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तेजस फाइटर जेट फिर दुर्घटना का शिकार, 02 वर्षों में तीसरा क्रैश

भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान, एलसीए तेजस फाइटर जेट की लैडिंग के दौरान क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई है. पाकिस्तान सीमा के करीब एक फॉरवर्ड एयरबेस पर इस महीने के शुरुआत में हुई इस घटना में पायलट, फाइटर जेट से सुरक्षित बाहर निकल गया.

वायुसेना और एयरक्राफ्ट बनाने वाली एविएशन कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की तरफ से घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आई है. पिछले दो वर्षों में लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस की क्रैश की ये तीसरी घटना है.

दुबई एयर शो में हुई दुर्घटना में पायलट की चली गई थी जान

इस घटना से पहले, वर्ष 2024 में एक एक्सरसाइज के दौरान, भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान जैसलमेर में क्रैश हो गया था. पिछले वर्ष (2025 में) दुबई एयर शो के दौरान आसमान में कलाबाजियां करते वक्त भी एलसीए तेजस क्रैश हो गया था. इस दुर्घटना में पायलट की जान चली गई थी. (दुबई एयर शो में LCA तेजस दुर्घटनाग्रस्त, पायलट की मौत)

जानकारी के मुताबिक, 7 फरवरी को हुई घटना, गुजरात के नलिया एयरबेस पर सामने आई. एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान, बेस पर लैंडिंग के दौरान तेजस फाइटर जेट दुर्घटना का शिकार हुआ. माना जा रहा है कि फाइटर जेट के ब्रैक फेल होने के कारण ये घटना सामने आई. दुर्घटना में लड़ाकू विमान के एयरफ्रेम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

वायुसेना ने दिए जांच के आदेश, पूरी होने तक पूरी स्क्वाड्रन को किया ग्राउंडेड

भारतीय वायुसेना ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और इंक्वायरी पूरी होने तक एलसीए तेजस की पूरी स्क्वाड्रन को ग्राउंड कर दिया है. वर्ष 2016 में एलसीए तेजस को वायुसेना में शामिल किया गया था. इस वक्त वायुसेना में एलसीए तेजस (मार्क-1) की दो स्क्वाड्रन हैं. इनमें से एक स्क्वाड्रन, नलिया में तैनात है और दूसरी तमिलनाडु के सुलूर (कोयम्बटूर) में.

तेजस के मार्क-1ए वर्जन की डिलीवरी में देरी

एलसीए तेजस के मार्क-1ए वर्जन प्रोजेक्ट काफी देरी से चल रहा है. अमेरिका से एफ-404 एविएशन इंजन की सप्लाई में हो रही देरी को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है. दूसरी तरफ, रक्षा मंत्रालय ने हाल में 114 मेक इन इंडिया फ्रांस के रफाल (राफेल) फाइटर जेट को बनाने की मंजूरी दी है, उसमें माना जा रहा है कि कोई प्राईवेट कंपनी (संभवत टाटा कंपनी) हिस्सेदार बन सकती है.

इसके अलावा, स्वदेशी स्टील्थ लड़ाकू विमान, एडवांस मीडिया कॉम्बेट एयरक्राफ्ट (एमका) से रक्षा मंत्रालय ने एचएएल को बाहर कर दिया है. एमका प्रोजेक्ट भी किसी स्वदेशी प्राईवेट कंपनी और ग्लोबल एविएशन कंपनी का ज्वाइंट वेंचर होने जा रहा है.

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