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कौन है थाईलैंड की सबसे युवा पीएम, मोदी भी दे रहे हैं बधाई

भारत के करीबी देश थाईलैंड की प्रधानमंत्री इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा में है. बेहद खूबसूरत और सबसे युवा प्रधानमंत्री के तौर पर पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने थाईलैंड की कमान संभाली है. राजनीतिक-परिवार से ताल्लुक रखने वाली शिनावात्रा के पिता और बुआ, दोनों ही थाईलैंड की सत्ता संभाल चुके हैं. लेकिन पिछले कुछ सालों से राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे थाईलैंड की कमान अब होटल चलाने वाले शिनावात्रा के कंधों पर आ गई है. खुद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिनावात्रा को थाईलैंड की प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पैटोंगटार्न शिनावात्रा को बधाई देते हुए एक्स पोस्ट में लिखा कि “भारत और थाईलैंड के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को लेकर आशान्वित हूं.” थाईलैंड के पूर्व राष्ट्रपति थाकसिन शिनावात्रा की बेटी पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने शाही समर्थन पत्र मिलने के बाद थाईलैंड की प्रधानमंत्री की गद्दी संभाली है. 

थाईलैंड के (पूर्व) पीएम श्रेथा थाविसिन को उनके पद से हटाए जाने के बाद थाईलैंड की पॉपुलिस्ट फेउ थाई पार्टी की लीडर और बिजनेसवुमन पैटोंगटार्न शिनावात्रा को देश का नया पीएम चुना गया है. रविवार को थाईलैंड के राजा वजीरालोंगकोर्न ने भी पैटोंगटार्न को देश के 31वें पीएम के रूप में नियुक्त किया. पैटोंगटार्न अपनी बुआ यिंगलुक शिनावात्रा के बाद थाईलैंड की दूसरी महिला पीएम हैं. 

पैटोंगटार्न  के पिता थाकसिन शिनावात्रा थाईलैंड के अरबपति की सूची में शुमार हैं और पीएम के पद पर भी रह चुके हैं (2002-06). पिछले 20 सालों में चार बार थाईलैंड की संवैधानिक कोर्ट ने चार अलग-अलग प्रधानमंत्रियों को उनके पद से हटाया है. 

भारत-थाईलैंड के संबंध मजबूत होंगे: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने रविवार को अपने बधाई संदेश में लिखा कि “थाईलैंड की प्रधानमंत्री चुने जाने के लिए पैटोंगटार्न शिनावात्रा को बधाई और एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं. सभ्यता, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच संपर्क की मजबूत नींव पर आधारित भारत और थाईलैंड के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने की आशा करता हूं.”

भारत और थाईलैंड में कैसे हैं सैन्य संबंध?
साल 2014 के बाद से भारत और थाईलैंड के बीच सैन्य सहयोग का लगातार विस्तार हो रहा है. पिछले महीने ही (जुलाई) में भारतीय सेना ने थाईलैंड के ताक प्रांत में रॉयल थाई सेना के साथ अपना संयुक्त सैन्य अभ्यास मैत्री की थी, जिसमें जंगल सर्वाइवल की एक तस्वीर दुनियाभर में वायरल हो गई थी.

भारत और थाईलैंड अंडमान सागर में समुद्री पड़ोसी देश हैं. भारत और थाईलैंड ने रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे. इस एमओयू के तहत, दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास आयोजित किए जाते हैं. भारत और थाईलैंड दोनों की सीमाएं अशांत देश म्यांमार से जुड़ी हुई हैं. जो कि दोनों ही देशों के लिए चिंता का कारण हैं. थाईलैंड आसियान में भारत का एक प्रमुख भागीदार है. भारत,  दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संघ (आसियान) समूह के एक प्रमुख सदस्य थाईलैंड को एक अहम रणनीतिक साझेदार मानता है. साथ ही थाईलैंड बिम्सटेक सहयोगी भी है.  

पिछले साल 20 से 23 दिसंबर को भारतीय नौसेना और रॉयल थाई नौसेना के बीच पहला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास किया गया. भारतीय नौसेना और रॉयल थाई नौसेना के बीच पहले द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास को एक्स-अयुत्या नाम दिया था, जो दो सबसे पुराना शहरों भारत के अयोध्या और थाईलैंड के अयुत्या से लिया गया था. 

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