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तालिबान का बदला पक्का, अफगानिस्तान पर एयर-स्ट्राइक कर पछताएगा पाकिस्तान

पाकिस्तान की अफगानिस्तान में की गई एयर स्ट्राइक के बाद डूरंड लाइन पर जबर्दस्त तनाव है. तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को न बख्शने की कसम खाई है तो अफगानिस्तान बॉर्डर पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. पिछले 48 घंटों में 26 से ज्यादा पश्तून नागरिकों के मारे जाने की खबर सामने आई है कुछ पश्तून, पाकिस्तान के तिरहा वैली (खैबर प्रांत) में भी मारे गए हैं.

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के साथ-साथ लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी वायुसेना ने आम लोगों का निशाना बनाया है. वहीं पाकिस्तान का दावा है कि एयरस्ट्राइक टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के आतंकी ठिकानों पर की गई है. 

पाकिस्तान ने 80 आतंकियों को मारने का दावा किया है, तो तालिबान सरकार ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है. 

पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक, डूरंड लाइन पर बढ़ा तनाव

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर की है एयरस्ट्राइक. पाकिस्तान का कहना है कि खुफिया जानकारी पर आधारित एयरस्ट्राइक में नांगरहार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों में फितना अल-ख्वारिज टीटीपी के सात केंद्रों को तबाह कर दिया गया. जिसमें 80 आतंकी मारे गए हैं. 

पाकिस्तान के दावे को सबूतों के साथ अफगानिस्तान के स्थानीय प्रशासन ने खारिज कर दिया है. पाकिस्तान ने नंगरहार प्रांत में अटैक किया था. लेकिन बेसूद जिले के एक रिहायशी इलाके की जो तस्वीरें आईं हैं, वहां पर छोटे बच्चों का जनाजा निकाला गया है. बताया जा रहा है, जिस परिसर पर पाकिस्तान ने  बम गिराया. वो एक रिहायशी जगह थी. इस हमले में 17 नागरिकों की मौत हुई जिनमें 11 बच्चे और कई महिलाएं शामिल थीं. 

हम पाकिस्तान से लेंगे बदला, देंगे कड़ा जवाब- अफगानिस्तान रक्षा मंत्रालय

पाकिस्तान ने ताजा एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार भड़क गई है और हमले पर कड़ी नाराजगी जताई है. तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को गंभीर नतीजे भुगतने के लिए चेतावनी दी है. 

तालिबान ने कहा है कि वो इस एयरस्ट्राइक का बदला लेकर रहेंगे. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा, “हम पाकिस्तानी सेना को नागरिकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के लिए जिम्मेदार मानते हैं. हम इन हमलों का करारा जवाब देंगे.” 

48 घंटे में गई 26 पश्तूनों की जान, गुस्से में तालिबान

पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान के बॉर्डर इलाकों में जबरदस्त तनाव है. हवाई हमलों में अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में 17 नागरिकों जिसमें 11 बच्चे हैं, ये खबर सामने आने के बाद आक्रोश है.

अटैक के बाद से एक बार फिर डूरंड लाइन (पाक-अफगान बॉर्डर) पर गोलीबारी की खबर है. पिछले 48 घंटों में 26 पश्तून नागरिकों के मारे गे हैं.

टीटीपी को लेकर पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच तनाव

दरअसल पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान अपने बॉर्डर पर तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों का पनाह देता है. लेकिन तालिबान सरकार हर आरोप को बेबुनियाद बताती रही है. तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान ने खुद अपने बॉर्डर पर आईएसआईएस और टीटीपी के आतंकियों को पनाह दे रखी है. अपनी नाकामियों के छिपाने के लिए अफगानिस्तान पर आरोप लगाता है.  

पिछले साल भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की थी. पाकिस्तान ने कहा था कि उसने टीटीपी चीफ मौलाना नूर वली महसूद की गाड़ी और उसके मुख्यालय पर हमला किया. लेकिन इस हमले के कुछ दिनों बाद ही टीटीपी चीफ ने एक वीडियो जारी करके पाकिस्तानी सेना की पोल खोल दी थी. 

नूर वली ने कहा था कि वो पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में है, न कि अफगानिस्तान में. नूर वली ने अपने वीडियो में पाकिस्तानी चौकियों को भी दिखाया था.

पाकिस्तान दुनिया को ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वो आतंकवाद पीड़ित है. बार-बार ये दावा करता है कि अफगानिस्तान में तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान को शरण मिली हुई है. जबकि अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन ने सबूतों के साथ दुनिया को बताया है कि आतंकवादी खुद पाकिस्तान के ही पाले हुए हैं और पाकिस्तानी बॉर्डर पर रहते हैं.

डूरंंड लाइन पर क्या है अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच विवाद

आपको बता दें कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2640 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का नाम डूरंड लाइन (रेखा) है. यह रेखा पश्तून जनजातीय इलाके से होकर दक्षिण में बलूचिस्तान के बीच से होकर निकलती है. 

साल 2024 दिसंबर में पाकिस्तान के टीटीपी (तहरीक ए तालिबान) के खिलाफ एयर स्ट्राइक करने के बाद अफगान के तालिबानी लड़ाके डूरंड लाइन क्रॉस कर पाकिस्तान में दाखिल हो गए थे और वहां की चौकियों पर कब्जा कर लिया था. 

इसके बाद पिछले साल जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके उनके नागरिकों (बच्चे-महिलाओं)की हत्या की तालिबान ने डूरंड लाइन पर चढ़ाई कर दी. 

आपको बता दें कि पाकिस्तान डूरंड लाइन को अफगानिस्तान के साथ अपनी आधिकारिक सीमा मानता है लेकिन, अफगानिस्तान को ये मंजूर नहीं है. अफगानिस्तान ने डूरंड लाइन को मान्यता नहीं दी है, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद सीमा पर तारबंदी के काम को तेज किया है. इस कारण दोनों पक्षों में दर्जनों बार संघर्ष हो चुका है. ना तो पाकिस्तान और ना ही अफगानिस्तान अपने दावों से पीछे हटने को तैयार है. 

पिछले साल भारत के दौरे पर आए तालिबानी गृहमंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने नई दिल्ली से ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि “पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा (डूरंड लाइन), 2400 किलोमीटर से ज्यादा लंबी है. न इसे चंगेज खान नियंत्रित कर सका, न अंग्रेज. केवल ताकत से इसे नहीं संभाला जा सकता. पाकिस्तान के पास बड़ा फौज और बेहतरीन खुफिया एजेंसियां हैं, फिर वे खुद इसे क्यों नहीं रोक पा रहे?”

पिछले साल अक्टूबर में कतर और तुर्किए की मध्यस्थता के बाद पाकिस्तान-अफगानिस्तान में सीजफायर हुआ था. पाकिस्तान की ताजा एयरस्ट्राइक के बाद एक बार फिर से डूरंड लाइन पर तनातनी बढ़ चुकी है.

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