डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले अमेरिका पहुंचे हैं विदेश मंत्री एस जयशंकर. अपने छह दिवसीय अमेरिका दौरे पर जयशंकर ने अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन से मुलाकात की है. मुलाकात के दौरान जयशंकर और जेक सुलिवन ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की.
ट्रंप प्रशासन के आने से पहले बाइडेन प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कूटनीतिक तौर पर बेहद अहम है. माना जा रहा है कि एस जयशंकर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भी वरिष्ठ अधिकारियों से मिल सकते हैं. जयशंकर की यह यात्रा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सितंबर में अमेरिकी यात्रा और चौथे क्वाड लीडर्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद हो रही है.
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर व्यापक चर्चा: एस जयशंकर
जयशंकर ने वाशिंगटन में एनएसए जेक सुलिवन से मीटिंग की बातें सोशल मीडिया पर साझा की है. जयशंकर ने लिखा, वाशिंगटन डी.सी. में अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन से मिलकर अच्छा लगा. जयशंकर ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की प्रगति पर व्यापक चर्चा की है. वर्तमान क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.
जयशंकर के इस अमेरिका दौरे पर अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से भी मिलने का कार्यक्रम है. एस जयशंकर के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने बताया-कि यात्रा के दौरान, जयशंकर अमेरिका में भारत के महावाणिज्य दूत के एक सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे.
हालांकि ये वही बाइडेन प्रशासन है, जिनके रहते भारत के साथ संबंध डिरेल हुए थे. भारत के मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश का आरोप लगाकर अमेरिका ने भारतीय अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया था, जिसमें एनएसए अजीत डोवल भी शामिल थे.
डोनाल्ड ट्रंप से होगी एस जयशंकर की मुलाकात?
कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका दौरे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलकर आधिकारिक तौर पर बधाई दे सकते हैं एस जयशंकर. हालांकि ऐसे किसी भी कार्यक्रम की कोई पुष्टि नहीं की गई है. पर एस जयशंकर ने हमेशा से कहा है कि ट्रंप प्रशासन के साथ भारत के रिश्ते मजबूत रहेंगे. एस जयशंकर ने ये भी कहा था कि इसका अंदाजा इसी बात से लगाता जा सकता है कि डोनाल्ड ट्रंप के जीत के बाद की पहली की गई तीन कॉल्स में पीएम मोदी भी थे.