भारत ने रफाल फाइटर जेट को भारत में बनाए जाने का किया ऐलान तो फ्रांस में रफाल लड़ाकू विमान के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की सुरक्षा में हुई बड़ी सेंधमारी. कैमरे से युक्त चश्मे के साथ प्लांट में काम करने वाला कर्मचारी धरा गया. आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला दर्ज करने की तैयारी.
फ्रांस की सुरक्षा एजेंसियां पता करने में जुटी हैं कि आरोपी ने अपने कैमरे में प्लांट की किन-किन गतिविधियों को रिकॉर्ड किया था. किस इरादे से आरोपी, प्लांट की जासूसी कर रहा था. उसके इस अपराध में कोई दूसरा साथी या नेटवर्क तो शामिल नहीं है.
पिछले हफ्ते रक्षा मंत्रालय ने 114 मेक इन इंडिया रफाल को दी थी मंजूरी
जानकारी के मुताबिक, ये घटना उसी समय सामने आई जब भारत के रक्षा मंत्रालय ने 114 मेक इन इंडिया रफाल बनाने को लेकर मंजूरी दी थी. भारत और फ्रांस के अलावा, रफाल फाइटर जेट को यूएई, इजिप्ट और यूएई जैसे देश भी ऑपरेट करते हैं. हाल में इंडोनेशिया ने भी रफाल खरीदने का एक बड़ा सौदा फ्रांस से किया था.
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इनदिनों भारत के दौरे पर
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इनदिनों (16-19 फरवरी) चार दिवसीय दौरे पर भारत में मौजूद हैं. दौरे से पहले, रक्षा मंत्रालय ने मेक इन इंडिया रफाल लड़ाकू विमान को भारत में बनाने की मंजूरी दी थी.
ओमनी-रोल फाइटर जेट की तकनीक जानने में जुटे विरोधी-देश
4.5 जेनरेशन वाला रफाल फाइटर जेट, दुनिया की आधुनिक लड़ाकू विमानों में है. एक ओमनी-रोल फाइटर जेट होने के नाते ये विमान, परमाणु हथियार लॉन्च करने में भी सक्षम है. इसके अलावा, रफाल की (आईसा) रडार, मिसाइल और दूसरे एवियोनिक्स को बेहद उत्तम दर्जे का माना जाता है.
किसी भी लड़ाकू विमान में मिसाइल और दूसरे हथियारों का इंटीग्रेशन बेहद अहम माना जाता है. यही वजह है कि रफाल बनाने वाली कंपनी दासो (दसॉल्ट) ने जासूसी की घटना को बेहद संवेदनशील मानते हुए अपने कर्मचारी को फ्रांसीसी पुलिस के हवाले कर दिया है.
जानकारी के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के लिए जो 114 मेक इन इंडिया रफाल फाइटर जेट, भारत में बनाए जाएंगे, उनमें फ्रांसीसी (यूरोपीय) मिसाइलों के साथ-साथ स्वदेशी (भारतीय) मिसाइल भी इंटीग्रेट की जा सकती हैं. मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेंगलुरु में अपनी फ्रांसीसी समकक्ष से डिफेंस डायलॉग के दौरान, मेक इन इंडिया रफाल में 50 प्रतिशत स्वदेशी कंटेट का आग्रह किया था.
रफाल की सुरक्षा में सेंध का ये कोई पहला मामला नहीं है. वर्ष 2019 में, फ्रांस में भारतीय वायुसेना के दफ्तर में भी दस्तावेजों की चोरी की घटना सामने आई थी. वर्ष 2016 में 36 रफाल लड़ाकू विमान के सौदे के बाद, भारतीय वायुसेना की एक प्रोजेक्ट टीम ट्रेनिंग इत्यादि के लिए फ्रांस में मौजूद थे. उस टीम के दफ्तर में भी सेंधमारी की घटना सामने आई थी.

