुत तेज दिखाई दे रहा है.” 

ट्रंप ने कहा है कि “आजादी से बड़ा कुछ नहीं, आप बहादुर लोग हैं. आपका देश कभी महान था, जो हुआ वह दुखद है. स्वतंत्रता सबसे अनमोल है.”

ईरान के प्रदर्शनकारियों को मिला अंतर्राष्ट्रीय समर्थन

  • स्वीडन 

स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने कहा कि “स्वीडन प्रदर्शनकारियों की आवाज सुनता है और उनकी ‘स्वतंत्रता के लिए साहसी लड़ाई’ का समर्थन करता है. ईरानी जनता एक बार फिर दमन के खिलाफ उठ खड़ी हुई है. हम उनकी आवाज सुनते हैं और स्वतंत्रता के लिए उनके साहसी संघर्ष का समर्थन करते हैं. स्वतंत्रता और बेहतर भविष्य की स्पष्ट मांगों को हिंसा और दमन से लंबे समय तक चुप नहीं कराया जा सकता.” 

  • बेल्जियम 

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भी ईरान के प्रदर्शनकारियों की तारीफ की है. बेल्जियम पीएम ने कहा, “कई वर्षों के दमन और आर्थिक कठिनाइयों के बाद साहसी ईरानी स्वतंत्रता के लिए खड़े हो रहे हैं. वे हमारे पूर्ण समर्थन के पात्र हैं. हिंसा के माध्यम से उन्हें चुप कराना अस्वीकार्य है.”

बेटे और 20 करीबियों के साथ रूस भाग सकते हैं खामेनेई

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच रूस भागने की योजना तैयार कर ली है. बताया जा रहा है कि अमेरिकी धमकी के बीच खामेनेई को बचाने की पुरजोर कोशिश की गई है. अमेरिका का और दबाव बढ़ा तो 86 वर्षीय खामेनेई देश छोड़ देंगे. खामेनेई अपने बेटे और उत्तराधिकारी मुजतबा समेत करीब 20 लोगों के छोटे दल के साथ तेहरान से मॉस्को या किसी दूसरे मित्र देश में जा सकते हैं.

खुफिया सूत्रों के अनुसार, खामेनेई ने विदेशों में संपत्तियां, प्रॉपर्टी और कैश पहले से सुरक्षित कर लिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत देश छोड़ा जा सके.

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