पंजाब के पटियाला में कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाठ और उनके बेटे से मारपीट मामले ने तूल पकड़ लिया है. पंजाब हाईकोर्ट ने पुलिसवालों को फटकार लगाते हुए कहा कि क्या पंजाब के पुलिसवालों को पीटने का लाइसेंस मिला हुआ है?
इस बीच पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और सेना के पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाधवा ने ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. प्रेस वार्ता में इस घटना की गंभीरता को लेकर बातें साझा की गईं. सेना की ओर से दिए गए बयान में कहा गया कि “भारतीय सेना इस मामले को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.”
सेवारत कर्नल की पिटाई, सेना बनाम पुलिस की लड़ाई
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मामले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि “पटियाला में कर्नल से मारपीट मामले में पुलिसवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है, उन्हें ड्यूटी से बर्खास्त कर दिया गया है. मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है.”
डीजीपी ने कर्नल से मारपीट के मामले को पुलिस बनाम सेना नहीं बनाने की अपील करते हुए कहा पुलिस, “भारतीय सेना का सम्मान करती है.”
वहीं सेना के पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाधवा ने पंजाब पुलिस के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के साथ एक प्रेसवार्ता में इस घटना की गंभीरता को साझा किया. लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाधवा ने कहा कि “इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों को दंडित करना जरूरी है ताकि इससे माहौल और सौहार्द पर कोई नकारात्मक असर न पड़े.” (https://x.com/ians_india/status/1904515452602384561)
मैं भी आर्मी अफसर का बेटा, मामले को पुलिस बनाम सेना मत बनाओ- डीजीपी गौरव यादव
कर्नल पुष्पेंद्र की पत्नी जसविंदर कौर बाठ ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच की है. सीधे-सीधे उन्होंने डीजीपी पर लापरवाही का आरोप लगाया है. पत्नी ने कहा, इस घटना के बाद उनका बेटा भारत में नहीं रहना चाहता है. डीजीपी गौरव यादव ने शिकायत नहीं सुनी.
कर्नल की पत्नी के गंभीर आरोपों पर डीजीपी गौरव यादव ने सफाई दी, कहा, “मैं आर्मी का सम्मान करता हूं और मैं भी आर्मी बैकग्राउंड से हूं. मेरे पिता एक आर्मी अफसर है मुझे इस घटना को लेकर काफी दुख है लेकिन इस विषय को पुलिस विभाग और आर्मी की लड़ाई नहीं बनाना चाहिए. जिन्होंने गलती की है उन्हें सजा जरूर मिलेगी और इसके लिए सारी चीज की जाएगी.”
डीजीपी ने कहा कि “इसके पहले पंजाब पुलिस, आर्मी, एयर फोर्स पैरामिलिट्री जैसे सभी विभाग मिलकर पंजाब में शांति लाने के लिए काम किए हैं और आगे भी ऐसी ही स्थिति बनी रहे. पुलिस विभाग और आर्मी ने मिलकर कई बड़े ऑपरेशन किए हैं और पंजाब से आतंकवाद को खत्म किया है.” (https://x.com/ANI/status/1904156211400114290)
हाईकोर्ट पहुंचा मामला, हाईकोर्ट ने लगाई पंजाब सरकार को फटकार
कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि “वो सर्विंग आर्मी कर्नल हैं और बेहद संवेदनशील पद पर तैनात हैं.” हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आठ दिन तक कार्रवाई न करने पर जवाब तलब किया है.
हाईकोर्ट ने कहा, “13 और 14 मार्च की रात पटियाला के हरबंस ढाबा के बाहर पंजाब पुलिस के चार इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों और अन्य आर्म्ड पुलिस कर्मियों ने वहां मौजूद लोगों के सामने उनके और उनके बेटे के साथ मारपीट की और उनका आई कार्ड तक छीन लिया. उनका फर्जी एनकाउंटर करने की धमकियां दी गईं. यह बेहद ही गंभीर मामला है. हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को सख्त लहजे में पूछा कि क्या पंजाब पुलिस को पीटने का लाइसेंस मिला हुआ है. उस अफसर का नाम बताएं जिसने शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई नहीं की.”
क्या है पूरा मामला?
13 और 14 मार्च की रात जब कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाठ और उनका बेटा पटियाला के सरकारी राजिंदर अस्पताल के पास सड़क किनारे स्थित एक होटल गए थे उसी वक्त मारपीट की यह घटना हुई. कर्नल के परिवार ने दावा किया कि जब वे दोनों अपनी कार के बाहर खड़े होकर खाना खा रहे थे, तो सादे कपड़ों में कुछ पुलिस अधिकारी उनके पास आए और कर्नल से कहा कि वे अपनी गाड़ी हटा लें ताकि वे अपनी गाड़ी खड़ी कर सकें.
आरोप है कि जब कर्नल ने उनके इस असभ्य लहजे पर आपत्ति जताई तो एक अधिकारी ने उन्हें मुक्का मार दिया और दूसरे पुलिसकर्मियों ने उनके और उनके बेटे के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया. पिटाई के बाद कर्नल के परिवार ने पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात की थी. शुरुआती टालमटोल के कई दिनों बाद 12 पुलिसवालों को निलंबित कर दिया गया. बाद में आरोपी पुलिस अधिकारियों ने कर्नल की पत्नी को वीडियो कॉल कर माफी भी मांगी है.