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स्पेन में हजारों की घुसपैठ, पूरा यूरोप सकते में

यूरोपीय देश स्पेन में सरकार और सेना के हाथ-पांव उस वक्त फूल गए जब मोरक्को से 10-20 नहीं बल्कि 50 हजार से ज्यादा लोगों ने घुसपैठ कर ली. मोरक्को से हजारों प्रवासी स्पेन के छोटे से स्वायत्त क्षेत्र स्यूटा में पहुंच गए.

स्यूटा शहर स्पेन और यूरोपीय संघ का हिस्सा है. लेकिन भौगोलिक तौर पर अफ्रीका में स्थित है. स्पेन यूरोप में माइग्रेंट्स के लिए मुख्य एंट्री प्वाइंट है.

सीमा पार करते समय ऐसी अफरा-तफरी मची की 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि प्रवासियों को काबू करने में 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए. (https://www.instagram.com/reel/DbdGpIky1QU/?igsh=aDBrc2VvdnNwNTR2)

प्रवासियों की तस्वीरें रोंगटे खड़े करने वाली थीं. सीमा पर पुलिस की घेराबंदी और सुरक्षा बाड़ के बीच संकरे रास्तों के कारण लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े. भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. भीड़ में दबने, दम घुटने तो समुद्र में डूबने के कारण लोगों की मौत हो गई.

अचानक हुए इस घुसपैठ से स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई और स्यूटा प्रशासन ने नेशनल इमरजेंसी घोषित करने की मांग कर दी.

स्यूटा में 50 हजार से ज्यादा घुसपैठिए घुसे

मोरक्को और स्पेन की सीमा से सटे स्यूटा में हजारों लोग घुसपैठ कर चुके हैं. चिंता की बात ये है कि स्यूटा शहर में जितनी आबादी है, उससे तकरीबन 70 प्रतिशत घुसपैठियों ने शहर में कब्जा जमा लिया है.

स्पेनिश सरकार के मुताबिक, ताराजल सीमा को असामान्य हालात में खोला गया तो लोग वहां से अंदर आ गए.  24 घंटे में मोरक्को की तरफ से करीब 60 हजार लोग तैरकर या पैदल चलकर स्यूटा में घुस चुके है.

स्यूटा से आए वीडियो फुटेज में दिखाया गया कि बड़ी संख्या में लोग ताराजल समुद्र तट के किनारे बने तटबंधों से होते हुए स्थानीय सड़कों पर पहुंच रहे थे. जिन लोगों ने घुसपैठ की वो मोरक्को के नागरिक थे, ज्यादातर युवा पुरुष थे, लेकिन महिलाओं और बच्चों वाले परिवारों को भी घुसपैठ करते देखा गया.

समुद्र में सैकड़ों किलोमीटर नाव चलाने के बजाय, मोरक्को के रास्ते स्यूटा पहुंचना प्रवासियों के लिए सबसे आसान और छोटा रास्ता लगता है

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पेन सरकार ने सेना, सिविल गार्ड और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि सीमा पर हालात असाधारण हैं. मोरक्को से बातचीत की जा रही है, ताकि प्रवासियों को वापस भेजा जा सके.

जर्मनी, बेल्जियम, इटली, फ्रांस की चिंता बढ़ी

आपको बता दें कि जैसे ही कोई प्रवासी स्पेन के स्यूटा की सीमा में दाखिल होता है, उस पर स्पेन और यूरोपीय संघ के कानून लागू हो जाते हैं.

अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, स्पेन सरकार उन्हें बिना सुनवाई के सीधे वापस नहीं भेज सकती. उन्हें अस्थायी राहत शिविरों में रखा जाता है, जहां वे शरण का आवेदन करते हैं. एक बार यहां के शिविरों में जगह मिलने के बाद, कानूनी प्रक्रियाओं के तहत धीरे-धीरे इन प्रवासियों को स्पेन के मेनलैंड में जाने का मौका मिल जाता है.

ऐसे में अगर कोई घुसपैठ करके स्पेन पहुंच गया, तो वह वहां से फ्रांस, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड जैसे दूसरे देशों में भी जा सकता है, क्योंकि यूरोप के इन देशों में आपस की सीमाओं पर पासपोर्ट जांच नहीं होती है,

स्यूटा में स्पेन ने भेजी सेना, ईयू भी रख रही नजर

स्यूटा से हालात को देखते हुए स्पेन सरकार ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है. स्पेन सेना की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं. हवाई और नौसैनिक हाईअलर्ट हैं. समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों पर नजर रखने के लिए गोताखोरों की टीमों को भी तैनात किया गया है. वहीं, यूरोपीय संघ ने भी स्पेन को मदद की पेशकश की है.  

इतिहास की बात की जाए तो स्यूटा पर पुर्तगाल ने 1415 में कब्जा किया था. 1668 में पुर्तगाल ने इसे स्पेन को दे दिया. मोरक्को को 1956 में स्पेन से आजादी मिली थी, लेकिन स्पेन ने स्यूटा और मेलिला को अपने पास रखा. मोरक्को, स्यूटा और मेलिला पर अपना दावा करता है. तो स्पेन का कहना है कि स्यूटा पर उसका कब्जा 350 साल से है. तब मोरक्को भी नहीं बना था.

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