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रूस में BRICS, कीव में ऑस्टिन

रूस के कजान में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले जहां चीन और भारत में नजदीकियां बढ़ी हैं, वहीं ब्रिक्स में महाशक्तियों के मिलन पर अमेरिका की भी धड़कनें बढ़ गई हैं. जबकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ये कह भी दिया है कि ब्रिक्स सम्मेलन होने का मतलब वेस्ट का विरोध करना नहीं है. फिर भी एक साथ पुतिन, जिनपिंग और पीएम मोदी के एक मंच पर साथ आने से पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री जस्टिन लॉयड यूक्रेन की राजधानी की कीव पहुंच गए हैं. ऑस्टिन ऐसे समय पर कीव पहुंचे हैं जब रूस लगातार यूक्रेन में ड्रोन अटैक कर रहा है, जिससे डरे जेलेंस्की ने नाटो देशों से लंबी दूरी की मिसाइल मांगी है. जस्टिन लॉयड ने कीव पहुंचने पर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय यूक्रेन के साथ है.

ब्रिक्स से पहले अमेरिका में खलबली, कीव पहुंचे लॉयड

ब्रिक्स की मेजबानी करने के लि रूस तैयार है तो अमेरिकी रक्षामंत्री ने कीव की ओर रुख किया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने अपने दौरे को लेकर सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर कहा कि उनकी “चौथी यात्रा बताती है कि अमेरिका के साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय यूक्रेन के साथ खड़ा है.” (BRICS पर पुतिन की West को नसीहत)

अमेरिकी रक्षामंत्री के इस दौरे की टाइमिंग कहीं ना कहीं रूस को संदेश देने के लिए है कि अगर ब्रिक्स देश उसके साथ खड़े हैं तो अमेरिका भी यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है. 

जेलेंस्की ने दिया है रूस के खिलाफ विक्ट्री प्लान

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रविवार शाम को एक वीडियो संबोधन में कहा कि फ्रांस, लिथुआनिया, नॉर्डिक देशों और यूरोपीय संघ में कई अन्य सहयोगियों ने उनकी योजना का समर्थन किया है. खुद अमेरिका उनके साथ है. क्योंकि युद्ध के शुरुआत से ही अमेरिका वो देश है जो यूक्रेन को सबसे ज्यादा हथियार और फंड मुहैया करा रहा है.

भले ही जेलेंस्की का दावा है कि विक्ट्री प्लान का देशों ने समर्थन किया है पर जर्मनी के चांसलर ओल्फ शोल्ज जो कि नाटो के साझीदार हैं, उन्होंने लंबी दूरी की मिसाइल को सप्लाई करने से एक सिरे से खारिज कर दिया. शोल्ज ने जेलेंस्की से कहा है कि “युद्ध में नाटो देश अगर शामिल हुए तो स्थिति और भयावह हो सकती है.” कुछ ऐसा ही रुख अमेरिका का भी है, क्योंकि अगले महीने अमेरिका में चुनाव है, इससे पहले अमेरिका ने भी जेलेंस्की की मांग पर मुहर नहीं लगाई है. 

हालांकि, अमेरिका ने हाल ही में एक बार फिर यूक्रेन की मदद की थी. राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कीव के लिए 425 मिलियन डॉलर के हथियार पैकेज की घोषणा की है, जिसमें अमेरिका यूक्रेन को वायु रक्षा प्रणालियां, बख्तरबंद वाहन समेत अन्य हथियार दे रहा है.

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