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बिम्सटेक देशों के चार्टर में सिक्योरिटी शामिल, गृह मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद और साइबर होगा मुख्य मुद्दा

साइबर क्राइम और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए बिम्सटेक देश तैयार हो गए हैं. इसके लिए इस साल बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक भारत में होने जा रही है. थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में चल रही छठवें बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी सेक्टोरल टेक्नीकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस बैठक का प्रस्ताव रखा.

पीएम मोदी ने कहा कि “यह खुशी की बात है कि होम मिनिस्टर मेकनिज़म को संस्थागत रूप दिया जा रहा है. साइबर क्राइम, साइबर सिक्योरिटी, काउंटर टेररिज्म, ड्रग्स और मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में यह (बिम्सटेक) फोरम अहम भूमिका निभा सकता है. इसके लिए मैं इस वर्ष भारत में इसकी पहली बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखता हूं.”

भारत है आतंकवाद से ग्रस्त तो बांग्लादेश है मानव-तस्करी के लिए कुख्यात

बिम्सटेक सदस्य-देशों में अगर भारत, आतंकवाद से ग्रस्त है तो साइबर-क्राइम और साइबर सिक्योरिटी से सभी देश त्रस्त हैं. बांग्लादेश अगर मानव-तस्करी के लिए कुख्यात है तो म्यांमार और थाईलैंड सहित कई सदस्य-देश ड्रग्स की तस्कर.

पिछले कुछ सालों में म्यांमार भी मानव-तस्करी के एक बड़े अड्डे के तौर पर उभरा है. ऐसे में भारत की पहल पर बिम्सटेक देशों के चार्टर में सुरक्षा को भी जोड़ दिया गया है. (https://x.com/narendramodi/status/1908047013951709461)

दक्षिण एशिया और पूर्व एशिया को जोड़ने वाले ब्रिज है बिम्सटेक: मोदी

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बिम्सटेक, दक्षिण एशिया और पूर्व एशिया को जोड़ने वाला एक सेतु है. यह क्षेत्रीय संपर्क, सहयोग और समृद्धि की नई राहें खोलने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में उभर रहा है.

मोदी ने कहा कि यह ख़ुशी की बात है कि पिछले साल बिम्सटेक चार्टर  लागू हो गया है. मुझे विश्वास है आज हम जो ‘बैंकॉक विज़न 2030’ अपना रहे हैं, वह बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में समृद्धि, सुरक्षा और समावेशिता के हमारे संकल्प को साकार करेगा.

भारत में स्थापित होगा बिम्सटेक आपदा प्रबंधन सेंटर

हाल ही में म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप का भी पीएम ने जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा अपने मित्र देशों के लिए फर्स्ट रेस्पॉन्डर की तरह कार्य करता है. यह हमारा सौभाग्य है कि म्यांमार के लोगों के लिए समय पर राहत पहुँचाने में सक्षम रहे हैं. आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन उनसे निपटने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए.

ऐसे में पीएम मोदी ने भारत में बिम्सटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा. यह सेंटर आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास में सहयोग करेगा. साथ ही, इस वर्ष बिम्सटेक डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के बीच चौथी साझा एक्सरसाइज होने जा रही है.

पीएम ने फ्री, ओपन, सिक्योर एंड सेफ इंडियन ओसियन पर जोर देते हुए मैरीटाइम ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट से मर्चेन्ट शिपिंग और कार्गो ट्रांसपोर्ट में सहयोग मजबूत करने और व्यापार को गति मिलने की उम्मीद जताई.

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