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इस्कंदर मिसाइल ने डुबोया यूक्रेनी जहाज, गोला-बारूद था भरा

By Nalini Tewari Rajput

रूस और यूक्रेन में इन दिनों बातचीत, कैदियों की अदला-बदली के बीच भयंकर जंग चल रही है. रूस की घातक इस्कंदर मिसाइलों ने ओडेसा पोर्ट में यूक्रेनी सेना के एक मालवाहक जहाज को टारगेट किया है. रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि जहाज में सैन्य उपकरण ले जाया जा रहा था. आशंका इस बात की जताई जा रही है यूरोप के किसी देश की ओर से यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई की गई थी, जिसे रूस ने नष्ट किया है.

सैन्य उपकरण ले जा रहे जहाज को रूस ने ध्वस्त किया 

रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रूसी इस्कंदर मिसाइल ने ओडेसा में सैन्य उपकरण ले जा रहे कंटेनर के जहाज पर अटैक किया. जहाज में सैन्य सामान से भरे लगभग 100 कंटेनर्स थे. इन सैन्य सामानों में मानव रहित बोट्स, ड्रोन और विस्फोटक (गोला-बारूद) थे. हमले में मालवाहक जहाज को भारी नुकसान पहुंचा, वहीं एक दूसरा विस्फोट वहां पर हुआ जहां माल को उतारा गया था. रूसी अटैक के बाद माल में बड़ी आग लग गई.  (https://x.com/RT_com/status/1926274642525794739)

कीव में ड्रोन और मिसाइल से हमला

यूक्रेन की राजधानी कीव पर भी बड़ा हमला किया गया है. रूस ने कीव पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे पूरे शहर में धमाकों की आवाजें गूंजने लगीं. हमले में आठ लोग घायल हो गए. लगातार हो रहे हमलों के बाद खौफ में लोगों ने अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन में शरण ली. रूस-यूक्रेन के बीच बातचीत के बाद दोनों ओर से लगातार हो रहे हमले चिंता बढ़ाने वाले हैं.

रूस-यूक्रेन के बीच 307 कैदियों की हुई अदला-बदली

16 मई को इंस्ताबुल में हुई बातचीत के बाद रूस-यूक्रेन के बीच कैदियों की अदला-बदली की गई है. शुक्रवार और शनिवार को रूस-यूक्रेन ने कैदियों की अदला-बदली की. शनिवार को दोनों पक्षों ने 307 सैनिकों को वापस बुलाया,, जबकि एक दिन पहले दोनों पक्षों ने 390 लोगों को रिहा किया था. रूस-यूक्रेन दोनों पक्षों में पहले चरण में सैकड़ों सैनिकों और नागरिकों की अदला-बदली करने पर सहमति बनी थी. 

पश्चिमी देश यूक्रेन को बढ़ा रहे हैं हथियारों की सप्लाई:सर्गेई लावरोव

हाल ही में अपने एक बयान में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने “पश्चिमी देशों पर आरोप लगाते हुए कहा है, रूस को कमजोर करने के लिए यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई बढ़ा रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा हो रहा है. पश्चिमी देशों की मांगें एकतरफा हैं और रूस की सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह नजरअंदाज करती हैं.रूस अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा.”

पुराने रास्ते पर नहीं लौटेगा रूस: सर्गेई लावरोव

सर्गेई लावरोव ने साफ किया है कि “वो सीजफायर तब तक नहीं करेंगे, जब तक समझौता नहीं हो जाता. रूस अब युद्धविराम में भरोसा नहीं करता और वह पुराने रास्तों पर दोबारा नहीं लौटेगा.” लावरोव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम पहले भी इस हालात से गुजर चुके हैं. हमने देखा है कि कैसे युद्धविराम के नाम पर समय लिया जाता है, और फिर वही पुरानी नीतियां दोहराई जाती हैं.”

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