ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना का कोई भी रफाल (राफेल) फाइटर जेट नहीं गिरा था. ये खुलासा हुआ है वायुसेना के एक दस्तावेज से. वायुसेना ने रफाल लड़ाकू विमान के रखरखाव के लिए फ्रांस की दासो कंपनी के लिए आरएफपी (टेंडर) जारी किया है.
इस महीने जारी हुई आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) में वायुसेना मुख्यालय ने 36 रफाल लड़ाकू विमानों के लिए पांच महीने के लिए ब्रिज-सपोर्ट का अनुरोध किया है. ये ब्रिज सपोर्ट सितंबर महीने से पांच महीने के लिए है. टीएफए के पास इस आरएफपी की कॉपी है. आरएफपी में लिखा है कि भारतीय वायुसेना 36 रफाल फाइटर जेट की फ्लीट ऑपरेट करती है.
भारत के 36 के 36 रफाल सुरक्षित, पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश
ऑपरेशन सिंदूर (07-10 मई, 2025) के पहले दिन, भारतीय वायुसेना के रफाल लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान में लश्कर और जैश ए मोहम्मद के आतंकी हेडक्वार्टर पर जबरदस्त हमला किया था. इन हमलों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी मूल के आतंकियों की जान गई थी. लेकिन पाकिस्तान ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में भारत के तीन (03) रफाल फाइटर जेट गिरा दिए गए हैं.
पाकिस्तान के दावों पर भारत ने कभी भी साफ-साफ जवाब नहीं दिया. पिछले साल वायुसेना दिवस के मौके पर जब एयर चीफ मार्शल एपी सिंह से ये सवाल पूछा गया. वायुसेना प्रमुख ने सीधा जवाब ना देकर कहा कि “अगली बार अगर पाकिस्तान से युद्ध हुआ तो दुश्मन को लगना चाहिए कि हम (भारत) कम लड़ाकू विमानों के जरिए लड़ रहे है (जबकि हकीकत में हमारे पास ज्यादा होंगे).”
भारत ने 114 अतिरिक्त रफाल का किया है सौदा
ऑपरेशन सिंदूर में रफाल की जबरदस्त पराक्रम को देखते हुए भारत ने मेक इन इंडिया के तहत 114 अतिरिक्त रफाल का सौदा करने का फैसला किया है. इनमें से 24 विमान सीधे फ्रांस (दासो) से खरीदे जाएंगे और बाकी 90 भारत में बनाए जाएंगे. इन 114 रफाल फाइटर जेट से वायुसेना की 5-6 स्क्वाड्रन को खड़ा किया जा सकता है. भारतीय वायुसेना की एक स्क्वाड्रन में 18-20 लड़ाकू विमान होते हैं. इस सौदे की कुल कीमत 3.25 लाख करोड़ है.
वर्ष 2016 में भारत ने फ्रांस से सीधे 36 रफाल लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला किया था, उसकी कुल कीमत करीब 59 हजार करोड़ थी. पिछले वर्ष अप्रैल (2025) में भारत ने नौसेना के लिए रफाल लड़ाकू विमानों के मरीन वर्जन यानी रफाल (एम) खरीदने को लेकर करार किया था. इन रफाल (एम) लड़ाकू विमानों को स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा.

