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एंटी-शिप मिसाइल से सुरक्षा देगा Shakti suite

भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को इलेक्ट्रोनिक जैमिंग से सुरक्षा प्रदान करने वाले शक्ति वॉरफेयर सूट (सिस्टम) को लेकर रक्षा मंत्रालय ने बीईएल से 2270 करोड़ का करार किया है. इस करार के तहत नौसेना को 11 शक्ति इलेक्ट्रोनिक वारफेयर (ईडल्यू) सिस्टम मिलेंगे जिनसे जंगी जहाज को लैस किया जाएगा. 

शक्ति ईडब्लू सूट देश में ही डिजाइन डेवलप और निर्मित सिस्टम हेै जिसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने ईजाद किया था. इस सिस्टम से दुश्मन के इलेक्ट्रोनिक एमिशन  को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर काउंटर-मेजर्स प्रदान करता है. दरअसल, समंदर में युद्ध के दौरान दुश्मन की साजिश होती कि युद्धपोत के रडार को जाम कर दिया जाए ताकि हमला करने वाली (एंटी शिप) मिसाइल को डिटेक्ट न किया जा सके. इसके लिए दुश्मन इलेक्ट्रोनिक जैमिंग का इस्तेमाल करता है. इसका काट करने के लिए ही डीआरडीओ ने वर्ष 2021 में शक्ति ईडब्लू सिस्टम को डेवलेप किया था. इस टेक्नोलॉजी को हैदराबाद स्थित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) में निर्माण किया जाता है. 

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मंगलवार को बीईएल को लेकर जो करार किया गया है उसमे ईडब्लू सिस्टम के साथ उससे जुड़े उपकरण और सामान भी शामिल हैं. शक्ति को को इंडियन-आईडीडीएम (यानी इंडिजिनस डिजाइन डेवलप एंड मैन्युफैक्चरिंग) कैटेगरी के तहत बीईएल से खरीदा जा रहा है. 

रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि शक्ति प्रोजेक्ट के जरिए 155 एमएसएमई (माइक्रो स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) इंडस्ट्री पार्टनर को शामिल किया जाएगा. इसके जरिए अगले साढ़े चार सालों में 2.5 लाख मानव-दिवस रोजगार पैदा होंगे. ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन को आगे बढ़ाएगा. 

वर्ष 2021 में पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के झांसी में आयोजित राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व के दौरान दो शक्ति इडब्लू सिस्टम नौसेना प्रमुख को सौंपे थे. इन दोनों सिस्टम को नौसेना के आईएनएस विशाखापट्टनम और आईएनएस विक्रांत एयरक्राफ्ट कैरियर में लगाया गया था. 11 शक्ति सूट को लेकर मंगलवार को जो करार किया गया है उन्हें नौसेना के पी 15बी, पी-17ए प्रोजेक्ट और तलवार क्लास के युद्धपोतों से लैस किया जाएगा.

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