ईरान के नए सुप्रीम लीडर की ताजपोशी के बाद मिडिल ईस्ट में इजरायल ने किया है बड़ा अटैक. अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है. इस ऐलान के बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है, कि ईरान का नया सुप्रीम लीडर ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाएगा.
ईरान में मचे सैन्य घमासान के बीच राष्ट्रपति ट्रंप चाहते थे कि उनकी मर्जी से सुप्रीम लीडर बनाया जाए, जैसा कि वेनेजुएला में उन्होंने दखलंदाजी की थी. लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दो टूक कहा कि यह उनके देश का आंतरिक मामला है और इसमें किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
मोजतबा के चुने जाने के बाद से ही इजरायल ने सैन्य आक्रामकता बढ़ा दी है. राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर ताबड़तोड़ बम बरसाए गए हैं. वहीं ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी देशों के अमेरिकी सैन्य ठिकानों समेत इजरायल पर घातक मिसाइल अटैक किया है.
मोजतबा खामेनेई को चुना गया सर्वोच्च नेता
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई समेत तकरीबन 48 शीर्ष सैन्य अधिकारी और रक्षा मंत्री मारे गए थे. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लगा था कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान सरेंडर कर देगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. ट्रंप-नेतन्याहू ने ईरान की ताकत को कमतर आंक लिया, और सैन्य संघर्ष 10वें दिन भी खतरनाक होता जा रहा है.
युद्ध के सप्ताह भर बाद खामेनेई को बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है. युवा खामेनेई को लंबे समय से इस पद के दावेदार के रूप में देखा जा रहा था, हालांकि अयातुल्ला खामेनेई वंशवाद के खिलाफ थे. लेकिन इजरायल-अमेरिका से युद्ध शुरु होने और आईआरजीसी चीफ समेत सभी बड़े शीर्ष अधिकारियों की मौत के बाद यहां मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति में तेजी दिखाई गई. मोजतबा खामेनेई को बड़ा रणनीतिकार और सेना का करीबी माना जाता है.
हमारी मंजूरी के बिना ईरान में कोई नहीं टिकेगा: ट्रंप
जैसे ही ये खबर सामने आई की मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर बना दिया है, ट्रंप आगबबूला हो गए. दरअसल ट्रंप का कहना है कि उनकी मर्जी से सुप्रीम लीडर चुना जाए. ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को अस्वीकार्य और कमजोर बताया है और कहा है कि उन्हें पहले इस पद के लिए इसलिए नहीं चुना गया था क्योंकि उन्हें अक्षम समझा गया था.
ट्रंप ने कहा कि, वाशिंगटन की मंजूरी के बिना ईरान का अगला नेता ‘लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा. ट्रंप ने कहा, “अगर उन्हें हमसे मंजूरी नहीं मिलती है, तो उनका कार्यकाल लंबा नहीं चलेगा. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमें हर 10 साल में वापस न जाना पड़े, जब मेरे जैसा कोई राष्ट्रपति न हो जो ऐसा न करे. मैं नहीं चाहता कि लोगों को पांच साल बाद वापस जाकर वही गलती दोबारा करनी पड़े, या इससे भी बदतर, उन्हें परमाणु हथियार बनाने की इजाजत मिल जाए.”
ट्रंप होते कौन हैं, हमारा सुप्रीम लीडर चुनने वाले: ईरान
ट्रंप के सुप्रीम लीडर चुनने की इच्छा वाले बयान पर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कड़ी टिप्पणी की है, अराघची ने कहा, “हम किसी को भी हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देते. ये ईरानी लोगों का मामला है कि वो अपने नए नेता का चुनाव करें. अमेरिका हमारा नेता क्यों चुनेगा. ये जनता तय करेगी. हम अपने मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं करेंगे.”
मोजतबा के सुप्रीम लीडर बनते ही इजरायली अटैक तेज, ईरान ने भी किया अटैक
मोजतबा खामेनई के सुप्रीम लीडर बनते ही इजरायली सेना ने ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इजरायल लगातार ईरान की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए रिफाइनरी और ऑयल डिपो पर अटैक कर रहा है. इजरायली हमले के बाद तेहरान के बाहरी इलाकों में तेज धमाकों के बाद आग लग गई और आग की लपटें कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दी.
वहीं मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति के ऐलान से पहले तेहरान ने इजरायल पर मिसाइल हमलों की बौछार की है. इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि तेहरान से मिसाइलें दागी गई हैं. इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों को इटरसेप्ट किया है लेकिन मलबे से तेल अवीव में नुकसान की खबर सामने आई है.
मिडिल ईस्ट में मचे संघर्ष से दुनिया में हाहाकार मच गया है. होर्मुज की खाड़ी में तेल जहाजों के फंसने और लगातार रिफाइनरियों के नुकसान के बाद कच्चे तेल के दामों में आग लग गई है. संयुक्त राष्ट्र ने आशंका जताई है कि अगल जल्द शांति नहीं हुई और ये युद्ध लंबा खिंचा तो महंगाई चरम सीमा पर पहुंच जाएगी.

