अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर कुछ बदले बदले नजर आ रहे हैं. ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को सम्मानित व्यक्ति बताते हुए दावा किया है कि मोजतबा सीधे तौर पर अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल हैं. और ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वो परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा.
ट्रंप ने लेबनान के मुद्दे पर इजरायली पीएम बेंजामिन के साथ हुई खटपट पर भी मुहर लगाते हुए इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने नेतन्याहू को अपशब्द बोले थे. क्योंकि इजरायल का हिजबुल्लाह के खिलाफ लेबनान में चल रहा युद्ध ईरान के साथ शांति वार्ता को रोक रहा है.
ट्रंप ने ईरानी सुप्रीम लीडर से मिलने की इच्छा भी जाहिर कर दी है तो ऐलान किया है कि 7 सितंबर के बाद होर्मुज स्ट्रेट में सबकुछ सामान्य हो जाएगा.
मोजतबा खामेनेई से मिलने का सौभाग्य नहीं मिला: ट्रंप
कभी ईरान के कट्टरपंथी नेताओं के खिलाफ बोलने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति को मोजतबा खामेनेई अब सम्मानित व्यक्ति लगने लगे हैं. मोजतबा के पिता अयातुल्ला खामेनेई और ईरानी शीर्षों की मौत के बाद भी जब अमेरिका की दाल नहीं गली तो ट्रंप सीधे तौर पर मोजतबा खामेनेई के लिए नरमी वाला रुख अख्तियार करते दिखे.
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “मैंने सुना है कि ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की तबीयत ठीक नहीं चल रही है, लेकिन इसके बावजूद वो अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं को अपनी मंजूरी दे रहे हैं.”
ट्रंप ने कहा, “ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई शांति वार्ता में शामिल हैं, मुझे उनके प्रति बहुत सम्मान है. अब तक खामेनेई से मिलने का ‘सौभाग्य’ नहीं मिला है. मैं उनसे मिलना चाहूंगा. परिस्थितियां जिस तरह आगे बढ़ेंगी, उसके आधार पर संभवतः किसी समय हमारी मुलाकात होगी.”
ईरान के पास नहीं होगा परमाणु हथियार: ट्रंप
ट्रंप ने ईरान के परमाणु प्रोग्राम को लेकर कहा, ‘वो (ईरान) पहले ही इस बात पर सहमत हो चुका है कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं होगा. ट्रंप के मुताबिक “ईरान के साथ बातचीत जारी है. दोनों पक्षों के बीच किसी व्यापक समझ पर पहले ही सहमति बन चुकी हो सकती है. हम एक समझौते पर काम कर रहे हैं. अगर समझौता हो जाता है तो अच्छा है, और अगर नहीं होता तो भी ठीक है. तब हम दूसरा रास्ता अपनाएंगे.”
आपको बता दें कि लेबनान के ऐतिहासिक किले पर इजरायली सेना के कब्जे के बाद ईरान की ओर से घोषणा की गई थी, कि उन्होंने अमेरिका से हर तरह की वार्ता बंद कर दी है. लेकिन ट्रंप बार-बार ये दावा कर रहे हैं कि ईरान के साथ सहमति बनाई जा चुकी है और वार्ता अपने अंतिम चरण पर है.
7 सितंबर के बाद होर्मुज खुल जाएगा: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि “वह इस संघर्ष के खत्म होने की समय-सीमा को लेकर निश्चित नहीं हैं और लेकिन हो सकता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सात सितंबर (लेबर डे) तक बंद रहे. मैं चाहता हूं कि ईरान परमाणु हथियार की दिशा में किसी भी प्रयास को रोके और यह मार्ग तेल और गैस आपूर्ति के लिए फिर से खोला जाए. मुझे नहीं पता, लेकिन मुझे लगता है कि लेबर डे तक बंद रह सकता है, मुझे लगता है कि यह जल्द ही सुलझ जाएगा.”
नेतन्याहू के साथ तनावपूर्ण कॉल हुई: ट्रंप
ट्रंप ने ये बात स्वीकार की है कि उन्होंने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को पागल कहा था. ट्रंप ने कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायली एक्शन से वो नाराज थे, क्योंकि आईडीएफ के हमले के कारण ईरान के साथ शांति वार्ता पर प्रभाव पड़ रहा था.
ट्रंप ने माना कि “नेतन्याहू के साथ उनकी फोन कॉल तनावपूर्ण थी”. लेकिन वो नेतन्याहू को बेहद पसंद करते हैं. ट्रंप ने कहा कि “नेतन्याहू के साथ उनका रिश्ता मजबूत है और दोनों के बीच अच्छा तालमेल है, क्योंकि दोनों ‘युद्धकालीन’ नेता हैं.
ट्रंप ने कहा, “हमने बहुत अच्छा काम साथ किया है. मुझे बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) बहुत पसंद हैं और मैं उनके साथ बहुत अच्छा काम करता हूं.”

