Breaking News Middle East War

नहीं देगे एक इंच जमीन भी, ईरान का ट्रंप को सख्त संदेश

ईरान अपने देश का एक इंच हिस्सा भी दुश्मनों को नहीं देगा. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने किया है अमेरिका पर पलटवार. ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका-इजरायल को दो टूक कह दिया है कि देश अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेंगा और पूरी ताकत से जवाब देता रहेगा.

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को सरेंडर करने के लिए कहा है, लेकिन ईरान की ओर से साफ-साफ कह दिया गया है कि अब अमेरिका से कोई बातचीत नहीं की जाएगी. ईरान, अमेरिका को उसी की भाषा में सैन्य कार्रवाई करता रहेगा.

अमेरिका और ईरान की जंग में खाड़ी देश पिस कर रह गए हैं, क्योंकि ईरान लगातार खाड़ी देशों में बने अमेरिकी मिलिट्री बेस पर धमाके कर रहा है, जिससे रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंच रहा है. ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा है कि ईरान की दुश्मनी खाड़ी देशों से नहीं है. उन्हें ये समझना चाहिए कि ईरान अपने बचाव के लिए अटैक कर रहा है.

हम अपनी रक्षा करेंगे, पड़ोसी देश अमेरिका को नहीं करने दे अपनी धरती का इस्तेमान: ईरानी राष्ट्रपति

राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने रविवार को कहा कि “ईरान अपने क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी कीमत पर तैयार है. ईरानी राष्ट्रपति बोले, “ईरान अपने देश की मिट्टी का एक इंच भी नहीं छोड़ेगा. हम अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेंगे, चाहे कितनी भी चुनौतियां आएं.”

पेजेश्कियान ने कहा कि “ईरान आक्रामक नहीं है, बल्कि रक्षात्मक स्थिति में है. हम पड़ोसी देशों को आश्वासन देना चाहते हैं कि ईरान क्षेत्रीय शांति चाहता है, लेकिन यदि कोई देश अमेरिकी या इजरायली हमलों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने देगा, तो ईरान जवाबी कार्रवाई से नहीं हिचकेगा. हमारी खाड़ी देशों से कोई दुश्मनी नहीं है.”

ईरान का सरेंडर ट्रंप का एक सपना, उसे भूल जाएं: राष्ट्रपति पेजेश्कियान

राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने ईरानी जनता की एकजुटता की सराहना की और कहा कि “दुश्मन ईरान के आत्मसमर्पण के सपने को कब्र में ले जाएंगे. अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ रहा है और मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है. हम ईरान की “क्षेत्रीय अखंडता की मजबूत रक्षा” करेंगे.”

पेजेश्कियान ने मांगी खाड़ी देशों से माफी, कहा: दुश्मन मतभेद पैदा कर रहा

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने गल्फ देशों पर हो रहे हमलों पर सफाई दी है. एक बार फिर से माफी मांगते हुए कहा है कि “हमारी अपने पड़ोसी देशों से कोई भी दुश्मनी नहीं है. ईरान सिर्फ अमेरिका और इजरायल को टारगेट कर रहा है. अगर किसी देश की धरती का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए होता है, तो ईरान जवाब देने के लिए मजबूर है. हमारे हमले का ये मतलब बिलकुल नहीं निकालना चाहिए कि हमारी उनसे कोई दुश्मनी है. दुश्मन इन देशों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहा है.”

इससे पहले पेजेश्कियान ने कहा था, “जब तक उनके पड़ोसी देश ईरान पर हमला न करें, तब तक ईरान को भी उन पर हमला नहीं करना चाहिए और न ही उन पर मिसाइलें दागनी चाहिए.”

ट्रंप को ऐसे ही जाने नहीं देंगे: लारीजानी

ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी का भी बयान सामने आया था उन्होंने कहा था, “हम ट्रंप को जाने नहीं देंगे. उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. उसने हमारे नेता और हमारी जनता को शहीद कर दिया है. ये आसान नहीं है. जब तक हम बदला नहीं ले लेते, हम उसे जाने नहीं देंगे.”

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave feedback about this

  • Rating

Choose Your Premium Plan

Unlock exclusive defence reports, geopolitical analysis and premium articles.