ईरान-अमेरिका के बीच होर्मुज को लेकर बढ़े तनाव और युद्धविराम खत्म होने से पहले भारतीय एनएसए अजीत डोवल रियाद पहुंचे हैं. अजीत डोवल ने सऊदी अरब का दौरा कर द्विपक्षीय संबंध, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर उच्चस्तरीय बैठकें कीं.
एनएसए अजीत डोवल ने सऊदी अरब के नेताओं के साथ वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष और क्षेत्रीय स्थिति के साथ आपसी हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की.
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच डोवल का ये दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर नहीं बढ़ा तो सऊदी अरब पर भी हमले का खतरा मंडरा रहा है. क्योंकि ईरान की आईआरजीसी ने अमेरिका से बदला लेने के लिए सऊदी अरब में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया था. जिससे रियाद को भी खासा नुकसान पहुंचा था.
सऊदी अरब के विदेश मंत्री से मिले डोवल
विदेश मंत्री एस जयशंकर यूएई के दौरे के बाद अब भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सुलाहकार अजीत डोवल भी सऊदी अरब पहुंचे.
एनएसए डोवल ने सऊदी विदेश मंत्री फैजल बिन फरहान, ऊर्जा मंत्री अब्दुलअजीज बिन सलमान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसाइद अल-ऐबान से मुलाकातें कीं हैं. भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि इन बैठकों के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और आपसी हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा की गईं.
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा, “राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने रियाद का आधिकारिक दौरा किया. उन्होंने ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ बिन सलमान, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मूसाएद बिन मोहम्मद अल-ऐबनसे मुलाकात की.”
खाड़ी देशों से द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने की कोशिश
एनएसए डोवल का ये दौरान ऐसे वक्त में हुआ है जब कुछ ही दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर यूएई और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कतर का दौरा किया था. माना जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट बाधित होने के बाद भारत की एनर्जी सप्लाई को सुचारू रीप से चलाने के लिए ये दौरान बेहद महत्वपूर्ण है.
वहीं सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच पिछले साल एक बड़ा रक्षा समझौता हुआ था, जिसके तहत एक देश पर हमला दोनों देशों पर माना जाएगा. हालांकि भारत-सऊदी अरब के बीच गहरी मित्रता है. इसी मित्रता को और प्रगाढ़ करने के इरादे से डोवल ने सऊदी अरब के मंत्रियों और एनएसए से मुलाकात की है.
आपको बता दें कि सऊदी अरब भारत के टॉप थ्री एनर्जी सप्लायर्स में से एक है. सऊदी अरब में करीब 40 लाख भारतीय रहते हैं. आंकड़ों की मानें तो सऊदी अरब भारत की कुल तेल जरूरतों का लगभग 16-20% हिस्सा पूरा करता है.
सऊदी अरब में पाकिस्तान ने भेजे 13000 सैनिक और लड़ाकू विमान
सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते के बावजूद जब ईरान ने सऊदी अरब पर हमला किया तो पाकिस्तान ने ईरान के साथ लड़ने से मना कर दिया. लेकिन अमेरिका के साथ ईरान के हुए सीजफायर के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब में 13000 पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती की है.
पाकिस्तानी सैन्य बलों को सऊदी अरब में तैनात किया गया है. पाकिस्तान ने करीब 13,000 सैनिक और 10 से 18 लड़ाकू विमान सऊदी अरब भेजे हैं. सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि लड़ाकू और सहायक विमान समेत पाकिस्तानी आर्मी के जवान किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पहुंचे थे.
हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जब ईरान ने सऊदी अरब पर हमला किया तो पाकिस्तान ने अपने हाथ खींच लिए थे, जिससे सऊदी अरब खासा नाराज हो गया था. लेकिन बाद में पाकिस्तान ने सैनिक और लड़ाकू विमान भेजकर संतुलन बनाने की कोशिश की.
अजीत डोवल का रियाद पहुंचना भारत का एक कूटनीतिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि वर्षों से सऊदी अरब भारत के करीब रहा है. ऐसे में दोनों देशों ने भविष्य में संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है.

