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पुतिन से पहले रशियन लाव-लश्कर पहुंचा भारत, तीन साल बाद हो रही INDRA मेरीटाइम एक्सरसाइज

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के पहले, दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग तेज हो गया है. तीन साल बाद, रूसी नौसेना के जंगी साझा युद्धाभ्यास ‘इंद्र’ में हिस्सा लेने के लिए चेन्नई पहुंच गए हैं. साथ ही रूसी सेना का एक प्रतिनिधिमंडल भी भारतीय सेना के पुणे स्थित मिलिट्री इंजीनियरिंग कॉलेज में भारत के युद्ध-कौशल को जानने के लिए पहुंचा है.

भारत और रूस के बीच स्थायी सामुद्रिक साझेदारी की आधारशिला, 14 वां  भारत-रूस द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास इंद्र का  28 मार्च से 2 अप्रैल तक चेन्नई में आयोजित किया जा रहा है.

2003 में अपनी स्थापना के बाद से, अभ्यास इंद्र दोनों नौसेनाओं के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है. गौरतलब है कि जल्द ही रूस के राष्ट्रपति, पुतिन भारत के दौरे पर आने वाले हैं. इस बात का खुलासा खुद रूस के विदेश मंत्री ने गुरूवार को दोनों देशों के एक कार्यक्रम में किया था. यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद पहली बार पुतिन का भारत दौरा है. 

भारत और रूस के सैन्य सहयोग की आधारशिला है इंद्र युद्धाभ्यास

इंद्र युद्धाभ्यास, भारत और रूस के समुद्री सहयोग का प्रतीक बन गया है, जो दोनों देशों की नौसेना की अंतर-संचालन क्षमता और परिचालन संबंधी तालमेल को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. इंद्र युद्धाभ्यास दो चरणों में आयोजित किया जाएगा. पहला चरण, चेन्नई बंदरगाह में 28 से 30 मार्च तक होने जा रहा है. समुद्री चरण 31 मार्च से 2 अप्रैल, तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया जा रहा है.

इस अभ्यास में रूसी नौसेना के तीन जंगी जहाज पेचंगा, रेज्की और अलदार त्सिडेंझापोव हिस्सा ले रहे हैं. भारतीय नौसेना के आईएनएस राणा और कुथार युद्धपोत के साथ लॉन्ग रेंज मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट (टोही विमान) पी8आई हिस्सा लेगा. (https://x.com/FinalAssault23/status/1905586440215343231)

यूक्रेन जंग के चलते तीन साल से बंद थे भारत और रूस के साझा युद्धाभ्यास

पिछले तीन साल से इंद्र युद्धाभ्यास बंद थी. यूक्रेन युद्ध के चलते, दोनों देशों की सालाना एक्सरसाइज नहीं हो पाई थी. अब जब, यूक्रेन जंग में रूसी सेना ने बढ़त बना ली है तो, इंद्र एक्सरसाइज फिर शुरु हो गई है.

रूस, दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से है जिनके साथ भारत की सेना के तीनों अंग अलग-अलग (और साझा) एक्सरसाइज करते हैं, जिसे एक ही नाम से जाना जाता है, इंद्र (आईएनडीआरए यानी इंडिया और रशिया).

भारतीय नौसेना ने क्या कहा इंद्र एक्सरसाइज पर

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता, कमांडर विवेक मधवाल के मुताबिक, इंद्र एक्सरसाइज के हार्बर चरण में उद्घाटन समारोह, विषयवस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान (एसएमईई), पारस्परिक दौरे, खेल कार्यक्रम और दोनों नौसेनाओं के कर्मियों के बीच प्री-सेल ब्रीफिंग शामिल होंगे. समुद्री चरण में उन्नत नौसैनिक अभ्यास होंगे, जिसमें सामरिक युद्धाभ्यास, हथियार द्वारा लाइव फायरिंग, एंटी-एयर ऑपरेशन, अंडरवे रिप्लेसमेंट, हेलीकॉप्टर क्रॉस-डेक लैंडिंग और सी-राइडर्स का परस्पर आदान-प्रदान शामिल है.

नौसेना के प्रवक्ता के मुताबिक, इन अभ्यासों और बातचीत का उद्देश्य समुद्री सहयोग को बढ़ाना, मैत्री संबंधों को मजबूत करना, परिचालन संबंधी सर्वोत्तम प्रणालियों का आदान-प्रदान करना तथा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को मजबूत करना है.

थलसेना के कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग पहुंचा रशियन आर्मी का डेलीगेशन

रशियन आर्मी का एक छह-सदस्य प्रतिनिधिमंडल, पुणे स्थित भारतीय सेना के कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (सीएमई) पहुंचा है (26-28 मार्च). रूसी सेना का प्रतिनिधिमंडल मेजर जनरल मार्चेनको आंदई कर रहे हैं. सीएमई की दौरे के दौरान, दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे की बेस्ड प्रैक्टिस को समझा और कॉम्बेट अनुभव साझा किया. (https://x.com/adgpi/status/1905585427878477975)


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