Breaking News Geopolitics Middle East

अमेरिका ने डुबोया ईरान का जासूसी शिप? हूतियों का एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमले का दावा

हूती विद्रोहियों के साथ नाम घसीटे जाने से नाराज ईरान ने दिखाई आंख, तो खबर आ रही है कि अमेरिका ने ईरान का जासूसी जहाज डुबो दिया है. बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान के सबसे हाइटेक खुफिया जहाज जागरोस को डुबो दिया है. यह जहाज सिग्नल इंटेलिजेंस में विशेषज्ञ था और इसे ईरान की नौसेना का सबसे अत्याधुनिक जासूसी पोत माना जाता था.

ईरान या फिर अमेरिका की तरफ से हालांकि, इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है.

अमेरिकी नेवी ने ईरान के जासूसी जहाज को डुबोया?

जनवरी में इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जिस ‘जागरोस’ स्पाई जहाज को ईरान ने लाल सागर में उतारा था, उसे डुबाए जाने का दावा किया जा रहा है. जागरोस जहाज को ईरान की ताकत बताया जाता है. जागोस ईरान का पहला सिग्‍नल इंटेलिजेंस श‍िप है, ज‍िसे ईरान में ही बनाया गया है. यह इलेक्‍ट्रॉनिक सेंसर, इंटरसेप्‍टर और अन्‍य साइबर एंड इंटेल‍िजेंस कैपेबिल‍िटीज से लैस है. जनवरी में जागरोस को जब समंदर में उतारा गया था तब ईरान की आर्मी ने परमाणु ठ‍िकानों को बचाने के ल‍िए एक बड़ी एक्‍सरसाइज की थी. बताया जाता है कि जागरोस का मुख्य काम ईरान के एटॉमिक सेंटर्स नटानज, फोर्डो और खोंडाब की सुरक्षा करना था. 

पिछले तीन दिनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों के बाद लाल सागर में हूतियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान छेड़ा गया है. ट्रंप ने सीधे-सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया है. ऐसे में अब खबर आ रही है कि अमेरिकी नेवी ने ईरान के जहाज को डुबोकर बड़ा नुकसान पहुंचाया है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

हमने यूएसएस हैरी एस. ट्रूमैन कैरियर ग्रुप को बनाया निशाना: हूती विद्रोही

ट्रंप के निर्देशों के बाद अमेरिका ने यमन में हूतियों के खिलाफ 30 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनमें 53 लोग मारे गए और 98 घायल हुए हैं. जिसके बाद आतंकी संगठन के खिलाफ अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद हूतियों ने दावा किया है कि “पिछले 48 घंटों में उन्होंने अमेरिकी युद्धपोतों को टारगेट किया है. हमने यूएसएस हैरी एस. ट्रूमैन कैरियर ग्रुप पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है.” हालांकि, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इसे गलत बताया और कहा है कि “हूती अपने हमलों को बढ़ा-चढ़ाकर बता रहे हैं.”

यमन में अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन, क्या है ट्रंप का ताजा बयान

यमन में अमेरिकी हवाई हमलों के बाद हजारों हूती समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. राजधानी सना, सादा, धमार, होदेदा और अमरान में अमेरिका और इजराइल विरोधी नारे लगे. डोनाल्ड ट्रंप ने हूती आतंकियों और ईरान को एक बार फिर दी चेतावनी.  ट्रंप ने कहा, यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों का जिम्मेदार ईरान को ठहराया जाएगा.

ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर ये बातें लिखी, जिसमें उन्होंने “हूतियों को भयावह गुंडा और ठग बताते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए किसी भी हमले का बहुत कठोर जवाब दिया जाएगा. ईरान, हूतियों को हथियार, पैसे, उन्नत सैन्य उपकरण और खुफिया जानकारी दे रहा है,  इससे ये हमले हो रहे हैं. ईरान ने यह दिखाने की कोशिश की है कि हूतियों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है, लेकिन असल में उनका पूरा नियंत्रण है और वे इन विद्रोहियों को पूरी तरह से समर्थन दे रहे हैं. ईरान को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.”

वह समय गया, जब तेहरान की विदेश नीति अमेरिका तय करता था: विदेश मंत्री 

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. अराघची ने कहा, “अमेरिकी सरकार को ईरानी विदेश नीति तय करने का कोई अधिकार नहीं है. वह समय गया, जब वॉशिंगटन तेहरान की विदेश नीति तय कर सकता था. साल 1979 में ही समाप्त हो गया है. 1979 में इस्लामिक क्रांति के बाद लोगों ने पश्चिम समर्थक शाह को सत्ता से बाहर कर दिया था.”

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.