दीपावली पर एक दूसरे का मुंह मीठा कराने के बाद भारत और चीन की सेनाओं ने विवादित डेमचोक इलाके में पेट्रोलिंग शुरू कर दी है. साढ़े चार साल बाद इस इलाके में दोनों देशों के सैनिकों की गश्त शुरू हुई है. दूसरे विवादित इलाके डेप्सांग प्लेन में माना जा रहा है कि रविवार से पेट्रोलिंग शुरु हो जाएगी.
पूर्वी लद्दाख से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर डिसएंगेजमेंट पूरा होने के बाद गुरुवार को भारत और चीन की सेना ने दीपावली के मौके पर एक-दूसरे को मिठाइयां और उपहारों का आदान-प्रदान किया था. पूरे पांच साल बाद दोनों देशों की सेनाओं ने किसी त्योहार को एक साथ मनाया था. वर्ष 2020 में गलवान घाटी की झड़प के बाद से दोनों देशों की सेनाओं ने एक साथ किसी सेरेमनी में हिस्सा नहीं लिया था.
भारतीय सेना के मुताबिक, गुरुवार को पूर्वी लद्दाख में काराकोरम पास (दर्रे) से लेकर डीबीओ, हॉट-स्प्रिंग, कोंगला और चुशूल-मोल्डो गैरिसन में अलग-अलग मीटिंग-पॉइंट पर चीन के फील्ड कमांडर्स के साथ दीपावली मनाई गई थी.
डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया पूरी होने यानी विवादित इलाकों से दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने के बाद ही डेमचोक में पेट्रोलिंग शुरु हुई है.
पांच साल पहले तक भारत और चीन की सेनाएं 3488 किलोमीटर लंबी एलएसी के अलग-अलग बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (बीपीएम) पॉइंट पर एक-दूसरे के राष्ट्रीय त्योहारों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेती थी. भारतीय सेना अगर दीपावली पर चीनी कमांर्डस को अपनी छावनी में आमंत्रित करती थी तो, चीन की पीएलए-आर्मी 1 अक्टूबर (चीन का स्थापना दिवस) और मई दिवस पर आमंत्रित करती थी.
जून 2020 में भारत और चीन की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी की खूनी झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच जबरदस्त तनाव बन गया था. ऐसे में सेरेमोनियल मीटिंग की जगह फ्लैग-मीटिंग ने ले ली थी. फ्लैग मीटिंग, अमूमन किसी सीमा-विवाद को सुलझाने के लिए स्थानीय कमांडर्स आयोजित करते हैं.
इसी महीने की 21 अक्टूबर को मिलिट्री और डिप्लोमेसी स्तर पर चल रही कई दौरे की मीटिंग के बाद भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में डिसएंगेजमेंट समझौता किया था. इस समझौते के तहत दोनों देशों की सेनाएं विवादित डेप्सांग प्लेन और डेमचोक से पीछे हटने के लिए तैयार हो गई थी.
बुधवार (30 अक्टूबर) को दोनों देशों की सेनाएं समझौते के अनुसार पीछे हट गई थी. इसके तहत दोनों सेनाओं ने अस्थायी बंकर और टेंट को पीछे हटा लिया है. फील्ड कमांर्डस ने डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया की तस्दीक की तो गुरुवार से कुछ विवादित जगह पर पेट्रोलिंग (गश्त) भी शुरू हो गई है. इसके लिए दोनों सेनाओं के ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारियों ने गश्त की रूपरेखा तैयार की है.
चीन की पीएलए आर्मी के प्रवक्ता ने भी गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया की तस्दीक की थी.
रिजिजू पहुंचे बूमला
केंद्रीय गृह मंत्री किरेन रिजिजू अरूणाचल प्रदेश के बूमला (तवांग) पहुंचे और भारतीय सैनिकों के साथ दीपावली मनाई. इस दौरान रिजिजू एलएसी के बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (बीपीएम) पहुंचे जहां अपनी सीमा की रक्षा में तैनात चीनी सैनिकों भी दिखाई पड़े. रिजिजू ने एक भारतीय सैनिक की मदद से चीनी सैनिकों से संक्षिप्त वार्ता की और जाना कि 15 हजार फीट की ऊंचाई पर तैनाती में उन्हें कैसी शारीरिक दिक्कतो् का सामना करना पड़ता है.