दक्षिण भारत में हुए कई बम-धमाकों के राज़ अब खुल सकेंगे. क्योंकि मध्य पूर्व अफ्रीकी देश रवांडा से इंटरपोल की मदद से एनआईए, लश्कर के एक आतंकवादी को गिरफ्तार करके भारत ला रही है. लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी सलमान रहमान खान ने बेंगलुरु शहर में आतंकवादी गतिविधियों के लिए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक उपलब्ध कराने में सहायता की थी. साथ ही जेल से लश्कर के नेटवर्क को चलाने का राज़ भी बेपर्दा हो सकेगा.
बेंगलुरु शहर के हेब्बल पुलिस स्टेशन में सलमान के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. सलमान रहमान खान की रवांडा से भारत वापसी के लिए सीबीआई के ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर ने आतंकवाद से जुड़े मामलों में एनआईए और इंटरपोल की स्थानीय इकाई, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो-किगाली के साथ कोऑर्डिनेट किया है.
सलमान की गिरफ्तारी से केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु से लेकर दक्षिण भारत में लश्कर के नेटवर्क के एक एक तार का अब होगा पर्दाफाश. (https://x.com/rbarwanda/status/1861661026665800134)
एनआईए को थी एलईटी आतंकी की तलाश
कई आतंकी वारदातों में एनआईए को लश्कर के आतंकी की तलाश थी. 2 अगस्त को सलमान के खिलाफ रेडकॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. दुनिया की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सलमान को पकड़ने के लिए नोटिस भेजा गया. जिसके बाद इंटरपोल नेशनल सेंट्रल ब्यूरो, किगाली को सलमान के रवांडा में छिपे होने का सुराग मिला.
भारत वापस लाने के लिए सउदी अरब से को-ऑर्डिनेशन किया गया. लश्कर आतंकी पर नाबालिग के साथ बलात्कार और यौन अपराधों के मामले में केरल के मन्नारकाड पुलिस स्टेशन में भी केस दर्ज है.
जेल में कैदियों को कट्टरपंथी बनाने का मामला
सलमान रहमान खान अपने सहयोगी जुनैद अहमद के साथ बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में कैदियों को कट्टरपंथी बनाने से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में फरार चल रहा था. बेंगलुरु सिटी पुलिस द्वारा दर्ज किए गए इस मामले में हथियारों का एक जखीरा बरामद हुआ था, जिसमें सात पिस्तौल, चार हथगोले, एक मैगजीन, 45 जिंदा कारतूस और चार वॉकी-टॉकी शामिल थे.
एनआईए ने आपराधिक साजिश करने, लश्कर का सदस्य होने और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत 2023 में सलमान के खिलाफ केस दर्ज किया था. लश्कर ए तैयबा से जुड़े होने के कारण उसने बेंगलुरु में आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक उपलब्ध कराने में मदद की थी.
गौरतलब है कि इस साल बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में हुए धमाके के तार भी बेंगलुरु सेंट्रल जेल से जुड़े थे.
पहचान छिपाने के लिए किगाली में चला रहा था दुकान
जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि भारतीय नागरिक बड़े आतंकवादी संगठन से जुड़ा हुआ है और अफ्रीका के किसी देश में बैठकर तबाही की साजिश रच रहा है. जांच के दौरान यह भी पता चला की खुद को छिपाने के लिए सलमान किगाली इलाके में छोटी सी दुकान चला रहा था. सबूत के आधार पर रवांडा के न्याय विभाग ने सलमान खान नाम के इस कथित आतंकवादी को भारत भेजे जाने की अनुमति दे दी. (https://x.com/RIB_Rw/status/1861698529980305512)


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