रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को हटाने की मांग के बीच सऊदी अरब में रूस और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल में दूसरे दौर की बैठक पूरी हो गई है. बैठक के बाद रूस और अमेरिका ने बयान जारी कर काला सागर में सुरक्षित नेविगेशन पर सहमति जताई है.
रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों पर हमला न करने का एक बार फिर भरोसा दिया है. बदले में अमेरिका ने रूस पर लगे कई बड़े प्रतिबंध हटाने का ऐलान किया है.
रूस पर लगा स्विफ्ट पेयमेंट और ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फर्टिलाइजर बैन हटा
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रूस और अमेरिका के डेलीगेशन ने 12 घंटे लंबी बैठक की. वार्ता के बाद व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा कि रूस ने काला सागर में हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. साथ ही कमर्शियल जहाजों का सैन्य इस्तेमाल करने से बचने का भी भरोसा दिया है.
रूस ने यूक्रेन के बिजली और दूसरे ऊर्जा संयंत्रों पर हमला न करने का भी भरोसा दिया है.
व्हाइट हाउस के मुताबिक, बदले में अमेरिका ने रूस को वैश्विक कृषि और फर्टिलाइजर मार्केट, बंदरगाहों में आवाजाही और ग्लोबल (स्विफ्ट) पेयमेंट की अनुमति दे दी है.
24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर हमला करने के विरोध में अमेरिका ने रूस पर 20 हजार से ज्यादा प्रतिबंध लगा दिए थे. इनमें से ग्लोबल पेयमेंट और कृषि और फर्टिलाइजर बैन की बड़ी चोट रूस पर पहुंचाई गई थी.
यूक्रेनी सांसदों ने की विटकॉफ को हटाने की मांग, डोनबास पर दिया था बयान
यूक्रेन के सांसदों ने ट्रंप के दूत को हटाने की मांग की है. यूक्रेन के सांसद विटकॉफ के उस बयान से खफा है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत ने डोनबास (और क्रीमिया) में रूसी जनमत संग्रह को सही करार दिया था.
विटकॉफ ने कहा था कि रूस ने यूक्रेन के जिन इलाकों (दोनेत्स्क, लुहांस्क, जपोरिजिया और खेरसोन) पर कब्जा किया था, वहां के स्थानीय लोग वापस नहीं लौटने चाहते हैं. क्योंकि इन इलाकों के लोगों ने रूस के जनमत संग्रह में शामिल होकर यूक्रेन को नकार दिया है.
विटकॉफ ने हाल ही में मॉस्को का दौरा किया था और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद विटकॉफ ने खुलासा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान जब ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ था, तो पुतिन ने सलामती के लिए प्रार्थना की थी.
जपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट नहीं लौटाएंगे: रशिया
इस बीच, रूस के विदेश मंत्रालय ने जपोरिजिया परमाणु संयंत्र को यूक्रेन को लौटाने की मांग ठुकरा दी है. रूस ने परमाणु संयंत्र पर नाटो और यूक्रेन के हवाले करने से भी इंकार कर दिया है.
यूक्रेन पर हमले के बाद रूसी सेना ने जपोरिजिया प्लांट पर कब्जा कर लिया था.