क्या ईरान ने हो रहे विद्रोह की स्क्रिप्ट अमेरिका में लिखी जा रही है. ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस मोहम्मद रजा पहलवी जल्द ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिल सकते हैं. अगले सप्ताह फ्लोरिडा स्थित राष्ट्रपति ट्रंप के निजी आवास मार-ए-लागो में रजा पहलवी संग बैठक होने की बात कही जा रही है. बताया जा रहा है कि ट्रंप और पहलवी की मुलाकात यरुशलम प्रेयर ब्रेकफास्ट में होगी.
रजा पहलवी को ईरान में समर्थन मिल रहा है और इन्हीं की अपील पर प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई और कट्टरपंथियों को हटाने की मांग कर रहे हैं.
ट्रंप से मिल सकते हैं ईरान के निर्वासित प्रिंस
अमेरिका और ईरान की अदावत पुरानी है. ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नंबर एक दुश्मन मानता है. इस साल जून में अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर जब ईरान के न्यूक्लियर बेस पर एयरस्ट्राइक की थी, तो अमेरिका-ईरान में दुश्मनी और बढ़ गई थी.
ईरान में प्रचंड प्रदर्शन के बीच अगले सप्ताह ट्रंप, ईरान के प्रिंस रजा पहलवी से मुलाकात करने वाले हैं. हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि व्हाइट हाउस ने ट्रंप के घर मार ए लागो में पहलवी को आने का न्योता दिया है. जिसे ईरान की मौजूदा हालात से जोड़ा जा रहा है.
रजा पहलवी को ईरान वापस लाने की मांग, ईरान में लग रहे रजा के लिए नारे
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामिक शासन के खिलाफ सड़कों पर जंग जारी है. पिछले कुछ दिनों से चल रहे प्रदर्शनों ने गुरुवार की रात को उग्र रूप ले लिया.
निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के अपील के बाद हजारों प्रदर्शनकारी तेहरान और दूसरे शहरों में सड़कों पर उतर गए. ईरान की सड़कों पर आजादी-आजादी और खामेनेई मुर्दाबाद के नारे लगाए गए.
तेहरान के आसपास के इलाकों में नारे गूंजने लगे. लोग “तानाशाह मुर्दाबाद” और “इस्लामी गणतंत्र मुर्दाबाद” के नारे लगा रहे थे. “यह आखिरी लड़ाई है! पहलवी वापस आएगा, जैसे नारे भी लगाए गए.
उग्र प्रदर्शन को देखते हुए इंटरनेट पर रोक लगाई तो क्राउन प्रिंस पहलवी ने प्रदर्शकारियों का साथ देते हुए कहा है, “ईरानियों ने अपनी आजादी की मांग की. जवाब में, ईरान में शासन ने संचार की सभी लाइनें काट दी हैं… इसने इंटरनेट बंद कर दिया है. इसने लैंडलाइन काट दी है. सैटेलाइट सिग्नलों को जाम करने का भी प्रयास किया जा सकता है.
ईरान में प्रिंस का नाम लेना था गुनाह, अमेरिका का साथ मिलते ही प्रदर्शनकारियों को नहीं डर
ईरान 31 प्रांतों के 100 से भी ज्यादा शहरों में निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन में नारे गूंज रहे हैं. अब तक ईरान में शाह (प्रिंस) के पक्ष में बोलना मौत की सजा के बराबर था. खामेेनेई के शासन में अगर किसी ने भी राजशाही के पक्ष में बोला तो कठोर सजा मिलती थी.
लेकिन अब ईरानी जनता निडर होकर ‘शाह पहलवी वापस आएंगे’ और ‘यह आखिरी लड़ाई है’ के नारे लगा रही है. तमाम प्रदर्शनकारी ‘लॉन्ग लिव द शाह’ के नारे लगा रहे हैं. जनता, खामेनेई की सत्ता को चुनौती देते हुए राजा को वापस लाने की मांग कर रही है, और मुल्लाओं से ईरान को आजादी की बातें कह रही है.
ईरान लौटने को तैयार रजा पहलवी, ईरानी सैनिकों के संपर्क में हैं प्रिंस
रजा पहलवी ने कहा है कि ईरान के कट्टरपंथी सरकार और तानाशाही से मुक्ति दिलाने के लिए ईरान लौटने को तैयार हैं. पहलवी की अपील पर पिछले कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन ने तेजी पकड़ ली.
प्रिंस पहलवी ने प्रदर्शनकारियों को अपना खुला समर्थन दिया है और यूरोपीय नेताओं से अपील की है कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरह ईरानी लोगों का साथ दें. रजा पहलवी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खास तौर से यूरोपीय देशों से खामेनेई सत्ता के खिलाफ एकजुटता की मांग की है. साथ ही राजनयिक सहायता देने की अपील की है.
वहीं प्रिंस पहलवी ने ईरानी सेना से कहा है कि वे तय करें कि वे ‘इतिहास के किस तरफ’ खड़े होना चाहते हैं, ईरान की अत्याचार करने वाली इस्लामी सरकार के साथ या लोगों के साथ. इस्लामिक रिपब्लिक का पतन तय है.
पहलवी ने सुरक्षाबलों से अपील की है कि वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपने हथियारों का इस्तेमाल न करें, बल्कि उनकी रक्षा करें.
बताया जा रहा है कि प्रिंस पहलवी ने सैनिकों से संपर्क के लिए कुछ महीने पहले एक प्लेटफॉर्म भी बनाया था. ईरान की सेना में भी कुछ लोग पहलवी के प्रति सहानुभूति रखते हैं.
अमेरिका में निर्वासित जीवन जी रहे प्रिंस रजा पहलवी
क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ईरान के अंतिम राजा (शाह) मोहम्मद रेजा पहलवी के सबसे बड़े बेटे और पहलवी राजवंश के उत्तराधिकारी हैं. साल 1979 में जब ईरान में इस्लामिक क्रांति के बाद कट्टरपंथियों का राज़ हुआ तो शाह का तख्तापलट हो गया. जिसके बाद उन्हें ईरान छोड़कर जाना पड़ा.
उस वक्त से प्रिंस रजा पहलवी अमेरिका में निर्वासित जीवन जी रहे हैं. और इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ ईरान के लोकतंत्र की आवाज उठा रहे हैं. ईरान में ‘इस्लामिक रिपब्लिक’ को समाप्त कर लोकतांत्रिक सुधारों और धर्मनिरपेक्षता की वकालत करते हैं जिसके कारण रजा, प्रदर्शनकारियों का लोकप्रिय चेहरा हैं.


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