एक दिन पहले यूक्रेन का दौरा कर लौटे अमेरिका के विवादास्पद सीनेटर लिंडसे ग्राहम की मौत से पूरी दुनिया भौंचक्की रह गयी है. युद्ध भड़काने वाले (वॉर-मोंगर) बयानों से चर्चा में रहने वाले लिंडसे को ईरान भी कट्टर दुश्मन मानता था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले लिंडसे की मौत में हालांकि, अभी कोई साजिश की बात सामने नहीं आई है.
लिंडसे के ऑफिस ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर बताया कि एक ब्रीफ और अचानक हुई बीमारी से यूएस सीनेटर (उम्र 71 वर्ष) की मौत हुई है. ट्रंप ने लिंडसे को एक महान व्यक्ति बताते हुए शोक जाहिर किया. ट्रंप ने लिंडसे को एक सच्चा देश-भक्त करार देते हुए कहा कि वो हमेशा काम में जुटा रहता था.
कीव में किया था ड्रोन फैसिलिटी का दौरा
मौत से ठीक एक दिन पहले, लिंडसे ने यूक्रेन का दौरा खत्म किया था. लिंडसे ने यूक्रेन की राजधानी कीव में एक ड्रोन बनाने वाली सीक्रेट फैसिलिटी का दौरा किया था. लिंडसे ने इस फैसिलिटी में हाथ में ड्रोन उठाए तस्वीरें भी जारी की थी. पिछले कुछ हफ्तों से यूक्रेन के इन आत्मघाती ड्रोन ने रूस में कहर बरपा रखा है.
लंबी दूरी के इन ड्रोन ने एक के बाद एक रूस की 15 से ज्यादा ऑयल रिफाइनरी और तेल डिपो पर हमले किए हैं. लिंडसे के दौरे के महज कुछ घंटे बाद, रूस ने कीव की दो (02) ड्रोन फैसिलिटी पर मिसाइल से हमला कर तबाह कर दिया था. (यूक्रेन की Drone फैसिलिटी निशाने पर, रूस ने बदली रणनीति)
अपने कीव दौरे के दौरान, लिंडसे ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात कर रूस पर अधिक प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था. लिंडसे ने कहा था कि अमेरिका पहुंचने के बाद कांग्रेस में एक बिल लाया जाएगा, जिससे रूस पर प्रतिबंधों को और कड़ा बनाया जा सके. हालांकि, लिंडसे का कहना था कि इससे रूस को युद्धविराम के लिए तैयार कर बातचीत की टेबल पर लाया जा सकता है.
रूस ने लिंडसे को करार दे रखा था आतंकी
लिंडसे को रूस विरोधी माना जाता था. यही वजह है कि रूस ने भी लिंडसे को अपने देश में आतंकवादी करार दे रखा था. हालांकि, लिंडसे की मौत पर रूस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है.
भारत पर 500 प्रतिशत टैक्स की वकालत की थी
लिंडसे ने कहा था कि उन देशों पर शिकंजा कसा जाना चाहिए जो रूस से व्यापार करते हैं. क्योंकि ऐसा करने से रूस को यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ने में मदद मिल रही है. लिंडसे ने कुछ समय पहले इसके लिए भारत को भी जिम्मेदार ठहराते हुए 500 प्रतिशत टैरिफ टैक्स लगाने की वकालत की थी. क्योंकि यूक्रेन जंग के बावजूद, भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है. साथ में भारत ने रूस से हथियार खरीदना भी जारी रखा है और व्यापार भी लगातार बढ़ रहा है. लेकिन इससे पहले की लिंडसे अमेरिकी संसद में ऐसा कोई नया बिल लेकर आता, मौत की खबर आ गई.
लिंडसे की मौत पर ईरान में खुशी की लहर
लिंडसे की मौत से ईरान में खुशी की लहर फैल गई है. ईरानी न्यूज चैनल्स पर एंकर तक दर्शकों को बधाई संदेश दे रहे हैं. क्योंकि लिंडसे लगातार ईरान पर हमले करने की वकालत करता था.
इसी हफ्ते, ईरान की राजधानी तेहरान और दूसरे उन शहरों में जहां पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का जनाजा निकला था, वहां जगह जगह ट्रंप और उन अमेरिकी नागरिकों के पोस्टर लगे थे, जिन्हें ईरान विरोधी माना जाता है. इन पोस्टर में लिंडसे भी शामिल था. एक पोस्टर में उसके सिर को टारगेट किया गया था और आपत्तिजनक शब्द लिखे गए थे.
लिंडसे की मौत के बाद, ईरान के कट्टरपंथी मीडिया ने उन सभी ईरान-विरोधी लोगों का एक पोस्टर जारी किया, जो ईरान के निशाने पर हैं. उस पोस्टर में ट्रंप और नेतन्याहू भी शामिल थे. इस पोस्ट में लिंडसे की तस्वीर पर क्रॉस लगाया गया था. यानी कि ईरान का एक दुश्मन ढेर हो गया है और बाकी भी निशाने पर हैं.
