गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को आखिरी सलाम कर दिया जाएगा यानी नक्सलवाद का पूरी तरह देश से सफाया कर दिया जाएगा. अमित शाह के मुताबिक, अब नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के चार जिलों में सिमट कर रह गया है.
राजधानी दिल्ली में नक्सलवाद के पीड़ित लोगों से मुलाकात करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि एक समय था जब पशुपतिनाथ (नेपाल) से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) तक एक लाल कॉरिडोर था. कई राज्यों में फैले इस कॉरिडोर पर नक्सलियों का कब्जा था. अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले कुछ सालों में देश से नक्सलवाद को खत्म करने का बीड़ा उठाया है. इसी का नतीजा है कि नक्सलवाद महज बस्तर के चार जिलों में बच गया. लेकिन उसे भी 31 मार्च 2026 तक खत्म कर दिया जाएगा.
नक्सलियों के लाल सलाम पर तंज कसते हुए गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक आखिरी सलाम कर दिया जाएगा. (https://x.com/AmitShah/status/1837027956990038451)
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद की एक ही विचारधारा है, विध्वंस और हिंसा. गृह मंत्री ने कहा कि ह्यूमन राइट्स (मानवाधिकार) की आड़ में अपने लिए ही संवेदना बटोरना नक्सलियों की रणनीति रही है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के हिंसा के शिकार इन लोगों के जख्म नक्सलवाद की अमानवीयता और क्रूरता के जीवंत प्रतीक हैं. (https://x.com/AmitShah/status/1837003560598532477)
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलियों ने अपने फायदे के लिए अनेक लोगों के अधिकारों को तो छीना ही, साथ ही उनकी हिंसा, आईईडी, गोलियों और बारूद ने कई लोगों को मौत के घाट उतारा या जीवन भर के लिए दिव्यांग बना दिया.
अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों के द्वारा मारे गए उग्रवादियों के ह्यूमन राइट्स की बात करने वाले लोगों को बिना आंख, बिना हाथ, बिना पैर के जीवन जीने के लिए मजबूर इन लोगों के ह्यूमन राइट्स नजर नहीं आते.
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मार्च 2026 में नक्सलवाद को ‘आखिरी सलाम’: अमित शाह
- by TFA Desk
- September 20, 2024
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- 7 months ago

TFA Desk
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